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सोमवार, मई 27, 2024
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बिजली चोरी करने वाले किसानों पर लगेगा 6 लाख रुपए का जुर्माना, सरकार ने सर्कुलर लागू करने से किया इनकार

किसानों पर कृषि क्षेत्र में बिजली चोरी करने पर जुर्माना

अभी भी देश में सभी किसानों तक बिजली नहीं पहुँची और न ही अधिकांश किसानों के पास सिंचाई के लिए नलकूप है। कई किसानों ने तो बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन दे रखें हैं परंतु अभी तक उनके खेतों तक बिजली कनेक्शन नहीं पहुँचे हैं, फिर भी हाल ही में हरियाणा बिजली निगम द्वारा एक सर्कुलर जारी किया गया था जिसमें किसान को बिजली चोरी करते हुए पाए जाने पर 6 लाख रुपए तक के जुर्माने की बात कही गई थी।

जिसपर हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने बिजली निगमों द्वारा किसानों पर कृषि क्षेत्र में बिजली चोरी पर लगाए जाने वाले जुर्माना सर्कुलर को वापिस ले लिया है। उन्होंने कहा कि यह सर्कुलर एचईआरसी द्वारा की गई सिफारिश पर जारी किया गया था, लेकिन सरकार एचईआरसी के आदेश को मानने के लिए बाध्य नहीं है।

लागू नहीं किया जाएगा सर्कुलर

मुख्यमंत्री ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि निगमों द्वारा जारी इस सरकुर्लर से किसानों पर बहुत बड़ा जुर्माना तय हो रहा था। इस सर्कुलर में जुर्माने की राशि 6 लाख रुपए तक बना दी गई थी। जबकि पहले किसी किसान का यदि कोई डिफॉल्ट मिलता था तो उस पर 2000 रुपए से लेकर 20000 रुपए तक जुर्माना लगता था। जैसे ही सरकार को इस सर्कुलर के बारे जानकारी मिली तो हरियाणा सरकार ने यह निर्णय लिया कि किसान हित में हम इस सर्कुलर को लागू नहीं होने देंगे।

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उन्होंने कहा कि लगभग 6 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि सरकार द्वारा बिजली निगमों को कृषि क्षेत्र की फीडरों में सुधार के लिए दी जा रही है। साथ ही सरकार किसानों से 10 पैसे प्रति युनिट टयूबवैल की बिजली का बिल ले रही है, लेकिन जुर्माना भारी मात्रा में लगाना ठीक नहीं है।

सरकार ने जारी किए 61 हजार टयूबवैल  बिजली कनैक्शन

मुख्यमंत्री ने प्रेस वार्ता में बताया कि सरकार ने 61500 नए टयूबवैल बिजली कनैक्शन जारी किए हैं। इसके अलावा कुसुम योजना के तहत भी 50 हजार से अधिक सोलर बिजली कनैक्शन प्रदान किए गए हैं। इस प्रकार एक लाख से अधिक टयूबवैल बिजली कनैक्शन किसानों को देकर बहुत बड़ी राहत प्रदान की गई है।

उन्होंने किसानों का आह्वान किया है कि वे बिजली चोरी न करें। सरकार ने घरेलू व औद्योगिक बिजली के इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार किया है। इसके अलावा वर्ष 2014 में जो लाईन लोस 34 प्रतिशत था वह घटकर 11 प्रतिशत हो गया है। इससे बिजली निगमों को बहुत बड़ा लाभ हुआ है।

अंत्योदय परिवारों के बिजली बिल किए जा रहे हैं माफ

मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रदेश के अति गरीब परिवारों के लिए जिनके बिजली के कनेक्शन कट गए हैं उनको बड़ी राहत प्रदान करते हुए अंत्योदय ऊर्जा सुरक्षा योजना की घोषणा की गई है। इस योजना के तहत अंत्योदय परिवार, जिनकी सालाना आय एक लाख रुपए से कम है और बिजली बिलों की बकाया राशि के कारण उनके बिजली के कनेक्शन कट चुके हैं, ऐसे परिवारों की बकाया राशि को माफ करके उन्हें बिजली के कनेक्शन तुरंत दिए जाएंगे।

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उन्होंने कहा कि ऐसे अंत्योदय परिवारों के बकाया बिजली बिलों की मूल राशि का 50 प्रतिशत या अधिकतम 1 साल का औसतन बिजली बिल, जो भी कम हो, उतनी राशि उनसे ली जाएगी। उदाहरण के तौर पर यदि किसी परिवार का औसतन सालाना बिजली बिल 8000 या 10000 रुपए बनता है और उनकी कुल बकाया राशि 6000 रुपए है, तो इस 6000 रुपए की राशि में से 3000 रुपए की राशि ही ऐसे परिवारों से ली जाएगी और यदि किसी का बिल 20000 से ज्यादा है तो 1 साल का 10000 रुपए वही राशि ली जाएगी। इस राशि को भी किस्तों में अगले बिलों में जोड़ कर लिया जाएगा।

सभी गांवों में मिलेगी 24 घंटे बिजली

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा देश का पहला ऐसा राज्य है जहां ग्रामीण क्षेत्र के अंदर 80 प्रतिशत गांवों में 24 घंटे बिजली मिल रही है। वर्ष 2014 में 105 गांव में बिजली आपूर्ति होती थी, लेकिन हमारे प्रयासों के फलस्वरूप आज 5694 गांवों को 24 घंटे बिजली मिल रही है और इस वर्ष के अंत तक बाकी बचे गांवों में भी इंफ्रास्ट्रक्चर व अन्य कमियों को दूर करके 24 घंटे बिजली आपूर्ति के दायरे में लेकर आएंगे।

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