यह कीट गर्मियों में मक्के की फसल को पूरी तरह बर्बाद कर सकता है

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Army Fall Blast insect

जायद की मक्का फसल में फाल आर्मी वोर्म कीट का प्रकोप

किसान भाई अभी ग्रीष्म कालीन मक्का का सीजन चल रहा है | यह वह समय रहता है जिसमें किसान अपनी रबी फसल काट कर मक्का की फसल को बोते हैं | यह किसानों के द्वारा एक ही खेत में तीसरी फसल ली जाती है | देश के कुछ जिलों में एक वर्ष में दो बार मक्के की फसल की जाती है | ऐसे में मक्के पर रोग तथा कीट का प्रकोप ज्यादा होने की उम्मीद रहती है | अभी किसानों के खेत में मक्का लगा हुआ है उसमें कई तरह के कीट का आक्रमण जारी है , इस मौसम में सबसे ज्यादा फाल आर्मी वर्म का प्रकोप होता  है | जिससे निजात पाना जरुरी है | किसान समाधान जायद (गर्मियों) के मक्के की फसल में लगे हुये कीट को रोकथाम के लिए उपयुक्त जानकारी लेकर आया है |

फाल आर्मी वर्म कीट से कैसे छुटकारा पायें ?

किसान भाई इस बात का ध्यान रखना होगा की किसी भी कीट का प्रकोप का दो कारण से होता है एक तो तत्कालिक कारण तथा दूसरा खेत की मिट्टी से जुडा रहता है इसलिए दोनों जाकारी लेकर आया है |

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खेत की तैयारी इस तरह करें

ग्रीष्म कालीन गहरी जुताई करने शंखी अवस्था को नष्ट करें | समय पर बुवाई करें | मानसून वर्ष के साथ बुआई करें, विलंब न करें | अनुशंसित पौध अन्तरण पर बुआई करें | संतुलित उर्वरक का अनुशंसित मात्रा में, विशेषकर नत्रजन की मात्रा का प्रयोग अधिक न करें | जिन क्षेत्रों में खरीफ का मक्का ली जाती है उन क्षेत्रों में ग्रीष्म कालीन मक्का न लें तथा अनुशंसित फसल चक्र अपनाएं | अंतरवर्ती फसल के रूप में दलहनी फसल मुंग उड़द लगायें एवं प्रारंभिक अवस्था में लकड़ी का बुरादा, राख एवं बाराक रेट पौधे की पोंगली में डालें |

जैविक तथा रासायनिक रोकथाम इस प्रकार करें

जैविक कीटनाशक के रूप में बी.टी. 1 किलोग्राम प्रति हेक्टयर अथवा बिबेरियाना 1.5 ली. प्रति हैक्टेयर की छिडकाव सुबह अथवा शाम के समय करें | लगभग 5 प्रतिशत प्रकोप होने पर रासायनिक कीटनाशक के रूप में फ्लूबेंन्डामाइट 20 डब्लू डी जी 250 ग्राम प्रति हेक्टयर या स्पाइनोसेड 15 ईसी, 200 – 250 ग्राम प्रति हेक्टयर या इथीफनप्राक्स 10 ईसी 1 लीटर प्रति हेक्टयर या एमिमामेकिअन बेंजोएट 5 एस.जी. का 200 ग्राम प्रति हेक्टयर में कीट प्रकोप की स्थिति अनुसार 15 – 20 दिन के अन्तराल पर 2 से 3 छिड़काव करें अथवा कार्बोफुरान -3 जी 2- 3 किलोग्राम प्रति हेक्टयर का उपयोग करें | प्रथम छिड़काव बुवाई के बाद 15 दिन की अवधि में अवश्य करें तथा दानेदार कीटनाशकों का उपयोग पौधे की पोंगली में (5 से 1 डेन प्रति पोंगली) करें |

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