किसान बीज उत्पादक बनने के लिए करें ऑनलाइन आवेदन

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बीज उत्पादन हेतु ऑनलाइन आवेदन

खेती के लिए सबसे महत्वपूर्ण चीजों में बीज एवं उर्वरक है | रासायनिक उर्वरक किसान बनाने में सक्षम नहीं हैं लेकिन बीज का उत्पादन वह खुद कर सकते हैं | इसके बाबजूद भी सभी फसलों के लिए किसान बाजार आधारित बीज पर निर्भर रहते हैं | जिससे किसान कृषि खर्च का एक बड़ा हिस्सा बीज खरीदने पर खर्च करते हैं उसमें भी कई बार उन्हें सही बीज नहीं मिल पाते हैं | अब सरकार द्वारा किसानों को बीज उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है |

कोविड–19 के समय में प्रधानमंत्री के द्वारा सभी को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश से किया गया आह्वान अब कृषि क्षेत्र में भी किया जा रहा है | बिहार सरकार राज्य को बीज के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए किसानों को बीज उत्पादन के लिए लाइसेंस दे रही है | बिहार राज्य बीज उत्पादन के क्षेत्र में बहुत ही पीछे है | बिहार में कुल बीज उपयोग का मात्र 25 प्रतिशत ही उत्पादित करता है बाकी के बीज बहार से खरीदता हैं | इसलिए बीज के क्षेत्र में बिहार को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार ने राज्य के पटना तथा मगध प्रमंडल के 11 जिलों का चयन किया है | इन जिलों के किसानों को बीज उत्पादन के लिए प्रमाणित किया जा रहा है |

यह किसान बीज उत्पादन के लिए कर सकते हैं आवेदन

बीज में आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य के किसनों को बीज उत्पादक के दिशा में उठाया गया बड़ा कदम है | इसके लिए राज्य के 11 जिलों को चयन किया गया है | यह सभी जिले पटना तथा मगध प्रमंडल के जिलें हैं , जो इस प्रकार है :- पटना, नालंदा, बक्सर, कैमूर, रोहतास, गया, औरंगाबाद, जहानाबाद, नवादा एवं अरवल जिला के किसान आवेदन कर सकते हैं |

योजना हेतु दिशा-निर्देश 

बीज उत्पादक किसानों के लिए राज्य सरकार ने एक गाईडलाइन जारी की गई है | जिसके आधार पर किसानों को बीज उत्पादन का प्रमाणपत्र दिया जायेगा | यह सभी इस प्रकार है :-

  1. यह योजना राज्य के 11 जिलों के लिए हैं , ऊपर जिलों का नाम दिया गया है |
  2. प्रति किसान के स्वयं की या बटाई / पटेदारी की जमीन कम से कम रकबा 1 (एक) एकड़ होनी चाहिए |
  3. नये बीज उत्पादक किसानों को बीज उत्पादन हेतु क्षेत्रीय प्रबंधन व केन्द्रीय प्रभारी के द्वारा आधार बीज मूल्य का भुगतान लेकर उपलब्ध कराया जायेगा |
  4. उसी वक्त बिहार स्टेट एवं आर्गेनिक सर्टिफिकेशन एजेंसी (बसोका) से निबंधन व प्रमाणन हेतु किसानों को प्रति किसान निबंधन शुल्क 50 रु./- + प्रमाणन शुल्क 100 रु./- (स्व परागित) एवं 150 रु./- (पर परागित) फसल पर देय होगा |
  5. प्रमाणन शुल्क के रूप में 250 रु./- प्रति हेक्टेयर की राशि निगम द्वारा किसानों को रबी 2020 – 21 के लिए प्रोत्साहन राशि के रूप में व्यय की जाएगी |

बीज उत्पदाक किसानों से इस मूल्य पर ख़रीदे जाएंगे बीज

राज्य सरकार ने बीज खरीदी के लिए बाजार उपलब्ध करवाएगी तथा बीज खरीदी का मूल्य भी पहले से तय किया जाएगा | फसल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर 20 प्रतिशत राशि जोड़कर प्रसंस्करण बीज के आधार पर क्रय मूल्य का निर्धारण बिहार राज्य बीज निगम लिमिटेड द्वारा किया जाएगा | इसके साथ ही रबी 2020–21 में उत्पादित रबी बीजों का संग्रहण नये बीज उत्पादक किसानों के खलिहानों से बिहार राज्य बीज निगम लिमिटेड द्वारा किया जायेगा |

बीज संग्रहण के बाद बीज जांच प्रयोगशाला से बीज के अंकुरण जाँच प्रतिवेदन संतोषप्रद प्राप्त होने के पश्चात निगम द्वारा फसल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के बराबर की राशि प्रथम भुगतान के रूप में किसानों के बैंक खाते में RTGS द्वारा भुगतान किया जाएगा | शेष राशि का अंतिम भुगतान सफल प्रसंस्कृत बीज के आधार पर किसानों को RTGS के माध्यम से किया जाएगा |

बीज उत्पदक किसान बनने के लिए आवेदन कहाँ करें ?

कृषि मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि नये बीज उत्पादक बनाने के लिए किसान स्वयं की या बटाई / पट्टेदार की जमीन कम से कम 1 (एक) एक रकबा वाले इच्छुक किसान ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं पटना तथा मगध प्रमंडल के 11 जिलों के किसानों के लिए आवेदन 20 जुलाई 2020 से शुरू कर दिए गए हैं | यह आवेदन अगले माह के 20 अगस्त 2020 तक चलेगा | योजना के लिए इच्छुक किसान ऑनलाइन  आवेदन कर सकते हैं | इसके लिए डी. बी.टी. पोर्टल https://dbtagriculture.bihar.gov.in पर जाकर बने बीज उत्पादक लिंक को क्लिक कर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है |

बीज उत्पदक किसान बनने हेतु ऑनलाइन आवेदन के लिए क्लिक करें 

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