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धनिया, जीरा, सौंफ सहित अन्य मसाला फसलों की खेती के लिए अनुदान हेतु आवेदन करें

धनिया, जीरा, सौंफ सहित अन्य मसाला फसलों की खेती पर अनुदान

किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा अलग-अलग तरह की फसलों (जैसे- फल, फूल, औषधीय एवं मसाला) की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। अधिक से अधिक किसानों को इन फसलों की खेती हेतु प्रोत्साहित करने के लिए सरकार की ओर से किसानों को अनुदान सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इस कड़ी में मध्यप्रदेश उद्यानिकी विभाग द्वारा राज्य के चयनित ज़िलों से विभिन्न प्रकार की मसाला फसलों की खेती पर अनुदान देने के लिए किसानों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। 

 मध्य प्रदेश उद्यानिकी विभाग द्वारा गुणवत्ता युक्त अधिक उत्पादन देने वाली किस्मों के माध्यम से चुनिंदा मसाला के क्षेत्र विस्तार एवं उत्पादन में वृद्धि करने के लिए सरकार द्वारा “मसाला क्षेत्र विस्तार योजना” चलाई जा रही है। उद्यानिकी विभाग द्वारा इन फसलों की खेती के लिए चयनित ज़िलों के लिए लक्ष्य जारी किए हैं। इच्छुक किसान जारी लक्ष्य के विरुद्ध ऑनलाइन आवेदन 16 सितम्बर 2022 के दिन सुबह 11 बजे से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। 

इन मसाला फसलों की खेती के लिए दिया जायेगा अनुदान Subsidy

मध्य प्रदेश उद्यानिकी विभाग द्वारा अभी राज्य में मसाला क्षेत्र विस्तार योजना के तहत 11 प्रकार की मसाला फसलों को शामिल किया गया है। यह मसाला फसलें इस प्रकार है :- धनिया, जीरा, सौंफ, मेथी, अजवाईन, सोआ, कलौंजी, अजमोद, विलायती सौंफ एवं स्याह जीरा। किसान अपने ज़िलों के अनुसार लक्ष्य एवं अपनी इच्छा के अनुसार दी गई फसलों का चयन कर योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं।

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मसाला फसलों की खेती के लिए कितना अनुदान (Subsidy) दिया जायेगा

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा राष्ट्रीय बागवानी विकास मिशन MIDH योजना के घटक मसाला क्षेत्र के विस्तार के लिए अनुदान दिया जाता है। योजना के तहत एक किसानों को अधिकतम 4 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए अनुदान दिया जाता है, जिसमें विभाग द्वारा एक हेक्टेयर के लिए फसल की लागत 30 हजार रुपए निर्धारित की गई है। जिस पर लाभार्थी किसान को एक हेक्टेयर क्षेत्र में मसाला फसल की खेती करने के लिए इकाई लागत का 40 प्रतिशत अनुदान अधिकतम 12 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से दिया जायेगा। 

इन ज़िलों के किसान योजना के तहत कर सकते हैं आवेदन

11 प्रकार की मसालों की खेती के लिए राज्य के 40 जिलों के लिए लक्ष्य जारी किए गए हैं। जारी लक्ष्य के विरुद्ध राज्य के सामान्य, अनुसूचित तथा अनुसूचित जनजाति वर्ग के किसान ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह 40 ज़िले इस प्रकार है :- भोपाल, सीहोर, होशंगाबाद, ग्वालियर, दतिया, उज्जैन, शाजापुर, मंडला, रीवा, छतरपुर, दमोह, पन्ना, रायसेन, राजगढ़, विदिशा, हरदा, बैतूल, गुना, अशोक नगर, इंदौर, धार, खण्डवा, बुरहानपुर, देवास, रतलाम, मंदसौर, आगर–मालवा, छिंदवाडा, सिंगरौली, सागर, टीकमगढ़, सतना, खरगौन, अलीराजपुर, जबलपुर, सीधी, नीमच, बड़वानी।

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मसाला फसलों की खेती के लिए अनुदान हेतु आवेदन कहाँ करें?

योजना का लाभ लेने के लिए राज्य के पात्र किसान उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, मध्य प्रदेश के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। किसानों को आवेदन करते समय अपने पास फ़ोटो, आधार, खसरा नम्बर/B1/ पट्टे की प्रति, बैंक पासबुक, जाति प्रमाण पत्र आदि आवश्यक दस्तावेज अपने पास रखना होगा। इसके अलावा किसान भाई यदि योजना के विषय में अधिक जानकारी चाहते हैं तो उधानिकी विभाग की वेबसाइट पर देख सकते हैं अथवा विकासखंड/जिला उद्यानिकी विभाग में संपर्क करें। किसानों को आवेदन करने के लिए ऑनलाइन पंजीयन उद्यानिकी विभाग मध्यप्रदेश फार्मर्स सब्सिडी ट्रैकिंग सिस्टम https://mpfsts.mp.gov.in/mphd/#/ पर जाकर करना होगा।

मसाला फसलों की खेती पर अनुदान के लिए आवेदन करने के लिए क्लिक करें

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