बजट 2022-23: जानिए सरकार ने कृषि विभाग की किस योजना के लिए जारी किए कितने रुपए

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कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की योजनाओं के लिए बजट

केन्‍द्रीय वित्‍त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को संसद में केन्‍द्रीय बजट 2022-23 पेश किया। वैसे तो इस बजट में अभी किसानों के लिए कोई नई योजना की शुरुआत नहीं की गई है, परंतु पहले से चली आ रही कई योजनाओं की लिए जहां बजट को बढ़ाया गया है वहीं कई योजनाओं के लिए बजट को कम किया गया है | जिसका असर इस वर्ष किसानों को योजनाओं की तहत दिए जाने वाले लाभ पर पड़ेगा|

इस वर्ष देश के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के तहत 124000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है जो कि पिछले वर्ष 123017.57 करोड़ रुपए था |वहीं पिछले वर्ष का जो संशोधित बजट घटाकर 118294.75 करोड़ कर दिया गया था |

कम किया गया प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का बजट

देश में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना वर्ष 2016 से चलाई जा रही है | पिछले बजट में इस योजना के लिए 16,000 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया था लेकिन संशोधित बजट में इसे घटाकर 15989.39 करोड़ रूपये कर दिया गया था | इस वित्त वर्ष 2022–23 की बजट में योजना के मद को घटा कर इस वर्ष के बजट में 15,500 करोड़ रुपए कर दिया गया है |

बढ़ाया गया प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का बजट

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना वर्ष 2019 से शुरू की गई थी परंतु इस योजना को वर्ष 2018 के दिसम्बर माह से लागू किया गया था | योजना के वित्त वर्ष 2021–22 के लिए 65,000 करोड़ रुपया किया गया था लेकिन संशोधित बजट में इसे बढ़ाकर 67,500 करोड़ रुपए कर दिया गया था | इस वर्ष बजट में 300 करोड़ रूपये की ओर वृद्धि की गई है | वित्त वर्ष 2022–23 के लिए योजना के लिए 68,000 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान किया गया है |

कम किया गया प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना का बजट

किसानों को पेंशन की सुविधा प्रदान करने के लिए सरकार ने किसान मानधन योजना देश भर में चलाई जा रही है | योजना के तहत वित्त वर्ष 2021–22 के लिए 50 करोड़ रूपये का बजट जारी किया गया था, लेकिन संशोधित बजट में भारी कटौती करते हुए 50 लाख रुपए कर दिया गया था | इस वर्ष योजना के तहत 100 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं |

10,000 किसान उत्पादन संगठनों (एफपीओ) का गठन और संवर्धन 

यह केंद्र सरकार की एक महत्वकांक्षी योजना है, योजना के तहत छोटे एवं सीमांत किसान समूह बनाकर खेती कर उसका मूल्य समवर्धन आदि क्रिया कलाप कर सकते हैं | केंद्र सरकार की माने तो यह योजना किसानों की आय दोगुनी करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है | योजना के तहत पिछले वित्त वर्ष के बजट में 700 करोड़ रूपये का प्रवधान किया गया था जिसे संसोधित बजट में घटाकर 250 करोड़ रुपए कर दिया गया था | वित्त वर्ष 2022–23 के बजट में 500 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है |

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राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन हनी मिशन (एनबीएचएम)

यह योजना वर्ष 2020–21 में तीन वर्षों के लिए शुरू की गई है | योजना के तहत पिछले 2 वर्षों के बजट में कोई प्रवधान नहीं किया गया था | लेकिन इस वर्ष की बजट में योजना के लिए 100 करोड़ रूपये का प्रवधान किया गया है | इससे मधुमक्खी पालन करने के इछूक किसानों को लाभ होगा |

कम किया गया दलहन एवं तिलहन ख़रीदने के लिए बजट

इस योजना के तहत दलहन तथा तिलहन की खरीदी के लिए बाजार हस्तक्षेप योजना और मूल्य समर्थन योजना (एमआईएस – पीएसएस) योजना देश भर में चलाई जा रही है | योजना के तहत पिछले वर्ष 1500.50 करोड़ रूपये का बजट दिया गया था | लेकिन संशोधित बजट में इसे बढ़ाकर 3595.61 करोड़ रुपए कर दिया गया था | इस वर्ष 202 –23 के बजट के लिए 1500 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है |

प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण योजना (पीएम एएएसएचए)

प्रधानमंत्री अन्नदाता योजना आय संरक्षण योजना के तहत देश भर में दलहन तथा तिलहन की खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन दिया जाता है | इस योजना के पिछले वर्ष की बजट में 400 करोड़ रूपये का प्रवधान किया गया था लेकिन संशोधित बजट में भारी कटौती करते हुए 1 करोड़ रुपए कर दिया गया था | इस वित्त वर्ष 2022 – 23 के लिए योजना में 1 करोड़ रूपये का प्रधान किया गया है |

फसल अवशेष प्रबंधन हेतु कृषि यंत्र अनुदान हेतु बजट

यह योजना धान तथा गेहूं के पराली को जलाने से बचाने के लिए शुरू की गई थी | योजना के तहत किसानों को सब्सिडी पर कृषि यंत्र उपलब्ध कराए जाते है | इन कृषि यंत्रों से पराली को समुचित प्रबंधन किया जाता है | योजना के लिए वर्ष 2021 – 22 के बजट में 700 करोड़ रूपये दिये गये थे | लेकिन इस वर्ष बजट में किसी भी प्रकार का बजट में प्रावधान नहीं किया गया है |

किसानों को अल्पकालीन ऋण के लिए ब्याज सब्सिडी 

किसानों को कम ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है | इसके लिए सरकार बैंकों को सब्सिडी उपलब्ध करती है | योजना के तहत वर्ष 2021–22 के वित्त वर्ष में 19468.31 करोड़ रुपए दिए गए थे | लेकिन खर्च 18142.30 करोड़ रूपये ही किए गए हैं | इस वर्ष अल्पकालीन ऋण के लिए बजट में किसी भी प्रकार का पैसा जारी नही किया गया है | उसके स्थान पर संशोधित ब्याज समवेर्शन योजना के तहत बजट में 19,500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है |

उर्वरक पर सब्सिडी के लिए बजट 

सभी प्रकार के रासायनिक उर्वरकों पर केंद्र सरकार उर्वरक कंपनियों को सब्सिडी उपलब्ध करती है | इसके अलावा रासायनिक उर्वरक का आयात भी करती है | इससे किसानों को कम मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराया जाता है | वित्त वर्ष 2021–22 में सभी प्रकार के उर्वरक के लिए 79529.68 करोड़ रुपया दिया गया था | संशोधित बजट के रूप में उर्वरक पर सरकार ने 140122.32 करोड़ रुपया खर्च किया है | वित्त वर्ष 2022–23 के लिए रासायनिक उर्वरक पर सब्सिडी के लिए 105222.32 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है |

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पशुपालन संबंधित योजना के लिए बजट में प्रावधान

डेयरी विकास योजना 

योजना के तहत देश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए पशुपालकों को डेयरी फार्म खोलने के लिए सहायता देने के लिए अलग-अलग मदों पर सब्सिडी दी जाती है | योजना के तहत पिछले वर्ष 255 करोड़ रुपए बजट में दिया गया था | वित्त वर्ष 2021 – 22 में 403.01 करोड़ रुपए ही खर्च किया गया है | इस वर्ष डेयरी विकास योजना के लिए 340.01 करोड़ रूपये का प्रवधान किया गया है |

राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना 

राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना के लिए पिछले वर्ष की बजट में 502.04 करोड़ रूपये का प्रवधान किया गया था | लेकिन संशोधित बजट में 663 करोड़ रुपया खर्च किया गया है | वित्त वर्ष 2022 – 23 के लिए राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना के लिए 604.75 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है |

राष्ट्रीय पशुधन मिशन योजना 

राष्ट्रीय पशुधन मिशन योजना के लिए पिछले वित्त वर्ष की बजट में 350 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया था | लेकिन संशोधित बजट में इसे कम करके 288 करोड़ रुपए कर दिया गया है | इस वर्ष राष्ट्रीय पशुधन योजना के लिए बजट में 410 करोड़ रूपये का प्रवधान किया है |

पशुधन जनगणना और एकीकृत नमूना सर्वेक्षण योजना 

इस योजना के तहत पिछले वर्ष की बजट में 70 करोड़ रूपये का प्रवधान किया गया था , लेकिन संशोधित बजट में कम करके 40 करोड़ रुपए कर दिया गया था | इस वर्ष के बजट में योजना के लिए 40 करोड़ रूपये का प्रवधान किया गया है | 

मछली पालन की मुख्य योजनाओं की लिए जारी बजट

मत्स्य पालन और जलीय कृषि अवसंरचना विकास निधि 

इस योजना के तहत देश में मछुआरों के लाभ के लिए मत्स्य पालन और जलीय कृषि विकास कोष के लिए रखा जाता है | इस योजना के लिए वर्ष 2021 – 22 की बजट में 9.50 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया था | लेकिन संशोधित बजट में इसे बढ़कर 15 करोड़ रुपए कर दिया गया था | वित्त वर्ष 2022 – 23 में योजना के लिए 10 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है |

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना 

देश में मछुआरों के कल्याण तथा मछली उत्पदान को बढाने के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना वर्ष 2020–21 से वित्त वर्ष 2024–25 के लिए शुरू  की गई है | इस योजना के तहत पिछले बजट में 699.73 करोड़ रूपये का प्रवधान किये गये थे | लेकिन संशोधित बजट में बढ़कर 1000 करोड़ रुपए किया गया था | वित्त वर्ष 2022 – 23 में योजना के लिए 1210 करोड़ रूपये का प्रवधान किया गया है |

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