किसानों का सोयाबीन चीन को निर्यात किया जाये

किसानों का सोयाबीन चीन को निर्यात किया जाये

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात कर चीन और अमेरिका के बीच व्यापार संबंधों में तनाव आने के कारण अमेरिका से आयातित सोयाबीन पर चीन द्वारा आयात शुल्क 25 प्रतिशत किये जाने के हवाले से कहा कि इसके कारण चीन में सोयाबीन की माँग की पूर्ति नहीं हो पा रही है। इस स्थिति का फायदा भारत ले सकता है।

ऐसी स्थिति में भारत का सोयाबीन उत्पादन चीन में आयात किये जाने की संभावनाएँ बढ़ जाती हैं। श्री चौहान ने प्रधानमंत्री को बताया कि चीन में सोयाबीन की मांग 11 करोड़ 50 लाख मी. टन है जबकि चीन में सोयाबीन का उत्पादन केवल एक करोड़ 50 लाख मी. टन है। इस स्थिति को देखते हुए लगभग 10 करोड़ मी. टन चीन सोयाबीन आयात कर रहा है। इसमें से पचास प्रतिशत से अधिक सोयाबीन उत्तरी अमेरिका से आयात होता है।

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श्री चौहान ने प्रधानमंत्री से कहा कि मध्यप्रदेश सोयाबीन प्रदेश होने के नाते चीन को सोयाबीन निर्यात करने की स्थिति में है। इससे प्रदेश के किसानों को सोयाबीन के न्यूनतम समर्थन मूल्य से भी अधिक भाव मिलेंगे और उनको अधिक मुनाफा होगा। उन्होंने बताया कि पहले चीन द्वारा सोया मील (डीओसी) पर पाँच प्रतिशत आयात शुल्क लगाया गया था जो वर्तमान में शून्य प्रतिशत है।

भारत से निर्यात होने वाले सोयाबीन डी ओ सी में 46 प्रतिशत प्रोटीन है जो अन्य देशों के सोयाबीन डी ओ सी में 41-42 प्रतिशत प्रोटीन से तुलनात्मक रूप से अधिक है। श्री चौहान ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि वे इस संबंध में शीघ्र निर्णय लेकर प्रदेश ही नहीं वरन पूरे देश के सोयाबीन उत्पादक किसानों को सोयाबीन का उचित मूल्य दिलाने में सहायक बने।

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