बड़ी खबर: सरकार डीएपी की एक बोरी पर अब देगी 2501 रुपए की सब्सिडी

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dap subsidy

डीएपी बैग पर सब्सिडी

अंतराष्ट्रीय बाजार में कच्चे माल के भाव में लगातार वृद्धि हो रही है, जिसके चलते देश में भी उर्वरकों के भाव में वृद्धि की संभावना को देखते हुए केंद्र सरकार ने उर्वरकों पर सब्सिडी बढ़ाने का फैसला लिया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल ने खरीफ सीजन-2022 (01 अप्रैल 2022 से 30 सितम्बर 2022 तक) के लिए फॉस्फेट और पोटास (पीएंडके) उर्वरकों के लिए पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (एनबीएस) दरों से संबंधित उर्वरक विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उर्वरक की महंगाई के कुप्रभाव से घरेलू किसानों को बचाने के लिए सरकार ने 60 हजार करोड़ रुपये से अधिक की उर्वरक सब्सिडी की घोषणा की है। यह सब्सिडी चालू खरीफ सीजन के बाबत केवल अप्रैल से सितंबर (छह महीने) के लिए है। पिछले वित्तीय वर्ष के लिए उर्वरक सब्सिडी 57 हजार करोड़ रुपये थी। इस भारी सब्सिडी का उपयोग डाई अमोनियम फास्फेट (डीएपी) समेत अन्य फास्फेटिक और पोटैशियम (पी एंड के) उर्वरकों के बढ़े मूल्यों पर काबू पाने के लिए किया जाएगा।

डीएपी बैग पर अब दी जाएगी 2501 रुपए की सब्सिडी

डाय-अमोनियम फॉस्फेट (डीएपी) और इसके कच्चे माल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में वृद्धि को मुख्य रूप से केंद्र सरकार द्वारा वहन किया गया है। केंद्र सरकार ने डीएपी पर 1650 रुपये प्रति बैग की मौजूदा सब्सिडी के स्थान पर 2501 रुपए प्रति बैग की सब्सिडी देने का फैसला किया है,  जो पिछले साल की सब्सिडी दरों की तुलना में 50 प्रतिशत अधिक है। डीएपी और उसके कच्चे माल की कीमतों में लगभग 80 प्रतिशत वृद्धि हुई है। इससे किसानों को रियायती, सस्ती और उचित दरों पर अधिसूचित पीएंडके उर्वरक प्राप्त करने और कृषि क्षेत्र का समर्थन करने में मदद मिलेगी।

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किसानों को कितने में मिलेगा DAP बैग

सरकार द्वारा यह जो सब्सिडी बढ़ाई गई है इसकी राशि उर्वरक बनाने वाली कम्पनियों को दी जाती है। जिससे किसानों को बाजार में जो उर्वरक मिलता है वह सब्सिडी के बाद ही मिलता है। अर्थात् कैबिनेट के इस फ़ैसले के बाद किसानों को डीएपी पुराने भाव पर ही मिलेगा। उसमें किसी तरह की कमी या बढ़ोतरी नहीं होगी ।

फैसले के बाद केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि किसानों को पुरानी कीमत यानी 1350 रुपए में ही DAP का एक बैग मिलेगा। जबकि सरकार सब्सिडी के तौर पर 2501 रुपए खर्च का भार उठाएगी। उन्होंने बताया कि अंतराष्ट्रीय बाज़ारों में कच्चे माल के संकट की वजह से फ़र्टिलाइज़र की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। इस वजह से DAP का एक बैग 3851 रुपए का होना चाहिए, लेकिन सरकार किसानों को प्रति बैग 1350 रुपए में ही उपलब्ध कराएगी। बाक़ी 2501 रुपए की कीमत का भार सब्सिडी के तौर पर सरकार देगी। 

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सरकार उर्वरक उत्पादकों/आयातकों के माध्यम से किसानों को रियायती कीमतों पर यूरिया और 25 ग्रेड पीएंडके उर्वरक उपलब्ध करा रही है। एनबीएस योजना द्वारा पीएंडके उर्वरकों पर सब्सिडी 01 अप्रैल 2010 से नियंत्रित की जा रही है। उर्वरकों और अन्य घटक यानी यूरिया, डीएपी, एमओपी और सल्फर की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में भारी वृद्धि को देखते हुए, सरकार ने डीएपी सहित पीएंडके उर्वरकों पर सब्सिडी बढ़ाकर बढ़ी हुई कीमतों को वहन करने का निर्णय लिया है। उर्वरक कंपनियों को स्वीकृत दरों के अनुसार सब्सिडी जारी की जाएगी, ताकि वे किसानों को महंगी दर के बजाय सस्ती कीमत पर उर्वरक उपलब्ध करा सकें।

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