सरकार द्वारा किसानों को सब्सिडी पर दिए जा रहे हैं काजू के पौधे

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अनुदान पर काजू की खेती

काजू की खेती को दक्षिण भारत की फसल माना जाता है | इसकी खेती केरल, कर्नाटक तथा तमिलनाडु के अलावा अन्य दक्षिण भारत में किया जाता है | काजू कि खेती इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह कम लागत मीन अधिक मुनाफा देती है | काजू के पौधे को एक बार लगाने के बाद लगभग 20 से 30 वर्षों तक लगातार मुनाफा कमाया जा सकता है |

इसकी उपयोगिता को देखकर अब मध्य भारत में भी इसकी खेती की तैयारी शुरू कर दी गई है | इसको लेकर मध्य प्रदेश में शुरूआती तौर पर 1400 हेक्टेयर में खेती की शुरुआत की जा रही है | इसके लिए मध्य प्रदेश के कुछ जिलों को चयन किया गया है | इसको लेकर सरकार किसानों को काजू की खेती के लिए सब्सिडी भी दे रही है | किसान समाधान काजू की खेती के लिए पूरी जानकारी लेकर आया है |

काजू कि खेती के लिए किन जिलों के बढ़ावा दिया जा रहा है ?

मध्य प्रदेश सरकार राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (रफ्तार) के तहत चार जिलों का चयन किया गया है | इसके तहत बैतूल, छिन्दवाडा, बालाघाट और सिवनी जिलों की जलवायु उपयुक्त होने के कारण यहाँ पर काजू का बढ़ावा दिया जा रहा है | इस योजना का लाभ सभी वर्ग के किसान प्राप्त कर सकते हैं | सभी के लिए टारगेट अलग – अलग है |

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किसानों को सरकार क्या सहायता दे रही है ?

इन जिलों में अनुसूचित जाती, अनुसूचित जनजाति और सामन्य वर्ग के किसानों ने कुल 1430 हेक्टेयर क्षेत्र में काजू के एक लाख 60 हजार पौधों का रोपण किया है | काजू और कोको विकास निदेशालय , कोच्ची (केरल) द्वारा किसानों को अभी तक रोपित पौधों के अतिरिक्त एक लाख 26 हजार पौधे और उपलब्ध कराये गए हैं |

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकर ने इन जिलों में काजू की खेती के लिए 171.666 लाख रूपये की राशि स्वीकृत की है | बैतूल जिले में 1,000 हेक्टेयर , छिंदवाड़ा जिले में 30 हेक्टेयर, बालाघाट में 2,00 हेक्टेयर तथा सिवनी जिले में 200 हेक्टेयर में काजू के पौधे लगाए जा रहे है | प्रति हेक्टेयर 200 पौधों का रोपण 7 गुणा 7 मीटर की दुरी पर किया जा रहा है |

काजू से क्या फायदा होगा ?

काजू का पौधा 2 वर्षों में फल देने लगता है लेकिन व्यवसायिक उत्पादन के लिए पौधों को 6 से 7 वर्षों तक का समय लगता है | काजू का एक पौधे से औसतन 15 से 20 किलो काजू का उत्पादन होता है | कच्चा काजू 100 से 125 रूपये किलो भाव में बिकता है जिससे प्रति पौधा 2,000 रुपये किसान को प्राप्त होता है | एक एकड़ में 200 पौधे लगाए जाते हैं | इसके अनुसार प्रति एकड़ 4 लाख रुपये की आमदनी होगा लेकिन लागत केवल एक बार ही आती है |

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5 COMMENTS

    • अभी राजस्थान में पुष्कर मेला चल रहा है | आप अपने जिले के पशुपालन विभाग से ले सकते हैं इसके आलावा https://epashuhaat.gov.in/ पर देखें

    • जी आप जिला कृषि विभाग में संपर्क करें यदि हो तो किसी कृषि विश्वविद्यालय से प्रशिक्षण ले लें |

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