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शनिवार, अप्रैल 13, 2024
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समर्थन मूल्य पर उपज बेचने वाले किसानों को भुगतान एवं पंजीयन और बेचने की अवधि

किसानों को भुगतान एवं पंजीयन और बेचने की अवधि

राजस्थान के सहकारिता मंत्री उदय लाल आंजना ने केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री राधा मोहन सिंह को पत्र लिखकर प्रदेश के मूंगफली उत्पादक किसानों से चल रही समर्थन मूल्य पर खरीद की अवधि को 31 जनवरी तक बढ़ाने का अनुरोध किया है। श्री आंजना ने बताया कि राज्य में 16 अक्टूबर से चल रही मूंगफली की खरीद 13 जनवरी तक चलेगी।

राजस्थान में समर्थन मूल्य पर उपज बेचाने वाले मूंग, उड़द, सोयाबीन एवं मूंगफली के 14 हजार किसानों के खातों में आज 150 करोड़ रुपये ऑनलाइन जमा करा दिये हैं और अब तक 89 हजार 101 किसानों को 968 करोड़ 20 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है।

किसे कितना भुगतान हुआ है

राज्य में मूंग, उड़द एवं सोयाबीन की 11 अक्टूबर से तथा मूंगफली की 16 अक्टूबर से समर्थन मूल्य पर खरीद की जा रही है और अब तक 2 लाख 26 हजार 385 किसानों से 2528.54 करोड़ रुपये मूल्य की उपज की खरीद की जा चुकी है। 3 जनवरी तक 1 लाख 22 हजार 51 किसानों से 1453.36 करोड़ रुपये की मूंग, 42 हजार 658 किसानों से 386.52 करोड़ की उड़द, 60 हजार 145 किसानों से 678.62 करोड़ रुपये की मूंगफली तथा 1 हजार 531 किसानों से 10.04 करोड़ रुपये की सोयाबीन की खरीद की गई है।

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300 खरीद केन्द्र स्थापित कर की जा रही मूंग, उड़द, सोयाबीन एवं मूंगफली की खरीद के लिये अब तक 4 लाख 49 हजार 716 किसानों ने अपना ऑनलाइन पंजीयन करवाया है। मूंग के लिये 2 लाख 16 हजार 835 किसानों ने, मूंगफली के लिये 1 लाख 32 हजार 75, उड़द के लिये 74 हजार 916 तथा सोयाबीन के लिये 25 हजार 890 किसानों ने ऑनलाइन पंजीयन करवाया है।

पंजीयन जारी है

जिन किसानों ने अभी तक पंजियन नहीं करवाया है वह भी पंजीयन करवा सकते हैं |मूंग, उड़द, सोयाबीन एवं मूंगफली उत्पादक किसानों के लिये अपनी उपज का समर्थन मूल्य पर बेचान के लिये ऑनलाइन पंजीयन जारी है। किसान अन्य दस्तावेजों के साथ मूल खसरा गिरदावरी की प्रति के माध्यम से ही अपना ऑनलाइन पंजीयन करायें ताकि पंजीयन को मान्य किया जा सके।

 समर्थन मूल्य पर दलहन एवं तिलहन की खरीद के लिये अब भूमि मालिक एवं बटाईदार किसान के मध्य अनुबंध पत्र बुआई के समय का ही मान्य होगा। इसलिये बटाईदार किसान को अपनी उपज का बेचान करने के लिये ऑनलाइन पंजीयन कराने से पूर्व इसे सुनिश्चित कर लेना चाहिये ताकि तुलाई के समय किसी प्रकार की परेशानी से बचा जा सके।

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