बारिश एवं ओलावृष्टि से फसल नुकसान होने पर इस नम्बर पर कॉल करें

फसल नुकसान की सूचना हेतु टोल फ्री नम्बर

पिछले कुछ दिनों से मौसम लगातार किसानों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है और मौसम विभाग की माने तो आने वाले दिनों में भी यह सिलसिला जारी रहने का अनुमान है | बारिश एवं ओला वृष्टि ने किसानों की रबी फसल की काफी नुकसान पहुँचाया है कहीं कहीं किसानों की पूरी की पूरी फसल बर्बाद हो गई है| किसानों की फसल होने वाली नुकसानी में दलहनी तथा तेलहनी फसलें प्रमुख है | सभी राज्य सरकारों ने किसानों को ओलावृष्टि एवं अधिक बारिश से होने वाले नुकसान पर सहायता देने का आश्वासन दिया है |

किसानों की फसल की हुए नुकसानी के लिए अलग–अलग राज्य सरकार अपने स्तर से कदम उठा रही है | जिन किसानों का फसल बीमा है उन किसानों को फसल बीमा कम्पनी द्वारा कम समय में बीमा दिया जाएगा और जिन किसानों का बीमा नहीं उन्हें भी सरकार के द्वारा मदद दी जाएगी | इसके तहत उत्तर प्रदेश की राज्य सरकार ने राज्य के किसानों के लिए एक सुचना जारी की है तथा किसानों के लिए एक टोल फ्री नम्बर जारी किया है | इस नम्बर पर किसान फसल नुकसान होने पर 72 घंटे के अन्दर सुचना देनी होगी | सभी जिला अधिकारी को निर्देश दिया है कि अपने–अपने जिले के क्षेत्र का सर्वे करें |

किसान फसल नुकसानी की सूचना इस नम्बर पर दें

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किसानों की फसल ओलावृष्टि, जलभराव, भूस्खलन, आकाशीय बिजली से उत्पन्न आग से फसल की क्षति की स्थिति में सुचना बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर 1800-120-909090 रजिस्टर कराना आवश्यक है | इसके अतरिक्त किसान संबंधित बैंक शाखा, जनपद के कृषि, राजस्व विभाग के किसी अधिकारी, ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य के माध्यम से व्यक्तिगत दावा भी बीमा कंपनी को प्रस्तुत कर सकते हैं |

फसल बीमा कंपनियों के टोल फ्री नम्बर

शिकायत कब दर्ज कराना है ?

उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि सभी फसल बीमित किसान, जिनकी फसलों को ओलावृष्टि, अतिवृष्टि एवं जलभराव से नुकसान हुआ है, वे उसकी सुचना प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रावधानों के अनुसार घटना के 72 घंटे के अंदर बीमा कंपनी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें |

शिकायत दर्ज कराने पर फसलों का किया जाएगा सर्वे

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कृषि मंत्री के अनुसार बीमित किसानों से दावा प्राप्त होने के उपरांत बीमा कंपनी द्वारा जनपद स्तर पर कृषि, राजस्व एवं बीमा कंपनी के अधिकारीयों की संयुक्त समिति द्वारा आपदा प्रभावित क्षेत्र में संयुक्त सर्वेक्षण किया जाता है | संयुक्त के आधार पर फसल की क्षति का आकलन कर बीमा कंपनी द्वारा कृषकों को देय क्षतिपूर्ति का भुगतान किया जाता है | अत: किसान अपने फसल के हुए नुकसान की भरपाई के लिए टोल फ्री नंबर पर फोन करें |

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