गन्ना किसानों को चीनी मिलों द्वारा देय मूल्य (एफआरपी) का निर्धारण

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गन्ना किसानों को चीनी मिलों द्वारा देय मूल्य (एफआरपी) का निर्धारण

आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने  2018-19 के चीनी सीजन के लिए चीनी मिलों द्वारा देय उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी) के निर्धारण को मंजूरी दे दी। इसके तहत दस प्रतिशत बुनियादी रिकवरी दर के आधार पर 275 रुपये प्रति क्विंटल का मूल्य तय किया गया है। इस तरह दस प्रतिशत तक और उससे अधिक की रिकवरी में प्रत्येक 0.1 प्रतिशत बढ़ोतरी के संबंध में 2.75 रुपये प्रति क्विंटल का प्रीमियम प्रदान किया जाएगा। चीनी सीजन 2018-19 के लिए उत्पादन लागत 155 रुपये प्रति क्विंटल है।

दस प्रतिशत रिकवरी दर पर 275 रुपये प्रति क्विंटल का एफआरपी उत्पादन लागत के मद्देनजर 77.42 प्रतिशत अधिक है। इस तरह किसानों को उनके द्वारा किए गए खर्च से 50 प्रतिशत अधिक भुगतान करने का वायदा पूरा हो जाएगा। 2018-19 के चीनी सीजन में गन्ने के संभावित उत्पादन को ध्यान में रखते हुए गन्ना किसानों को होने वाला कुल भुगतान 83,000 करोड़ रुपये से अधिक होगा। सरकार अपने किसान अनुकूल उपायों के तहत यह सुनिश्चित कर रही है कि गन्ना किसानों को समय पर भुगतान कर दिया जाए।

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किसानों के हितों की सुरक्षा के मद्देनजर सरकार ने यह भी फैसला किया है कि जिन चीनी मिलों में रिकवरी 9.5 प्रतिशत से कम है, वहां किसी प्रकार की कटौती न की जाए। इन किसानों को मौजूदा मौसम के दौरान 255 रुपये प्रति क्विंटल के स्थान पर गन्ने के लिए 261.25 रुपये प्रति क्विंटल दिया जाएगा। स्वीकृत एफआरपी चीनी सीजन 2018-19 में किसानों से चीनी मिलों द्वारा खरीदे जाने वाले गन्ने पर लागू होगी, जो 01 अक्टूबर, 2018 से प्रभावी होगी।

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