समर्थन मूल्य पर मूंग, उडद, मूंगफली एवं सोयाबीन बेचने के लिए किसान करा सकेंगे पंजीयन, सरकार ने बढ़ाई पंजीयन सीमा

मूंग, उडद, मूंगफली एवं सोयाबीन बेचने के लिए किसान पंजीयन

सभी राज्यों में अभी खरीफ फसलों की खरीदी का काम तेज़ी से चल रहा है। सरकार द्वारा सभी पंजीकृत किसानों से खरीफ फसलें जैसे धान, मूँग, उड़द, मूँगफली, सोयाबीन, मक्का आदि फसलों की खरीदी केंद्र सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जा रही है। ऐसे में जो किसान अभी तक अपनी उपज बेचने के लिए पंजीयन नहीं करा पाए थे ऐसे किसानों के लिए राहतभरी खबर आई है। राजस्थान सरकार ने राज्य में किसानों की पंजीयन सीमा में वृद्धि कर दी है। 

राजस्थान सरकार ने राज्य में तिलहन और दलहन किसानों को ज्यादा से ज्यादा न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना का लाभ देने के लिए पंजीयन के लक्ष्य में वृद्धि की है। सहकारिता मंत्री श्री उदयलाल आंजना ने बताया कि राज्य में समर्थन मूल्य पर मूंग, उडद, मूंगफली एवं सोयाबीन की खरीद के लिए पंजीयन की सीमा को 10 प्रतिशत बढ़ाया गया है।

कितने किसानों को होगा पंजीयन सीमा में वृद्धि का लाभ

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राजस्थान में दलहन तथा तिलहन की खरीदी सीमा 10 प्रतिशत की वृद्धि कर दी गई है। इससे राज्य के 41 हजार 271 किसानों को सीधे तौर पर फायदा होगा। सहकारिता मंत्री श्री उदयलाल आंजना ने बताया कि पंजीयन सीमा बढाने से मूंग के 10 हजार 775 किसान, मूंगफली के 15 हजार 856 किसान, उड़द के 2 हजार 158 किसान एवं सोयाबीन के 12 हजार 482 किसान और लाभन्वित होंगे। 

सहकरिता मंत्री ने बताया कि पंजीयन सीमा को मूंग के 368 खरीद केन्द्रों, मूंगफली के 270, उड़द के 166 तथा सोयाबीन के 83 केन्द्रों पर बढ़ाया गया है। समर्थन मूल्य पर चल रही खरीद के लिए अभी तक 67 हजार 409 किसानों ने मूंग के लिए एवं मूंगफली के लिए 22 हजार 638 किसानों ने पंजीयन कराया है।

मूंग, उडद, मूंगफली एवं सोयाबीन की कितनी खरीद की जाएगी

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राजस्थान के सहकारिता मंत्री ने बताया कि मूंग के 3.03 लाख मीट्रिक टन, उड़द के 62 हजार 508 मीट्रिक टन, मूंगफली के 4.66 लाख मीट्रिक टन एवं सोयाबीन के 3.62 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य स्वीकृत किये गये हैं।

सहकारिता मंत्री ने बताया कि प्रारंभ में 90 प्रतिशत सीमा तक कृषक पंजीयन व्यवस्था की गयी थी। न्यूनतम समर्थन पर मूल्य दलहन एवं तिलहन खरीद योजना का लाभ अधिकाधिक किसानों को उपलब्ध कराने की दृष्टि से 10 प्रतिशत और पंजीयन बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इससे स्वीकृत लक्ष्यों के अनुरूप शत-प्रतिशत सीमा तक किसान दलहन-तिलहन विक्रय हेतु पंजीयन करा सकेंगे। 

अभी तक कितने किसानों को किया गया भुगतान

राज्य सरकार के तरफ से जारी विज्ञप्ति के अनुसार राज्य में अभी तक 26 हजार 583 किसानों से 50 हजार 389 मीट्रिक टन मूंग की खरीद की जा चुकी है। जिसकी राशि 390.77 करोड़ रुपये है तथा मूंगफली की खरीद 638 मीट्रिक टन की जा चुकी है। जिसकी राशि 3.73 करोड़ रुपये है। अब तक 7 हजार 698 किसानों को 118.66 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है तथा शेष किसानों को भुगतान की प्रक्रिया जारी है। 

दलहन तथा तिलहन फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य क्या है ?

केंद्र सरकार द्वारा सभी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य MSP पहले ही घोषित कर दिया जाता है। जिस पर ही विभिन्न सरकारी एजेंसियों के माध्यम से देश भर में फसलों की खरीदी करती है। इस वर्ष के लिए खरीफ फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य इस प्रकार है :-

  • मूंग – 7755 रूपये प्रति क्विंटल
  • उड़द – 6600 रूपये प्रति क्विंटल 
  • मूंगफली – 5850 रूपये प्रति क्विंटल
  • सोयाबीन – 4300 रूपये प्रति क्विंटल
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