किसानों को उपज का मिलेगा उचित मूल्य, राज्यों के खरीद पोर्टल को एकीकृत करने के लिए बनाया गया एप्लीकेशन

0
9794
fasal kharid ke liye application

उपज खरीद को एकीकृत करने के लिए एप्लीकेशन

केंद्र सरकार ने सभी राज्यों में किसानों से जो न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी की जाती है एवं उसके लिए जो राज्य के किसानों से पंजीयन करवाएं जाते हैं उन्हें एकीकृत करने के लिए एक एप्लीकेशन विकसित किया है | यह एप्लीकेशन इकोसिस्टम व्यापारियों एवं बिचौलियों को दूर रखने के साथ-साथ किसानों के लाभ को ध्यान में रखते हुए, खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग ने विकसित किया है, जो निगरानी और रणनीतिक फैसला लेने के लिए न्यूनतम थ्रेसहोल्ड पैरामीटर (एमटीपी) की व्यवस्था वाले सभी राज्यों के खरीद पोर्टल के एकीकरण में मदद करेगा।

यह प्रक्रिया अक्टूबर 2021 में केएमएस 2021-22 की शुरुआत के साथ शुरू की जा चुकी है | खरीद में बिचौलियों से बचने और किसानों को उनकी उपज का सर्वश्रेष्ठ मूल्य प्रदान करने के लिए खरीद कार्यों में न्यूनतम थ्रेसहोल्ड पैरामीटर्स (एमटीपी) का इस्तेमाल करने की जरूरत पड़ी। केंद्रीय पोर्टल के साथ एकीकरण राज्यों के साथ खरीद के आंकड़ों के समाधान में तेजी लाने और केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को धन जारी करने में काफी मदद करेगा।

यह भी पढ़ें   विडियो: किसान कर्ज माफ़ी के लिए आवेदन फार्म भरने की प्रक्रिया

न्यूनतम थ्रेसहोल्ड पैरामीटर (एमटीपी) एप्लीकेशन से लाभ

इस एप्लिकेशन से किसान अपनी उपज को उचित मूल्य पर बेच सकेंगे और संकटग्रस्त बिक्री से बच सकेंगे। वहीँ खरीद एजेंसियां खरीद संचालन के बेहतर प्रबंधन के साथ, राज्य एजेंसियां ​​और भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) सीमित संसाधनों के साथ कुशलतापूर्वक खरीद करने में सक्षम होंगे।

  • किसानों/बटाईदारों का ऑनलाइन पंजीकरण: नाम, पिता का नाम, पता, मोबाइल नंबर, आधार नंबर, बैंक खाता विवरण, भूमि विवरण (खाता/खसरा), स्व-खेती या किराए पर जमीन/बटाईदारी/अनुबंध।
  • राज्य के भूमि रिकॉर्ड पोर्टल के साथ पंजीकृत किसान डेटा का एकीकरण
  • डिजिटलीकृत मंडी/ खरीद केंद्र के संचालन का एकीकरण: क्रेता/विक्रेता फॉर्म, बिक्री से होने वाली आय के बिल तैयार करना आदि।
  • किसानों को एमएसपी के सीधे और त्वरित हस्तांतरण के लिए पीएफएमएस के व्यय अग्रिम हस्तांतरण (ईएटी) मॉड्यूल के माध्यम से ऑनलाइन भुगतान।
  • सीएमआर/गेहूं वितरण प्रबंधन-स्वीकृति नोट/वेट चेक मेमो अपलोड करने और स्टॉक के अधिग्रहण पर बिलिंग का स्वत: उत्पादन (उत्तर प्रदेश मॉडल)
यह भी पढ़ें   किसानों को मक्का की 250 रूपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि दी जाएगी

भारत सरकार के प्रस्तावित एकीकृत पोर्टल पर एपीआई आधारित एकीकरण के माध्यम से डेटा भेजा जाएगा जिससे लाभान्वित किसानों/बटाईदारों, छोटे/सीमांत किसानों की संख्या, उपज, खरीद की मात्रा, भुगतान, केंद्रीय पूल स्टॉक की सूची प्रबंधन की रियल टाइम जानकारी मिलेगी

यहां यह उल्लेखनिय है कि सभी राज्यों में सूचना प्रौद्योगिकी आधारित उपकरणों के कार्यान्वयन के विभिन्न पैमाने हैं। इसके अलावा, स्थानीय आवश्यकताओं और प्रथाओं की प्राथमिकता के कारण, एक अखिल भारतीय मानक खरीद पारिस्थितिकी तंत्र मौजूद नहीं था। जिसे इस एप्लीकेशन के माध्यम से किया जा रहा है |

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here