किसान पंजीयन कर 29 जून तक समर्थन मूल्य पर बेच सकेंगे चना एवं सरसों

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चना एवं सरसों की MSP पर खरीद

रबी सीजन की फसलों के उपार्जन का कार्य अभी भी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर चल रहा है | इसके आलावा इस वर्ष कुछ फसलों का बाजार भाव समर्थन मूल्य से अधिक होने के चलते किसान अपनी उपज सरकार को न बेच कर खुले बाजार में बेचना पसंद कर रहे हैं | ऐसे में अधिकांश किसान ऐसे हैं जिन्होंने समर्थन मूल्य पर चना एवं सरसों बेचने के लिए पंजीकरण तो करवाया है परन्तु अभी तक वह उसे बेचने नहीं गए हैं |

इसके बाबजूद भी राजस्थान सरकार ने किसानों को समर्थन मूल्य पर चना एवं सरसों खरीद एवं पंजीकरण की अंतिंम तिथि को आगे बढ़ा कर 29 जून कर दिया है | राज्य का कोई भी किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 29 जून तक पंजीकरण कर चना एवं सरसों बेच सकते हैं |

किसान पंजीकरण कर बेच सकते हैं चना एवं सरसों

राजस्थान में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरसों एवं चना की खरीद 1 अप्रेल से आरंभ की गई थी, जो अब 29 जून 2021 तक चलेगी | ऐसे में जो किसान अभी तक अपनी उपज नहीं बेच पाए हैं वह किसान अपनी उपज मंडियों में बेच सकते हैं |

राजस्थान में चना बेचने के लिए कुल 80,732 किसानों ने पंजीयन कराया था | इनमें से 80,719 किसानों को चना बेचने के लिए दिनांक आवंटित कर दी गई है | इसमें से मात्र 2,639 किसानों ने ही न्यूनतम समर्थन मूल्य पर चना बेचा है | अगर राज्य के किसी किसान ने अभी तक पंजीयन नहीं कराया है तो वह किसान अभी भी पंजीयन करवा कर अपनी उपज बेच सकते हैं |

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MSP पर चना एवं सरसों के लिए पंजीयन

किसान अपनी तहसील के अंतर्गत आने वाले ई-मित्र केंद्र पर जाकर फसल का पंजीकरण करवा सकते हैं | एक जनआधार कार्ड पर एक ही पंजीकरण मान्य होगा । एक मोबाईल नम्बर पर एक ही पंजीकरण दर्ज करवाया जा सकेगा अर्थात् प्रत्येक पंजीकरण में पृथक-पृथक मोबाइल नम्बर दर्ज होंगे, जिसमें किसान सरसों-चना के पंजीकरण दर्ज करवा सकेगा। सभी ई-मित्र जिस क्षेत्र में किसान की कृषि भूमि है उसी तहसील के कार्य क्षेत्र में आने वाले क्रय केन्द्र का चयन कर पंजीकरण कर सकेंगें, यदि कृषक/ई-मित्र द्वारा गलत तहसील भरकर पंजीकरण कराया जाता है तो ऐसे किसानों से जिन्स क्रय करना संभव नहीं होगा। अतः किसान पंजीकरण के समय पूर्ण सावधानी बरतें।

यदि दी गई डेट पर किसान उपज न बेच पाएं हो तो क्या करें ?

राज्य के सहकारिता मंत्री श्री आंजना ने कहा कि ऐसे किसान जिनको चना विक्रय के लिए दिनांक आवंटित कर दी गई थी, परन्तु वे अपना चना विक्रय नहीं कर पाए है तो ऐसे किसानों के आवेदन प्राप्त होने पर उन्हें पुन: चना तुलाई का अवसर भी दिया जा रहा है | ऐसे किसान जिनकी चना तुलाई की दिनांक निकल गई है वे संबंधित क्रय केंद्र पर चना तुलाई के लिए अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं | उन किसानों से राजफेड द्वारा नियमानुसार चना की खरीदी की जाएगी |

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चना तथा सरसों की न्यूनतम समर्थन मूल्य क्या है ?

केंद्र सरकार प्रति वर्ष 23 फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करता है | केंद्र सरकार के द्वारा घोषित मूल्य देश के सभी राज्यों के लिए एक समान है | चना तथा सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य इस प्रकार है :-

  • चना – 5100 रूपये / किवंटल
  • सरसों – 4650 रूपये / किवंटल

गौरतलब है कि इस वर्ष भारत सरकार द्वारा सरसों का समर्थन मूल्य 4650 रु. प्रति क्विंटल घोषित किया हुआ है। जबकि विभिन्न मण्डियों में सरसों समर्थन मूल्य दर से ऊपर लगभग 7200 रु. प्रति क्विंटल तक बिक रहा है। राज्य में सरसों के बाजार भाव समर्थन मूल्य दर से अधिक होने के कारण किसानों को सरसों का अधिक लाभकारी मूल्य प्राप्त हो रहा है।

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