इन कीटनाशकों का प्रयोग भूलकर भी न करें

0
2226
views

इन कीटनाशकों का प्रयोग भूलकर भी न करें

सभी किसान भाई ध्यान दें की कृषि विभाग ने कुछ कीटनाशकों पर प्रतिबन्ध लगाया है किसान भाई भूलकर भी इन कीटनाशकों का प्रयोग न करें | कृषि एवं सहकारिता विभाग द्वारा नीयो-निकोटीनोईड कीटनाशियों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया है। कृषि विभाग ने इन कीटनाशकों को मानव एवं पशुओं के जोखिम के संभावना के कारण कीटनाशी अधिनियम की धारा 1968 की धारा 27 की उपधारा (2) के साथ पठित उपधारा 28 और धारा 36 की उपधारा (1) के तहत प्रदत्त शक्ति का प्रयोग करते हुए कीटनाशकों का विक्रय करने पर प्रतिबंध लगाया गया है।

यह कीटनाशक हैं प्रतिबंधित

इनमें बेनोमाइल, कार्बराइल, डायजीनोन, फेनारिमोल, फेथिंआन, लिनुरोन, मेथाक्सी इथाइल मरकरी क्लोराइड, मिथाइल पैराथियान, सोडियम सायनाईड, थियोमिटोन, ट्राइडेमोर्फ को 09 अगस्त 2018 से पंजीयन, आयात, विनिर्माण सुत्रीकरण, परिवहन, विक्रय प्रतिबंधित उपयोग पूर्णतः निषिद्ध है।

कैसे पहचाने प्रतिबंधित कीटनाशकों को

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा प्रतिबंधित दवाओं पर चेतावनी देने को कहा गया है | किसान भाई कीटनाशक खरीदने से पूर्व उसे अच्छे से जांच लें |  ट्राईफ्लूरेलिन को 09 अगस्त 2018 से पंजीयन आयात निर्यात, विनिर्माण सूत्रीकरण, परिवहन, विक्रय निषिद्ध, गेहूं पर उपयोग को छोड़कर अन्य उपयोग निषेध लेबल और पत्रक पर चेतावनी कथन दिया होगा कि यह उत्पाद जलीय जीव के लिये विषैला है अतः जल निकाय, जलीय कृषि मछली खेती मे निषेध किया गया है।

यह भी पढ़ें   जानें कोन सी फसल अल्पावधि में अधिक मुनाफा देती हैं  

अलाक्लोर के लिए 09 अगस्त 2018 से विनिर्माता को नया पंजीयन प्रमाण निषेध, जनवरी 2019 से अलाक्लोर का आयात विनिर्माण या सूत्रीकरण निषेध, लेबल पर चेतावनी कथन दिया होगा कि यह उत्पाद जलीय जीव के लिये विषैला इसलिये जल निकाय जलीय कृषि, मछली कृषि के लिये उपयोग निषिद्ध।

डायक्लोरोवास को 9 अगस्त 2018 के पश्चात विनिर्माता को नवीन पंजीयन निषेध, 01 जनवरी 2019 से आयात निर्यात या सूत्रीकरण निषेध, 31 दिसंबर 2020 से पूर्व प्रतिबंधित लेबल पर चेतावनी कथन दिया होगा कि यह उत्पाद जलीय जीव के लिये विषैला है इसलिये जल निकाय जलीय खेती, मछली खेती के लिये उपयोग प्रतिबंधित। केन्द्र शासन का निर्णय – यह उत्पाद मधुमक्खियों के लिये विषैला है, अतः सक्रिय मधुक्खियों के फोरेजिंग के दौरान छिड़काव प्रतिबंधित।

फोरेट, फास्फोमिडान, ट्राइजोफास, ट्राईक्लोरोफोर्न के लिए 09 अगस्त 2018 से विनिर्माता को नया पंजीयन निषेध, 01 जनवरी 2019 से आयात, निर्यात विनिर्माण, सूत्रीकरण प्रतिबंधित, 31 दिसम्बर 2020 से पूर्व निषेध, लेबल पर चेतावनी कथन समाविष्ट होगा कि यह उत्पाद जलीय कृषि, जल निकाय, मछली पालन में उपयोग हेतु प्रतिबंधित, मधुमक्खी के लिये विषैला। अतः सक्रिय मधुमक्खी फोरेजिंग अवधि के दौरान छिड़काव प्रतिबंधित, पक्षियों के लिए विषैला हैं इसलिए पूर्ण प्रतिबंधित है।

यह भी पढ़ें   जीवामृत बनाने का सबसे आसान तरीका

कीटनाशक खरीदते समय किसानों को यह सावधानियां रखनी चाहिए

भारत में प्रतिबंधित सभी कीटनाशक जानने के लिए क्लिक करें 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here