रबी फसल की कटाई के बाद इस फसल को लगाकर लाखों कमा सकते हैं 

रबी फसल की कटाई के बाद इस फसल को लगाकर लाखों कमा सकते हैं 

किसान भाई रबी की फसल की कटाई हो गया है या कटाई होने वाला है | इसके बाद आपकी खेत 3 से 4 महीनों के लिए खाली होने रहेगी अगर आप के पास पानी की सुविधा है तो आप इस समय भिण्डी की खेती करके अतरिक्त आमदनी कर सकते हैं | अगर आप के पास थोड़े से सिंचाई की व्यवस्था है तो आप थोड़े से भूमि में ही खेती कर के अतरिक्त लाभ ले सकते हैं इसमें आप को किसी भी तरह का कोई जोखिम नहीं है और गर्मी के मौसम में हरी सब्जी की मांग भी अधिक रहती है | इसलिए किसान समाधान आप के लिए भिण्डी के बारे में जानकारी लेकर आया है |

भिण्डी गर्मी तथा वर्षा के मौसम की प्रमुख फसल है | भिण्डी के पौधे का गुड बनाने के उद्योग में उपयोग किया जाता है |

किस्में :-

- Advertisement -

पूसा सावनी, पूसा मखमली, बी.आर.ओ. – 3, बी.आर.ओ. -4, उत्कल गौरव |

वायरस प्रतिरोधी किस्में :-

पूसा ए – 4, प्रभनी क्रांति, पंजाब – 7, पंजाब – 8, आजाद क्रांति, हिसार उन्नत, वर्षा उपहार, अर्का अनामिका |

जलवायु :-

- Advertisement -

भिण्डी गर्मी तथा खरीफ मौसम की मुख्य सब्जी फसल है | यह 40 डिग्री से.ग्रे. से ज्यादा तापमान सहन नहीं कर सकती है | बीज जमाव के लिए उपयुक्त तापमान 17 – 22 डिग्री सें.ग्रे. है तथा पौधे की बढवार के लिए 35 डिग्री सें.ग्रे. तक का तापमान उपयुक्त है |

मिटटी :-

दोमट व बलुई दुमट मिटटी जिसका पी-एच मान 6 – 6.8 हो और वह पोषक तत्व युकत हो तथा सिंचाई की सुविधा व जल निकास का अच्छा प्रबंध होना चाहिए |

बीज की मात्रा :- 

गर्मी के मौसम के लिए 20 – 22 किलोग्राम व खरीफ (वर्षा) के मौसम में 10 – 12 किलोग्राम / हैक्टेयर की आवश्यकता है |

बुवाई :-

बीज की बुवाई हल की सहायता से या सीड ड्रिल के द्वारा गर्मियों में 45 × 20 से.मी. तथा वर्षा के मौसम में 60 × 20 से.मी. की दूरी पर करें | बीज की गहराई लगभग 4.5 सें.मी. रखें |

बुवाई का समय :-

गर्मी के मौसम में 20 फ़रवरी से 15 मार्च तथा खरीफ (वर्षा के मौसम) में 25 जून से 10 जुलाई तक का समय बुवाई के लिए उपयुक्त है |

उर्वरक व खाद :-

बुवाई से पहले गोबर व अच्छी तरह गली – सड़ी कम्पोस्ट लगभग 20 से 25 तन प्रति हैक्टेयर मिटटी में अच्छी तरह मिला दें | नत्रजन 40 किलोग्राम की आधी मात्रा 50 किलोग्राम फास्फोरस व ६० किलोग्राम पोटाश प्रति हेक्टेयर की दर से अंतिम जुताई के समय प्रयोग करें तथा बची हुई आधी नत्रजन की मात्र फसल में फुल आने की अवस्था में डालें |

तुडाई व उपज :-

भिंडी की फलियों को उनकी अपरिपक्व अवस्था में फूल खिलने से 3 – 4 दिन बाद 3 दिन के अंतराल पर लगातार तोडते रहें | भिंडी की फली की उपज गर्मी की फसल में 90 – 100 किवंटल तथा वर्षा के मौसम में 150 – 175 किवंटल प्रति हेक्टेयर की दर से मिलती हैं |

तुडाई उपरांत प्रबंधन

  • भिंडी की फलियों की तुडाई उनकी अवस्था, उनके कड़े होने या बीज बनने से पहले की स्थिति में करके छाया में रखें | फलियों की तुडाई नियमित अंतराल पर करते रहें |
  • स्थानीय बाजार के लिए सुबह तुडाई करके बाजार में भेज सकते हैं लेकिन दुरुस्त बाजार के लिए शाम के समय तुडाई करके भिंडी की फलियों को जुट के बोरों या टोकरी में भरकर सुबह बाजार में भेजते हैं जिससे फलियों को कोई हानि न हो |
  • फलियों को 4 डिग्री से.ग्रे. तापमान पर 4 – 5 दिन तक भंडारित किया जा सकता है |

- Advertisement -

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
यहाँ आपका नाम लिखें

Stay Connected

217,837FansLike
830FollowersFollow
54,000SubscribersSubscribe
- Advertisement -

Latest Articles

ऐप खोलें