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शनिवार, जुलाई 13, 2024
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अनुपयोगी बंजर भूमि पर लगे सोलर प्लांट से किसान को होगी 50 लाख रुपये की सालाना आमदनी

कुसुम योजना के तहत सोलर प्लांट

देश में अक्षय उर्जा के क्षेत्र में किसानों की भागीदारी बढ़ाने एवं किसानों की आय को दुगना करने के उद्देश्य से देशभर में कुसुम योजना चलाई जा रही है | कुसुम योजना के तीन कॉम्पोनेन्ट हैं- कॉम्पोनेन्ट-ए के तहत किसान अपनी भूमि पर सोलर प्लांट लगवाकर सरकार को बिजली बेच सकते हैं वहीँ कॉम्पोनेन्ट बी में किसान सब्सिडी पर सोलर पम्प लगवाकर अपने खेत में सिंचाई के लिए उसका उपयोग कर सकते हैं एवं कॉम्पोनेन्ट-सी में सोलर पम्प लगवाकर अपने खेतों की सिंचाई के आलवा बिजली बेच भी सकते हैं |

कुसुम योजना के कॉम्पोनेन्ट-ए का लाभ अब किसानों को दिया जाने लगा है इसके लिए पिछले वित्तीय वर्ष में राजस्थान एवं मध्यप्रदेश सरकार के द्वारा आवेदन भी आमंत्रित किये गए थे | इसमें राजस्थान में चयनित किसानों को योजना का लाभ भी दिया जाने लगा है |राजस्थान में पीएम कुसुम कम्पोनेन्ट–ए योजना के अंतर्गत देश के प्रथम सौर ऊर्जा संयंत्र से जयपुर जिले की कोटपुतली तहसील के भालोजी गाँव में गुरुवार को उर्जा उत्पादन आरम्भ हो गया है | सबसे बड़ी बात यह है की संयंत्र से उत्पादन होने वाली विधुत को राज्य के विधुत विभाग के द्वारा खरीदा जायेगा | जिससे संयंत्र के मालिक को प्रतिवर्ष 50 लाख रूपये की आमदनी होगी | 

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कितनी भूमि पर लगाया गया है प्लांट

पीएम कुसुम योजना के कॉम्पोनेन्ट-ए के तहत 1 मेगावाट (1000 किलोवाट) क्षमता वाले सौर उर्जा संयंत्र की स्थापना की गई है | यह संयंत्र 3.50 एकड़ भूमि पर स्थापित किया गया है तथा 1 मेगावाट क्षमता की इस परियोजना की लागत लगभग 3.70 करोड़ रुपये की है | राजस्थान में स्थापित सौर उर्जा संयंत्र 1 मेगावाट उत्पादन के लिए 25 वर्षों तक चलाया जायेगा तथा सरकार उत्पादित विधुत को खरीदेगी |

3.14 रूपये प्रति यूनिट विधुत क्रय करेगी जयपुर विद्युत वितरण निगम

सौर उर्जा संयंत्र से उत्पादन होने वाली 1 मेगावाट क्षमता वाले संयंत्र से प्रतिवर्ष 17 लाख यूनिट का उत्पादन किया जायेगा | जिसे जयपुर विधुत वितरण निगम द्वारा 3.14 रूपये प्रति यूनिट की दर पर 25 वर्षों तक किया जायेगा | जिससे कृषक को प्रति वर्ष 50 लाख रूपये का राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है |

जल्द ही 2623 सौर उर्जा संयंत्र किये जाएंगे स्थापित

राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम के अध्यक्ष एवं प्रबंधन निदेशक डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया की प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान पी.एम. कुसुम योजना भारत सरकार की महत्वकांक्षी योजना है जिसके कम्पोनेन्ट-ए का राज्य में क्रियान्वयन राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम द्वारा किया जा रहा है | इस योजना के प्रथम चरण में कुल 722 मेगावाट क्षमता की परियोजना स्थापित करने हेतु 623 सौर उर्जा उत्पादकों का चयन किया गया है | इस योजना के तहत आगामी चरणों में कुल 2600 मेगावाट क्षमता स्थापित करने की योजना हैं |

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प्रथम चरण में 623 सौर ऊर्जा उत्पादकों (एस.पी.जी.) में से 201 सौर ऊर्जा उत्पादकों द्वारा परियोजना सुरक्षा राशि जमा करा दी गई है | इनमें से 170 एस.पी.जी. ने विद्युत क्रय अनुबन्ध साइन कर लिए हैं |

5 वर्षों में 38,000 मेगावाट का किया जायेगा उत्पादन

राजस्थान के ऊर्जा मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री की अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में विकास एवं निवेश की महत्वकांक्षा योजनाएं है | राज्य सरकार द्वारा दिसम्बर 2019 में सौर ऊर्जा एवं पवन तथा हाईब्रिड ऊर्जा की नवीन नीतियाँ भी जारी की जा चुकी है | वर्ष 2025 तक कुल 38,000 मेगावाट अक्षय ऊर्जा क्षमता की स्थापना का लक्ष्य है, जिसमें रूफटॉप विकेंद्रीकृत एवं मेगा सोलर एवं हाईब्रिड पार्कों की परियोजनाएं सम्मिलित है |

6 टिप्पणी

    • किस राज्य से हैं ? सर सरकारी योजना में अधिकतम 7.5 h.p तक के ही सोलर पम्प दिए जाते हैं | सोलर प्लांट के लिए अलग-अलग योजना है | टोल फ्री नम्बर Toll-Free Number – 1800-180-3333 पर संपर्क करें |

    • जी कृषि यन्त्र सब्सिडी के लिए उत्तरप्रदेश में आवेदन होते हैं http://upagriculture.com/
      |http://upagriculture.com:81/token/mainpage.aspx दी गई लिंक ओअर आवेदन कर सकते हैं यदि जिले के लक्ष्य उओलाब्ध हो |

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