खेती में बीजों का अत्यधिक महत्व है, जिसके चलते सरकार द्वारा किसानों को विभिन्न फसलों के बीजों पर अनुदान दिया जाता है। इस कड़ी में उत्तर प्रदेश सरकार ने आलू उत्पादक किसानों को राहत देते हुए इस साल आलू बीज के रेट तय कर दिए हैं। सरकार ने इस साल आलू बीज की दरों में 500 रुपये प्रति क्विंटल की कमी की है। आलू बीज के दामों को कम करने से राज्य में गुणवत्ता युक्त आलू बीज की उपलब्धता में वृद्धि होगी।
प्रदेश के उद्यान, कृषि विदेश व्यापार कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि योगी सरकार में किसान हित के दृष्टिगत विभिन्न योजनाओं के माध्यम से अनुदान देने की व्यवस्था की गई है। प्रदेश के किसानों एवं आलू उत्पादकों के हित को देखते हुए वर्ष 2024-25 के लिए आलू बीज वितरण व विक्रय की दरें निर्धारित करने में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।
इस साल आलू बीज का भाव क्या है?
उद्यान मंत्री ने बताया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में राजकीय आलू बीज की उपलब्धता कृषकों को सुगम बनाए जाने के उद्देश्य से प्रदेश के किसानों को बीजोत्पादन के लिए विक्रय हेतु विभागीय दरों में 500 रूपये प्रति क्विंटल की दर से कमी करके विक्रय दर (शोध संस्थाओं एवं सरकारी संस्थाओं को छोड़कर) निर्धारित कर दी गई है।
जिसके अनुसार किसानों को इस साल आधारित प्रथम आलू 2995 रूपये प्रति क्विंटल, आधारित द्वितीय आलू 2595 रूपये प्रति क्विंटल, ओवर साइज (आधारित प्रथम) 2270 रूपये प्रति क्विंटल, ओवर साइज (आधारित द्वितीय) 2210 रूपये प्रति क्विंटल तथा आधारित प्रथम आलू ट्रुथफूल 2180 रूपये प्रति क्विंटल का बीज हो गया है। सफेद एवं लाल आलू प्रजातिओं की बीज विक्रय दरें एक समान है। इन दरों पर प्रदेश के किसान अपने जनपदीय उद्यान अधिकारी से नकद मूल्य पर बीज प्राप्त कर आलू बीज का उत्पादन कर सकते हैं।
उन्होंने प्रथम, द्वितीय तथा प्रमाणित आलू बीज उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे पहले आलू बीज की विक्रय दर आधारित प्रथम 3495, आधारित द्वितीय 3095, ओवर साइज (आधारित प्रथम) 2770, ओवर साइज (आधारित द्वितीय) 2710 तथा आधारित प्रथम ट्रुथफूल 2680 रूपये प्रति क्विंटल निर्धारित की गयी थी।
उद्यान मंत्री ने बताया कि प्रदेश में लगभग 6.96 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में आलू की बुवाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिसके लिए लगभग 24-25 लाख मेट्रिक टन आलू बीज की आवश्यकता होगी। उद्यान विभाग लगभग 40-45 हजार क्विंटल आधारित श्रेणी का आलू बीज किसानों में बीज उत्पादन के लिए वितरित करेगा। जिससे किसानों द्वारा अग्रेतर श्रेणी का बीज उत्पादन कर प्रदेश में गुणवत्ता युक्त बीज की कमी को पूरा करने में सहभागी हो सकते हैं। गुणवत्ता युक्त प्रमाणित आलू बीज से प्रदेश के आलू उत्पादन में वृद्धि होगी।
किसानों को इन दिए जाएँगे आलू की इन किस्मों के बीज
निदेशक उद्यान डॉ. विजय बहादुर द्विवेदी ने बताया कि मार्च 2023 में प्रदेश के राजकीय प्रक्षेत्रों पर उत्पादन के लिए सीपीआरआई, भारत सरकार से 9214.94 क्विंटल जनक (ब्रीडर) आलू बीज प्राप्त कर राजकीय प्रदेश के 21 राजकीय प्रक्षेत्रों पर कुल 224.83 हेक्टेयर क्षेत्रफल में आलू बीज का उत्पादन कराया गया, जिससे 45168.50 क्विंटल आधारीय एवं टी.एल. श्रेणी के आलू बीज (कुफरी बहार, कुफरी चिप्सोना-1 एवं 3, कुफरी आनन्द, कुफरी पुखराज, कुफरी सूर्या, कुफरी ख्याति, कुफरी सिंदूरी, कुफरी फ्राईसोना, कुफरी मोहन, कुफरी गंगा, कुफरी नीलकंठ, कुफरी लवकार एवं कुफरी बादशाह) का उत्पादन प्राप्त हुआ, जिससे राजकीय शीतगृह अलीगंज लखनऊ तथा मोदीपुरम, मेरठ में भण्डारित किया गया।
भण्डारित आलू बीज का प्रदेश के समस्त जनपदों को आवंटित कर किसानों के मध्य नकद मूल्य पर वितरण किया जायेगा। उन्होंने बताया कि प्रसंस्कृत प्रजातियों के लिए उत्तर प्रदेश राज्य बीज प्रमाणीकरण संस्था से पंजीकरण के उपरान्त आलू बीज उत्पादन की बैगिंग, टैगिंग पर किसानों को 25 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर की दर से अनुदान की व्यवस्था है। आलू बीज की प्रंस्करण प्रजातियां कुफरी चिप्सोना-1 एवं 3, कुफरी फ्राईसोना तथा कुफरी सूर्या हैं।