किसान 75 प्रतिशत तक की सब्सिडी पर गोदाम Godown बनवाने के लिए आवेदन करें

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अनुदान पर गोदाम Godown निर्माण हेतु आवेदन

देश में फसलों का उत्पादन लगातार बढ़ता जा रहा है परन्तु उपज को रखने के लिए अभी भी देश में पर्याप्त वेयरहाउस गोदाम अभी उपलब्ध नहीं है | इसको देखते हुए सरकार किसानों को उपज के सुरक्षित भंडारण करने के लिए गोदाम Godown के निर्माण पर अनुदान दे रही है | जिससे किसान अपनी फसलों को गाँव में ही सुरक्षित रूप से भंडारित कर सकें | उपयुक्त भंडारण के आभाव में अनाज की क्षति होती है | बिहार राज्य सरकार द्वारा किसानों से सब्सिडी पर गोदाम निर्माण के लिए आवेदन आमंत्रित किये हैं | बिहार राज्य के इच्छुक किसान योजना का लाभ लेने के लिए प्रातः 9 बजे से सायं 6 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं |

ग्रामीण स्तर पर अनाजों के सुरक्षित भंडारण तथा कृषि आधारित उद्यमिता के विकास के लिए राष्ट्रीय कृषि विकास योजना–रफ़्तार एवं इसकी उप-योजना हरित क्रांति योजना अंतर्गत विपणन सहायता के लिए भण्डारण की सुविधा हेतु गोदाम निर्माण की योजना ली गई है जिसकी क्षमता 200 मीट्रिक टन होगी | भंडारण की व्यवस्था होने से किसान कृषि उत्पादों का सुरक्षित भंडारण कर अधिक लाभकारी मूल्य प्राप्त कर सकते है | यदि राज्य सरकार को किसी भी योजना में गोदाम की आवश्यकता होगी तो गोदाम, लाभान्वित कृषकों द्वारा राज्य सरकार को उपलब्ध कराना होगा | किसान समाधान आपके लिए गोदाम निर्माण के लिए योजना की पूरी जानकारी लेकर आया है |

क्या है गोदाम निर्माण के लिए अनुदान प्राप्त करने की पूरी योजना

सब्सिडी हेतु लाभार्थी किसानों की चयन की प्रक्रिया :-

  • निर्धारण भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्य के अन्तर्गत अनुसूचित जाति के कृषकों के लिए 16% एवं अनुसूचित जनजाति के कृषकों के लिए 01% प्रतिशत का आरक्षण तथा सीमांत एवं लघु कृषक की भागीदारी 33 % सुनिश्चित किया जायेगा |
  • जिलों के लिए स्वीकृत राशि से यह भी प्रयास किया जाये कि लाभुकों में से न्यनतम 30 प्रतिशत महिला कृषकों की भागीदारी हो |कृषि समन्वयक/प्रखंड कृषि पदाधिकारी की अनुशंसा हो |
  • “पहले आओ पहले पाओ’ के आधार पर कृषक का चयन किया जायेगा |
  • कृषक के साथ –साथ कृषकों के स्वयं सहायता समूह को भी योजना का लाभ दिया जायेगा |
  • गोदाम निर्माण में कृषकों के स्वयं सहायता समूह, बिहार राज्य बीज निगम द्वारा पंजीकृत बीज उत्पादक, समूहों, एग्रिगेटर एवं Farmers Producer Organization (FPOs) को प्राथमिकता दी जायेगी |
  • ऐसी भूमि पर गोदाम निर्माण कराया जाये जहाँ सभी मौसमों में वाहन के अवागमन की सुविधा हो |
  • गोदाम निर्माण हेतु किसान के पास भूमि हो जिस पर कृषक का स्वामित्व हो एवं उसकी जमाबंदी कृषक के नाम से हो |
  • योजना के तहत गोदाम निर्माण का लाभ एक किसान को एक बार ही देय होगा | एक परिवार से एक ही व्यक्ति को लाभ दिया जायेगा | पूर्व में यदि किसी किसान अथवा उनके परिवार के किसी सदस्य को इस योजना अथवा किसी अन्य योजना से गोदाम निर्माण का लाभ दिया गया है तो किसान को गोदाम निर्माण का लाभ नहीं दिया जायेगा |

आवेदन की प्रक्रिया :-

  • आवेदन द्वारा सर्वप्रथम कृषि विभाग के DBT पोर्टल पर पंजीकरण किया जायेगा | पंजीकरण करने के उपरांत गोदाम निर्माण हेतु आँनलाइन आवेदन किया जायेगा | आवेदन सत्यापन के लिए संबंधित कृषि समन्वयक को भेजा जायेगा |
  • कृषि समन्वयक के सत्यापन के बाद आवेदन जिला कृषि पदाधिकारी के स्तर पर निर्गत होगा | जिला कृषि पदाधिकारी के सत्यापन के बाद कार्यादेश एवं स्वीकृति पत्र निर्गत किया जायेगा |
  • कार्यादेश एवं स्वीकृति पत्र के साथ आवेदन संबंधित जिला के सहायक निदेशक (कृषि अभियंत्रण) एवं कृषि समन्वयक को भेजा जायेगा | सहायक निर्देशक (कृषि अभियंत्रण) एवं कृषि समन्वयक को भेजा जायेगा | सहायक निदेशक (कृषि अभियंत्रण) संबंधित आवेदक के मापी पुस्तिका पर काम करेंगे एवं कृषि समन्वयक संबंधित आवेदक के द्वारा किये गये कार्य की समीक्षा करते हुए रिपोर्ट अपलोड करेंगे |
  • सहायक निदेशक (कृषि अभियंत्रण), कृषि समन्वयक की जाँच रिपोर्ट एवं मापी पुस्तिका को आवेदन में अपलोड करते हुए जिला कृषि पदाधिकारी को स्वीकृति के लिए अनुशंसा करेंगे | जिला कृषि पदाधिकारी के स्तर पर CFMS से Integration का प्रावधान किया जा रहा है जिससे अनुदान राशि अंतरण किया जायेगा |
  • पंजीकरण से लेकर आवेदन सत्यापन एवं अनुदान स्वीकृति की प्रक्रिया SMS से जोड़ा गया है जिसकी मदद से अधतन स्थिति आवेदन का आवेदक को दिया जायेगा |
  • MIS Generation की व्यवस्था जिला एवं मुख्यालय स्तर पर की जाएगी |

आवेदन की जाँच :-

आवेदन की जाँच कृषि समन्वयक के द्वारा की जायेगी | आवेदन जाँच की प्रक्रिया अधिक से अधिक 5 (पाँच) दिनों में निश्चित रूप से पूर्ण कर ली जायेगी | यह जाँच किसानों के द्वारा आवेदन में उल्लेखित स्थल पर जाकर की जायेगी | अन्य बातों के अतिरिक्त यह देखा जायेगा कि आवेदक प्रगतिशील किसान है या नहीं तथा उन्हें वास्तव में गोदाम की आवश्यकता है या नही | जमीन के कागजातों की जांचकर सुनिश्चित किया जायेगा कि जमाबंदी आवेदक के नाम पर है |

आवेदन की स्वीकृति :-

कृषि समन्वयक के सत्यापन के बाद आवेदन जिला कृषि पदाधिकारी के स्तर पर निर्गत होगा | जिला कृषि पदाधिकारी के सत्यापन के बाद कार्यादेश एवं स्वीकृति पत्र निर्गत किया जायेगा | स्वीकृति पत्र में किसानों को देय अनुदान तथा भगतान की प्रक्रिया एवं गोदाम निर्माण पूर्ण करने की तारीख का स्पष्ट रूप से उल्लेख होगा | स्वीकृति पत्र में गोदाम का उपयोग किसी भी स्थिति में अन्न भंडारण के अतिरिक्त अन्य प्रयोजन के लिए नहीं किया जाने का उल्लेख भी किया जायेगा | स्वीकृति पत्र की एक प्रतिलिपि संबंधित सहायक निदेशक (कृषि अभियंत्रण) एवं कृषि समन्वयक को भी दी जायेगी जिससे की गोदाम निर्माण के क्रम में उक्त कर्मियों के द्वारा इसकी जाँच की जा सके |

स्वीकृति पत्र की दो मूल प्रतिया तैयार की जायेगी एवं उन पर किसान का भी हस्ताक्षर प्राप्त किया जायेगा | एक प्रति कार्यालय में संधारित किया जायेगा एवं द्वितीय प्रति आवेदक किसान को, प्राक्कलन के साथ, उपलब्ध कराया जायेगा | निर्मित गोदाम में कृषि के अतिरिक्त अन्य कार्य नहीं किया जायेगा | जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा लाभुक से इस संबंध में निश्चत रूप से एग्रिमेन्ट लिया जायेगा |

गोदाम (Godown) निर्माण की प्रक्रिया : –

  • निर्माण के लिए जमीन की व्यवस्था किसान स्वयं करेंगे एवं किसान को जमीन के स्वामित्व के संबंध में साक्ष्य (जमाबंदी) उपलब्ध कराना होगा |
  • स्वीकृत प्राक्कलन के अनुसार किसान गोदाम निर्माण करायेंगे | लाभुक किसान कार्य प्रारम्भ करने की सूचना जिला कृषि पदाधिकारी को देंगे | जिला कृषि पदाधिकारी कार्य प्रारम्भ करने के दिन सहायक निदेशक (कृषि अभियंत्रण) की उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे | सहायक निदेशक, कृषि अभियंत्रण अपनी उपस्थिति में ले-आउट करायेंगे |
  • जिला कृषि पदाधिकारी, सहायक निदेशक (कृषि अभियंत्रण) के तकनीकी पर्यवेक्षण में निर्माण कार्य करायेंगे तथा मापी पुस्त का संधारण करायेंगे | जिला कृषि पदाधिकारी सत्यापित मापीपुस्त निर्गत करेंगे एवं मापीपुस्त को क्रमांकित करते हुए निर्गत किये गये मापीपुस्त की सुचना एक पृथक पंजी में संधारित करेंगे |
  • निर्माण कार्य तकनीकी विशिष्टियों के अनुरूप होने का सत्यापन संबंधित जिला/प्रमंडल में पदस्थापित सहायक निदेशक (कृषि अभियंत्रण) करेंगे |
  • किसान को निर्धारित तिथि तक गोदाम निर्माण का कार्य सम्पन्न कर लेना होगा अन्यथा राशि व्ययगत होने की स्थिति में अनुदान की राशि का भुकतान नहीं किया जायेगा |
  • गोदाम पूर्ण होने के पश्चात यथाशीघ्र लाभुक किसान इसकी सुचना जिला कृषि पदाधिकारी को देंगे | सुचना प्राप्ति के अधिकतम 15 दिनों के अन्दर इसकी जाँच कंडिका – 5.1 के अनुसार जिला कृषि पदाधिकारी के द्वारा सुनिश्चित की जायेगी |
  • किसान 200 मे० टन से अधिक क्षमता के गोदाम का निर्माण कर सकते है परन्तु अनुदान की राशि 200 मे० टन के लिए निर्धारित राशि तक ही सीमित होगी |
  • मॉडल प्राक्कलन के अनुसार गोदाम के छत का निर्माण एस्वेस्ट्स से कराया जायेगा | आर.सी.सी. छत मान्य नहीं होगा |

निर्मित गोदाम का भौतिक / उपयोगिता सत्यापन :-

अनुदानित दर पर बनाये गये गोदाम का भौतिक सत्यापन / उपयोगिता सत्यापन किसान के घर जाकर अनुमंडल कृषि पदाधिकारी / प्रखंड कृषि पदाधिकारी के द्वारा किया जायेगा | सत्यापन पदाधिकारी के द्वारा विहित प्रपत्र (अनुसूची-5) में भौतिक सत्यापन / उपयोगिता सत्यापन प्रतिवेदन जिला कृषि पदाधिकारी की समर्पित किया जायेगा | तदुपरांत सहायक निदेशक (कृषि अभियंत्रण) द्वारा गोदाम की तकनीकी जाँच कर प्रतिवेदन विहित प्रपत्र में अपलोड किया जायेगा (जाँच का प्रपत्र अनुसूची-6 पर संलग्न) | जिला कृषि पदाधिकारी जाँच से संतुष्ट होकर अनुदान भुगतान की कारवाई करेंगे | जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा सत्यापन पदाधिकारी से अनुशंसा एवं कृषि अभियंता से जाँच प्रतिवेदन प्राप्त होने के 7 (सात) दिनों के अन्दर का भुगतान DBT के माध्यम से लाभुक को किया जायेगा |

गोदाम निर्माण पर लाभार्थियों को दिया जाने वाला अनुदान

  • सामान्य श्रेणी – रु० 5.00 लाख प्रति इकाई अथवा लागत का 50 % जो भी कम हो |
  • अनु० जाति / अनु० जनजाति – रु० 9.00 लाख प्रति इकाई अथवा लागत का 75 % जो भी कम हो (रु० 6.00 लाख प्रति इकाई राष्ट्रीय कृषि विकास योजना–रफ्तार / हरित क्रांति उप योजना एवं रु० 3.00 लाख प्रति इकाई राज्य योजना से अतिरिक्त सहायता)
अनुदान भुगतान की प्रक्रिया
  • सामान्य श्रेणी के किसानों के लिए :- जाँच पत्र पर सहायता निदेशक (कृषि अभियंत्रण) की अनुशंसा के आलोक में जाँच पत्र समर्पित होने के अधिकतम 15 दिनों के अंतर्गत लाभुक किसान को अनुदान राशि का भुकतान DBL के माध्यम से किया जायेगा |
  • अनु० जाति / अनु० जनजाति श्रेणी के किसानों के लिए :- अनुदान की राशि का भगतान दो किस्तों में किया जायेगा |

प्रथम क़िस्त :- लिन्टल कार्य के पश्चात मापी का 75 % राशि अथवा 4.50 लाख तक जो भी कम हो |

द्वितीय क़िस्त :- कार्य पूरा होने के पश्चात पूरी मापी का 75 % राशि अथवा पूर्व में भुगतान की गई राशि को जोड़कर 9.00 लाख तक जो भी कम हो |

  • विशेष परिस्थिती :- यदि कृषि अभियंता के द्वारा गोदाम की क्षमता 200 मे० टन से दस प्रतिशत तक कम पायी जाती है वैसी परिस्थिती में किसान को उसी अनुपात (pro-rata basis) में अनुदान की राशि काटकर अनुदान की राशि का भुगतान किया जायेगा |
  • अनु० जाति / अनु० जनजाति के लाभुक किसान प्रत्येक क़िस्त के लिए निर्धारित स्तर तक कार्य पूरा होने के पश्चात अनुदान की राशि का भुगतान हेतु जिला कृषि पदाधिकारी को आवेदन देंगे | जिला कृषि पदाधिकारी मापी-पुस्तक की जाँच एवं किये गये कार्य के भौतिक सत्यापन के पश्चात अनुदान की राशि का DBT के माध्यम से भगतान करेंगे |

अनुदान पर गोदाम Godown निर्माण हेतु अन्य जानकारी

निर्मित गोदाम पर बड़े-बड़े अक्षरों में योजना का नाम / लाभुक का नाम / प्राक्कलित राशि / अनुदान की राशि / स्वीकृति वर्ष / बिहार सरकार, कृषि विभाग द्वारा सहायता प्राप्त करने का उल्लेख अनुसूची – 8 के अनुसार करना अनिवार्य होगा |

धोखाधड़ी द्वारा प्राप्त की गयी अनुदान की राशि की वसूली एवं दण्डात्मक कारवाई / शपथ पत्र  भौतिक सत्यापन / उपयोगिता सत्यापन / जाँच की प्रक्रिया में यदि ऐसा पाया जाता है की किसानों द्वारा गोदाम का निर्माण नहीं कराया गया है या किसी प्रकार की गलत सुचना देकर अनुदान प्राप्त किया गया है या गोदाम का अन्न भंडारण के आलावा किसी अन्य कार्य के लिए उपयोग किया जाता है तो मुझसे अनुदान की राशि वसूल की जायेगी एवं मै स्वयं जिम्मेवार होऊंगा | मेरे विरुद्ध सम्मत कारवाई की जायेगी | आवेदक से इस संदर्भ में शपथ पत्र अनुसूची – 4 में लिया जायेगा |

गोदाम निर्माण का प्राक्कलन एवं नक्शा :-

गोदाम के निर्माण में मिट्टी का कार्य अनुमान्य नहीं होगा | गोदाम का निर्माण के लिए सुलभ प्रसंग हेतु बिहार राज्य भंडार निगम, पटना द्वारा तैयार प्राक्कलन एवं नक्शा संलग्न किया जा रहा है (अनुसूची -9) | मानक प्राक्कलन में वर्णित हैड टयूबवेल एवं शौचालय निर्माण की बाध्यता नहीं है | इस प्रकार गोदाम निर्माण की प्राक्कलित राशि 12,20,046.00 रु० होगी |

Godown गोदाम निर्माण हेतु नक्शे सम्बंधित जानकारी डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें 

महत्वपूर्ण बिन्दु :-

  • आवेदक के द्वारा आँनलाइन आवेदन करना |
  • स्वीकृति पत्र के साथ प्राक्कलन एवं नक्शा उपलब्ध कराना |
  • ले-आउट के समय सहायक निदेशक (कृषि अभियंत्रण) की उपस्थिति सुनिश्चित करना |
  • प्रत्येक गोदाम के लिए एक कृषि पदाधिकारी / कर्मी को सम्बद्ध करना |
  • सम्बद्ध पदाधिकारियों / कर्मियों के साथ गोदाम निर्माण कार्य की प्रगति का पाक्षिक समीक्षा करना |

गोदाम Godown निर्माण हेतु आवेदन करने के लिए क्लिक करें

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