किसान आन्दोलन: आज किसानों का शांतिपूर्ण भारत बंद का आह्वान

आज किसानों का भारत बंद

तीन नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर किसान संगठनों ने मंगलवार को भारत बंद का ऐलान किया है। कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए किसानों को 12 दिन हो चुके हैं और किसान लगातार दिल्ली कूच कर रहे हैं | इस बीच किसान संगठनों के प्रतिनिधियों और सरकार के बीच 3 बार बातचीत हो चुकी है परन्तु अभी तक कोई नतीजा नहीं निकला है | ऐसे में किसानों ने 8 दिसम्बर को पूरे देश में भारत बंद का आह्वान किया है | भारत बंद के आह्वान को विपक्षी दलों एवं अन्य कई संगठनों का समर्थन मिला है |

किसानों के इस भारत बंद को अब तक 8 राज्य सरकारों का समर्थन मिल गया है। इनमें दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, झारखंड, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, केरल और महाराष्ट्र सरकार शामिल हैं। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने किसानों की मांगों का समर्थन किया है, लेकिन भारत बंद को समर्थन नहीं दिया है। इस बीच, किसान संगठनों ने भी साफ कर दिया है कि भारत बंद के दौरान किसानों के मंच पर किसी भी राजनीतिक दल के नेता को जगह नहीं दी जाएगी।

शांतिपूर्ण तरीके से हो भारत बंद

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किसान संगठन के नेता दर्शनपाल सिंह ने कहा है कि मंगलवार को सुबह से शाम तक भारत बंद होगा एवं चक्का जाम सिर्फ़ दोपहर 3 बजे तक रहेगा | इमरजेंसी सेवाएं, एम्बुलेंस जारी रहेंगी | कोई ज़ोर ज़बरदस्ती नहीं होगी | उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों का धन्यवाद, उन्होंने समर्थन दिया, लेकिन निवेदन है कि वे अपना झंडा बैनर किसानों के प्रदर्शन से दूर रखें | उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ़ से अभी तक कोई मसौदा नहीं आया है, हम इंतज़ार कर रहे हैं |

सिंघु बॉर्डर से किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि जैसा पब्लिक सपोर्ट मिल रहा है चार घंटों के संपूर्ण बंद में सफलता की उम्मीद है। आम जनता ड्यूटी के लिए 10 बजे से पहले ऑफिस जा सकती है। जो जहां संभव हो वहां बंद करे, लोग अपना गांव अपनी सड़क के तहत NH पर बैठें। दुकानदार लंच के बाद दुकानें खोलें |

दिल्ली की सभी मंडिया बंद रहेंगी

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आज़ादपुर मंडी के चेयरमैन आदिल अहमद खान ने बताया कि किसानों द्वारा 8 दिसंबर को भारत बंद का समर्थन में आज़ादपुर मंडी समेत दिल्ली की सभी मंडियों के व्यपारियों ने मंडी में व्यापार बंद करने का निर्णय लिया है | आज़ादपुर मंडी के सभी गेटों पर व्यापारियों ने भारत बंद के समर्थन में बैनर लगाए हैं |

ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस चक्का जाम करेगी

ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस ने किसानों के समर्थन में 8 दिसंबर को चक्का जाम करने का फैसला किया है | परिवहन संघ, ट्रक यूनियन, टेंपो यूनियन सभी ने बंद को सफल बनाने का फैसला किया है |

सिंघु बॉर्डर पर पहुंचे अरविंद केजरीवाल

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सोमवार की सुबह सिंघु बॉर्डर किसानों के लिए हुए इंतजाम का जायजा लेने पहुंचे | उन्होंने कहा कि वो यहां पर स्वच्छता और पानी वगैरह का इंतजाम देखने आए हैं | केजरीवाल ने कहा, ‘हमारी पूरी सरकार MLA, पार्टी के कार्यकर्ता, और मैं खुद, हम लोग एक सेवादार की तरह किसानों की सेवा में लगे हुए आज हमें मुख्यमंत्री के तौर पर नहीं आया एक सेवादार के तौर पर आया हूं किसानों की सेवा करने के लिए आया हूं | किसान 24 घंटे मेहनत करके खून पसीना बहा कर हमारी सेवा कर रहे हैं आज किसान मुसीबत में है हम सब देशवासियों का फर्ज है कि किसानों के साथ खड़े हो और उनकी सेवा करें.’ उन्होंने भारत बंद को भी अपना समर्थन दिया |

समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव को पुलिस ने हिरासत में लिया।

किसान आंदोलन के समर्थन में कन्नौज में होने वाली “किसान यात्रा” की शुरुआत कर रहे उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव को सोमवार को उनके घर के पास हिरासत में ले लिया गया | अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी किसानों के हर आंदोलन का समर्थन करती है। मुख्यमंत्री जी ये बताएं धान कितने में खरीदा गया है किसानों से, मक्के की क्या कीमत दी गई थी और गन्ने की फसल का अभी तक बकाया है किसानों का, ये कब बताएगी सरकार |

अवार्ड वापस करने जा रहे खिलाडियों को रोका गया

कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों के समर्थन में राष्ट्रपति भवन की ओर जा रहे खिलाड़ियों को सुरक्षाबलों ने रोका। पूर्व रेसलर करतार सिंह ने बताया, “आज हम राष्ट्रपति जी को अपने सारे अवार्ड वापस करने जा रहे हैं और उनसे अनुरोध करेंगे कि कृषि कानून को वापस लें।”

5 दौर की बातचीत बेनतीजा, अब 9 दिसंबर को होगी बातचीत

कृषि कानून पर किसानों और केंद्र सरकार के बीच 5 दौर की बातचीत हो चुकी है। इन सभी में अब तक कोई नतीजा नहीं निकल पाया है। किसान पूरे कानून को ही खत्म करने की मांग कर रहे हैं, जबकि केंद्र सरकार किसानों को इन कानूनों में संशोधन की बात कह रही है। अब 9 दिसंबर की सुबह 11 बजे फिर से किसान नेताओं और केंद्र सरकार के बीच 6वें दौर की बैठक होनी है। इसके पहले केंद्र सरकार की तरफ से किसान नेताओं को प्रस्ताव दिया जाएगा। किसान नेता उस प्रस्ताव पर आपस में चर्चा के बाद केंद्र सरकार के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत करेंगे।

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