क्या कांग्रेस किसानों का पूरे देश में कर्ज माफ़ करेगी ? कांग्रेस के घोषणापत्र में क्या है

लोकसभा चुनाव 2019 के लिए कांग्रेस ने जारी किया घोषणा पत्र

देश में 17वीं लोकसभा चुनाव चल रहा है | इस चुनाव में अगली सरकार को चुना जायेगा | सभी पार्टियाँ देश की जनता को अपने पक्ष में करने के लिए एक से बढ़कर एक घोषणा कर रही है | इसके लिए आर्थिक  तथा सामाजिक स्तर पर जनता के लिए अलग – अलग घोषणा कर रही है | लेकिन 3 राज्यों में सरकार बनाने के बाद भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी ने किसानों तथा मजदूरों पर विशेष ध्यान दे रही है | इसके लिए कांग्रेस पार्टी ने किसानों तथा मजदूर को लेकर घोषणा पत्र (Manifesto) जारी  किया है|  इसका मुख्य कारण है की देश में किसान तथा मजदूर की संख्या सबसे ज्यादा है |

आइये जानते हैं मुख्य बातें

  1. इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है की तीन राज्यों में लोन माफ़ी के कारण कांग्रेस कि सरकार आने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है | इसलिए फिर से घोषणा पत्र में कांग्रेस पार्टी ने लोन माफ़ी को शामिल किया है | सबसे बड़ी बात यह है की जो किसान आर्थिक कारणों से कृषि लोन जमा नहीं कर पा रहे हैं उस पर अपराधिक मुकदमे दर्ज नहीं किये जायेगा | इसका मतलब यह है की कृषि लोन नहीं दे पाने के स्थिति में जेल नहीं भेजा जायेगा |
  2. वर्ष 2016 से पहले देश में वित तथा रेल दो बजट पेश किया जाता था लेकिन वर्ष 2017 से रेल बजट को वित् बजट में सम्मलित कर लिया गया है | लेकिन कांग्रेस पार्टी ने यहं घोषणा किया है की सरकार बनने पर वित्त बजट से अलग कृषि बजट पेश किया जायेगा |
  3. किसान संगठन तथा किसानों की लम्बे समय से यह मांग थी की महिला आयोग , बल आयोग की तरह ही किसान आयोग का गठन किया जाय | इस मांग को कांग्रेस पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में शामिल किया है |

कृषि तथा किसानों की मुद्दों पर विशेष नजर रखते हुये किसान समाधान ने सभी पार्टी के घोषणा पत्र को आसान भाषा में आपके पास लेकर आएगा | जैसे ही सभी पार्टी अपना घोषणा पत्र जारी करेगी वैसे ही उसे आसान भाषा में आपके पास लेकर आएंगे | किसान समाधान द्वारा इस घोषणापत्र में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है हम सभी पार्टियों के घोषणापत्र इसी तरह आपके सामने रखेंगे |

कांग्रेस पार्टी के द्वारा किसानों के लिए जारी घोषणा पत्र को लेकर आया है 
  1. अपने चुनाव वायदे के अनुसार छतीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान में कांग्रेस सरकार बनने के तुरन्त बाद किसानों का कर्ज माफ़ किया गया | कांग्रेस अन्य राज्यों में भी कृषि ऋण माफ़ करने का वायदा करती है |
  2. हम सिर्फ कर्ज माफ़ी करके ही अपने जिम्मेवारी से पल्ला नहीं झाडेंगे, बल्कि उचित मूल्य, कृषि में कम लागत, बैंकों से ऋण सुविधा के द्वारा हम किसानों को कर्ज मुक्ति की तरफ ले जाने का वायदा करते हैं |
  3. कृषि ऋण एक दीवानी (सिविल) मामला है, हम, किसी भी किसान, जो कृषि ऋण चुकाने में असमर्थ है, के खिलाफ अपराधिक कार्यवाही करने की अनुमति नहीं देंगे |
  4. कृषि क्षेत्र को विशेष महत्व देते हुये हम अलग से किसान बजट प्रस्तुत करेंगे |
  5. कांग्रेस कृषि क्षेत्र के विकास की योजनाओं और कार्यक्रम को बनाने के लिए एक स्थाई राष्ट्रीय आयोग कृषि विकास और योजना आयोग की स्थापना करेगी , जिसमें किसान , कृषि वैज्ञानिक और कृषि अर्थशास्त्री सम्मलित होंगे , यह आयोग सरकार को सलाह देगा की कैसे कृषि को व्यवहार्य, प्रतिस्पर्धी और फायदेमन्द बनाया जा सकता है | सामन्यत: आयोग की सिफारिशें मनाने के लिए सरकार बाध्य होगी | यह आयोग कृषि लागत और मूल्य आयोग का स्थान लेगा |
  6. कांग्रेस कृषि श्रमिकों और सीमांत किसानों के लिए बनने वाली नीतियों और कार्यक्रम के लिए सलाह देने हेतु एक आयोग स्थापित करेगी, यह आयोग मजदूरी दर में वृद्धि के साथ बागवानी , फूलों की खेती, डेयरी और मुर्गीपालन जैसे सहायक कृषि कार्यों के लिए नीतियाँ और कार्यक्रम बनाने में सलाह देगा और सहयोग करगा |
  7. हम भाजपा सरकार की असफल कृषि बीमा योजना को पूरी तरह से बदल देंगे | जिसने किसानों की कीमत पर , बीमा कंपनियों की जेब भारी है तथा कंपनियों को निर्देशित करेंगे कि वो न लाभ न हानि के सिद्धांत को अपनाते हुये फसल बीमा उपलब्ध करवाये तथा उसी के आधार पर क़िस्त लें |
  8. कांग्रेस राज्य सरकारों के सहयोग से भूमि स्वामित्व और भूमि किरायेदारी के रिकॉर्ड का डिजिटाइजेसेन (अंकरुपन) करेगी, और विशेषकर महिला कृषकों के स्वामित्व और किरायेदारी के अधिकार को स्थापित करते हुये यह सुनिश्चित करेगी की महिलाओं को कृषि संबधित योजनाओं का लाभ मिले |
  9. कृषि कार्यों हेतु तकनीकी निवेश और बाजार उपलब्ध करवाने के लिए कांग्रेस उत्पादक कंपनियों और किसान संगठन के निर्माण के लिए किसानों को प्रोत्साहित करेगी |
  10. हम कृषि लागत की समिक्षा करेंगे और जहाँ आवश्यक हुआ वहां सब्सिडी देंगे तथा साथ ही साथ हम कृषि कार्य हेतु मशीनरी किराये पर लेने की सुविधा स्थापित करेंगे |
  11. कांग्रेस कृषि उपज मंडी समितियों के अधिनियम में संशोधन करेगी जिससे कि कृषि उपज के निर्यात और अंतर्राज्यीय व्यापर पर लगे सभी प्रतिबन्ध समाप्त हो जाएंगे |
  12. हम बड़े गांवों और छोटे कस्बों में पर्याप्त बुनियादी ढांचे के साथ में किसान बाजार की सथापना करेंगे, जहाँ पर किसान बिना किसी प्रतिबन्ध के अपनी उपज बेच सकें |
  13. कृषि उत्पादों के आयात और निर्यात के लिए निति बनाएगी , जो किसानों और किसान उत्पादक – समूहों / कंपनियों को उनकी आय वृद्धि के लिए सहायता करेगी |
  14. कांग्रेस देश के प्रत्येक ब्लाक में आधुनिक गोदाम, कोल्ड स्टोर तथा खाध प्रसंस्करण सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए नीतियाँ बनायेगी |
  15. हम एग्रीकल्चर एक्सटेंशन सर्विसेज की पुरानी प्रथा को पुनर्जीवित करके और अधिक मजबूत ओर बेहतर बनायेगें तथा कृषि क्षेत्र में सर्वोतम ज्ञान और कार्यप्रणाली को लागु करेंगे |
  16.  पी.डी.एस. ,आई.सी.डी.एस. और मध्यान भोजन के लिए खरीदे जा सकने वाले तथा स्थानीय स्तर पर उपजने वाले मोटे अनाजों और दलों को उगाने के लिए प्रोत्साहित करेगी |
  17.  कृषि विविधिकरण द्वारा किसानों की आय में वृद्धि करने के लिए बागवानी, मछलीपालन और रेशम कीटपालन के लिए एक बड़े कार्यक्रम को प्रोत्साहित करने का वायदा करती है | हम देश में डेयरी और पाल्ट्री उत्पादों को दोगुना करने के लिए एक राष्ट्रीय परियोजना की शुरुआत करेंगे |
  18. जैविक खेती को बढ़ावा देगी, किसानों को मिश्रित उर्वरक और कीटनाशकों के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहन देगी तथा जैविक उत्पादों के सत्यापन में सहयता करके उचित मूल्य उपलब्ध करवाने का वायदा करती है |
  19. कृषि सम्बन्धित अध्यापन, अनुसंधान और विकास, कृषि सम्बंधी मौलिक विज्ञान, व प्रायोगिक विज्ञान और तकनीकी के लिए आवंटित धन को अगले पांच साल में दोगुना करेगी, हम देश के प्रत्येक राजस्व प्रभाव में कृषि विधालय और पशु चिकित्सा विज्ञान म्हाविधालय की स्थापना करेंगे |
  20. कांग्रेस वायदा करती है कि भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनस्थापना अधिनियम – 2013 और वनाधिकार अधिनियम – 2006 के क्रियान्वयन में आई विक्रित्यों को दूरकर, इन अधिनियमों के मूल उदेश्यों का भाल करेंगे |
  21. आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 को बदलकर आज की जरूरतों और संदर्भों के हिसाब से न्य कानून बनायेंगे जो विशेष आपात परिस्थतियों में ही लागु किया जा सकेगा |
- Advertisement -
- Advertisement -

एक बात यहाँ ध्यान रखने की है इस घोषणा पत्र में एम.एस.स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागु करने की बात नहीं कही गई  है तथा लागत का डेढ़ गुना देने की बात की गई है |

इसके साथ ही इस घोषणा पत्र में मछुआरों के लिए अलग से घोषणा की गई है  
  1. कांग्रेस मत्स्य उधोग और मछुआरों के कल्याण के लिए एक अलग मंत्रालय का गठन करेगी |
  2. हम मछुआरों और मत्स्य उधोग के लिए एक राष्ट्रीय आयोग की स्थापना करेंगे | यह आयोग मत्स्य उधोग में ऋण की उपलब्धता के साथ – साथ इस उधोग में फैली ऋणग्रस्त के मुद्दे का हल ढूंढेगा |
  3. कांग्रेस देश के अन्दर मछली पकड़ने तथा मत्स्य पालन को कृषि का दर्जा देगी और कृषि तथा कृषकों को दिये जा रहे लाभों को प्रदान करेगी |
  4. कांग्रेस श्रीलंका और पाकिस्तान के साथ एक स्थाई तंत्र की स्थापना करेगी जिसका उद्देश्य होगा, समुंद्र में होने वाले संघर्ष हिंसा, जबरन कार्यवाही और जानमाल के नुकसान को खत्म करना और मछुआरों की आजीविका के अवसरों में सुधार करना |

किसान समाधान के YouTube चेनल की सदस्यता लें (Subscribe)करें

- Advertisement -

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

217,837FansLike
823FollowersFollow
54,000SubscribersSubscribe

Latest Articles

ऐप खोलें