मंडी में ही किसानों को किया जा सकेगा 2 लाख रुपये तक का भुगतान

किसानों को मंडी में उपज बेचने पर भुगतान

खरीफ फसल की कटाई हो गई है या फिर कुछ राज्यों में चल रही है | इसके लिए किसानों से पंजीयन करवा लिए गए है | किसान ने अपनी फसल को मंडी में लेकर जाना शुरू भी कर दिया है लेकिन एक बड़ी समस्या यह रहती है कि फसल उपज को बेचने पर किसानों का भुगतान जल्द नहीं हो पाता है | जिसके कारण किसानों को उपज बेचने पर भी पैसे से मोहताज रहना पड़ता है | इसका मुख्य कारण यह है कि व्यापारी को बैंक से उतना पैसा नहीं मिलता है जितना की उसे प्रतिदिन खरीदी होती है |

व्यापारी किसानों को पैसे का बहाना बनाकर ऑनलाइन या चेक से पैसा देने में बहुत समय लगा देते है | जिससे किसानों के बहुत से काम रुक जाते हैं | कभी – कभी मंडी में विवाद की स्थिति बन जाती है |इस समस्या से निपटने के लिए सरकार ने किसानों को जल्द भुगतान हो सके इसके लिए प्रावधान किया है |

अब किसानों को 2 लाख रूपये की भुगतान किया जा सकेगा

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इसी समस्या के निदान के लिए मध्यप्रदेश राज्य सरकार ने किसानों के भुगतान की सीमा को 2 लाख कर दिया है | राज्य सरकार की तरफ से जारी विज्ञप्ति के अनुसार कृषि उपज मंडी समितियों में किसानों को उनकी उपज बेचने पर 2 लाख रूपये तक के नगद भुगतान की व्यवस्था की गई है | बैंकों से एक करोड़ रूपये से अधिक नगद आहरण पर टीडीएस कटौती के आयकर प्रावधानों से मंडियों में नगद भुगतान कठिनाई आई तो तुरन्त भारत सरकार का ध्यान आकर्षित किया गया |

राज्य की मंडियों को ई-नाम से जोड़ा जायेगा

राष्ट्रीय कृषि बाजार योजना के दिवतीय चरण में राज्य सरकार द्वारा 25 कृषि उपज मंडियों को ई – नाम योजना से जोड़ा गया है | मंडी बोर्ड द्वारा 16 अगस्त 2019 से प्रदेश की सभी मंडियों में एक साथ ई – अनुज्ञा प्रणाली लागू कर 4 लाख से ज्यादा ई – अनुज्ञा जारी किये गए हैं | इससे मंडी व्यापारियों का समय बचा है | प्रदेश में 27 मंडी प्रांगन में सोलर एनर्जी प्लांट भी स्थापित किये गए है |

किसानों को दिलाया जाएगा सही दाम

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किसान मंडी में अपनी फसल को लागत मूल्य से भी कम मूल्य पर बेचते हैं | जिसके कारण किसान लगातार घाटे में चले जाते हैं | इसके लिए किसानों को लागत मूल्य को लेकर सरकार से सवाल रहता है | इसी को ध्यान में रखते हुये मध्यप्रदेश सरकार ने कृषकों को मंडी प्रांगण में संतुष्टि अनुरूप मूल्य प्राप्त नहीं होने पर चार माह की नि:शुल्क सुविधा और 80 प्रतिशत राशि कृषि उपज का भुगतान करने के लिए कोलेटेरल मैनेजमेंट एजेंसिस के चयन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है |

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