4.50 लाख से 34 लाख रुपये तक की सब्सिडी पर लेयर मुर्गी पोल्ट्री फार्म खोलने के लिए आवेदन करें

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layer poultry farm anudan avedan

ब्रायलर पोल्ट्री फर्म अनुदान हेतु आवेदन

कृषि एवं ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन करने के उद्देश्य से सरकार के द्वारा पशुपालन, मत्स्य पालन एवं लेयर मुर्गी फार्म जैसे व्ययसाय बढ़ाने के लिए कई योजनायें चलाई जा रही हैं | राज्यों को अंडा एवं मांस उत्पदान में आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुर्गी पालन के लिए लेयर फार्मिंग शुरू करने पर सब्सिडी दी जाती है | इसके तहत बिहार राज्य सरकार के द्वारा राज्य में मांस एवं अंडा उत्पादन में बढ़ोतरी के लिए समेकित मुर्गी विकास योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है | योजना के तहत 3,000 से लेकर 10,000 की लेयर फार्मिंग शुरू करने के लिए इच्छुक व्यक्तियों के लिए आवेदन मांगे गए हैं | योजना के तहत लाभार्थियों को अलग-अलग लेयर फार्मिंग पर 4.50 लाख से लेकर 34 लाख रुपये तक के अनुदान का प्रावधान है |

बिहार राज्य में अंडा एवं मांस उत्पादन में वृद्धि हेतु लेयर मुर्गी पालन को बढ़ावा देने हेतु अनुदान की योजना के अंतर्गत लेयर मुर्गी फार्म (3,000, 5,000 एवं 10,000 लेयर मुर्गी की क्षमता वाले फीड मिल सहित) की स्थापना लागत पर अनुदान (सामान्य जाति के लाभुकों हेतु 30 प्रतिशत एवं अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति के लाभुकों हेतु 40 प्रतिशत) तथा चार वर्षों तक बैंक ऋण के ब्याज पर 50 प्रतिशत राशि अनुदान के रूप में दिया जायेगा | इसके अलवा 3,000 की ब्रायलर पोल्ट्री फार्म के लिए सामान्य जाती के आवेदक के लिए 30 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के किसानों को 50 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जा रहा है |

इन 3 तरह के लेयर मुर्गी फार्म पर सब्सिडी हेतु कर सकते हैं आवेदन

मांस तथा अंडा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए राज्य में समेकित मुर्गी विकास योजना के तहत इच्छुक व्यक्तियों आवेदन मांगे गये हैं | इच्छुक व्यक्ति इन 3 तरह के लेयर फार्म शुरू करने के लिए 20 मार्च 2021 तक आवेदन कर सकते हैं |

लेयर मुर्गी फार्म के लिए 3  योजनाएं इस प्रकार है :-

  1. ब्रायलर पोल्ट्री फार्म के (3000 क्षमता)
  2. लेयर मुर्गी फार्म (5,000 क्षमता फीड मिल सहित)
  3. लेयर मुर्गी फार्म (10,000 क्षमता फीड मिल सहित)

3,000 क्षमता वाले ब्रायलर पोल्ट्री फार्म हेतु योजना

किसानों के लिए 3,000 क्षमता वाले ब्रायलर मुर्गी फार्म पर राज्य सरकार सब्सिडी उपलब्ध करवा रही हैं | इसके तहत सामान्य वर्ग के किसानों के लिए 30 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के किसानों के लिए 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी उपलब्ध करवाई जा रही है | योजना के लिए अधिकतम लागत 9 लाख रुपये निर्धारित की गई है | जिस पर सामान्य वर्ग के आवेदकों को अधिकतम 2 लाख 70 हजार रूपये की सब्सिडी तथा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के आवेदकों को अधिकतम 4 लाख 50 हजार रूपये की सब्सिडी दी जाएगी |

लाभार्थी को दो किश्तों में मिलेगी सब्सिडी

3,000 के ब्रायलर मुर्गी फार्म के लिए सामान्य वर्ग के लाभूकों को अधिकतम 2 लाख 70 हजार रूपये तक की सब्सिडी दी जाएगी | इसमें से प्रथम किश्त के रूप में 60 प्रतिशत यानि 1 लाख 62 हजार रूपये तथा शेष 40 प्रतिशत यानि 1 लाख 8 हजार रूपये दुसरे किश्त में दी जाएगी |

अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लाभूकों को अधिकतम 4 लाख 50 हजार रूपये कि सब्सिडी दी जा रही है | इसमें से प्रथम किश्त के रूप में 60 प्रतिशत यानि 2 लाख 70 हजार रूपये तथा शेष 40 प्रतिशत यानि 1 लाख 80 हजार रूपये दुसरे किश्त में दिया जायेगा |

इस योजना के तहत कितने किसान आवेदन कर सकते हैं ?

योजना के तहत कुल 312 इकाई के लिए आवेदन किये जा सकते हैं | इसके तहत राज्य के किसी भी जिले से किसान आवेदन कर सकते हैं | सामान्य वर्ग, अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के लिए लक्ष्य अलग–अलग है |

  • इसमें से सामान्य वर्ग के लाभूकों के लिए 168 इकाई
  • अनुसूचित जाति के लाभूकों के लिए 124 इकाई
  • अनुसूचित जनजाति के लाभूकों के लिए 20 इकाई

3000 क्षमता ब्रायलर पोल्ट्री फार्म योजना pdf की पूरी जानकरी के लिए क्लिक करें

5,000 क्षमता वाले ब्रायलर पोल्ट्री फार्म हेतु योजना

प्रदेश के सामान्य जाति वर्ग के आवेदक के लिए 62 रिक्त इकाई हैं | एक इकाई पर 48.50 लाख रूपये का अधिकतम खर्च रखा गया है | इस अधिकतम खर्च पर राज्य सरकार 30 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाएगी जो अधिकतम 14 लाख 55 हजार रुपये है | इस योजना के अनुसार आवेदक को कम से कम 22 लाख 90 हजार रूपये खुद से लगाने होंगे तथा 4.95 लाख रूपये तक का बैंक में होना अनिवार्य है | बैंक ऋण पर लगने वाले ब्याज पर भी 50 प्रतिशत तक सबसिडी दी जाएगी |

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राज्य के अनुसूचित जाति वर्ग के आवेदक के लिए 26 रिक्त इकाई हैं | एक इकाई पर 48.50 लाख रूपये का अधिकतम खर्च रखा गया है | इस अधिकतम खर्च पर राज्य सरकार 40 प्रतिशत की सब्सिडी देगी जो अधिकतम 19 लाख 40 हजार रूपये है | योजना के अनुसार आवेदक को कम से कम 22 लाख 90 हजार रूपये खुद से लगाने पड़ेगा तथा 4 लाख 85 हजार रूपये तक का बैंक में होना अनिवार्य है | बैंक ऋण पर लगने वाले ब्याज पर भी 50 प्रतिशत तक सबसिडी दी जाएगी |

प्रदेश के अनुसूचित जनजाति के आवेदक के लिए 3 रिक्त इकाई हैं | एक इकाई पर 48.50 लाख रूपये का अधिकतम खर्च रखा गया है | इस अधिकतम खर्च पर राज्य सरकार 40 प्रतिशत की सब्सिडी देगी जो अधिकतम 19 लाख 40 हजार रुपया है | इस योजना के अनुसार आवेदक को कम से कम 22 लाख 90 हजार रूपये खुद से लगाने पड़ेगा तथा 4 लाख 85 हजार रूपये तक का बैंक में होना अनिवार्य है | बैंक ऋण पर लगने वाले ब्याज पर भी 50 प्रतिशत तक सबसिडी दी जाएगी |

बैंक लोन के ब्याज पर दी जाएगी 50 प्रतिशत सब्सिडी

इसके अतरिक्त कुल चार वर्षों तक बैंक ऋण के ब्याज पर 50 प्रतिशत अनुदान की अधिकतम राशि निम्नांकित विवरणी के अनुरूप दी जायेगी | स्वलागत से लेयर फार्म स्थापित करने पर बैंक ऋण के ब्याज पर अनुदान देय नहीं होगा |

लाभुकों को दो किश्तों में दी जाएगी सब्सिडी की राशि

सामान्य वर्ग के लाभुकों को 5,000 लेयर मुर्गी फार्म के लिए कुल 14 लाख 55 हजार रूपये तक कि सब्सिडी दी जाएगी | इसमें से पहली किश्त के रूप में सब्सिडी का 60 प्रतिशत यानि 8 लाख 73 हजार रूपये तथा दूसरी किश्त के रूप में शेष 40 प्रतिशत यानि 5 लाख 82 हजार रूपये दिये जायेंगे |

अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के लाभुकों को 5,000 लेयर मुर्गी फार्म के लिए सब्सिडी के रूप में 19 लाख 40 हजार रूपये दिये जायेंगे | यह राशि दो किश्तों में दी जाएगी | पहली किश्त के रूप में सब्सिडी का 60 प्रतिशत यानि 11 लाख 64 हजार तथा दूसरी किश्त के रूप में शेष 40 प्रतिशत यानि 7 लाख 76 हजार रूपये दिये जायेंगे |

5,000 क्षमता वाले ब्रायलर पोल्ट्री फार्म योजना pdf सम्पूर्ण जानकारी के लिए क्लिक करें

10,000 क्षमता वाले ब्रायलर पोल्ट्री फार्म हेतु योजना

राज्य के सामान्य जाति के आवेदक के लिए 90 रिक्त इकाई हैं | एक इकाई पर 85 लाख रूपये का अधिकतम खर्च रखा गया है | इस अधिकतम खर्च पर राज्य सरकार 30 प्रतिशत की सब्सिडी देगी जो अधिकतम 25 लाख 50 हजार रुपये है | इस योजना के अनुसार आवेदक को कम से कम 45.80 लाख रूपये खुद से लगाने पड़ेगा तथा 10 लाख रूपये रूपये तक का बैंक में होना अनिवार्य है | बैंक ऋण पर लगने वाले ब्याज पर भी 50 प्रतिशत तक सबसिडी दी जाएगी |

राज्य के अनुसूचित जाति के आवेदक के लिए 14 रिक्त इकाई हैं | एक इकाई पर 85 लाख रूपये का अधिकतम खर्च रखा गया है | इस अधिकतम खर्च पर राज्य सरकार 40 प्रतिशत की सब्सिडी देगी जो अधिकतम 40 लाख रुपया है | इस योजना के अनुसार आवेदक को कम से कम 45.80 लाख रूपये खुद से लगाने पड़ेगा तथा 8 लाख 50 हजार रूपये तक का बैंक में होना अनिवार्य है | बैंक ऋण पर लगने वाले ब्याज पर भी 50 प्रतिशत तक सबसिडी दी जाएगी |

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राज्य के सामान्य जाती के आवेदक के लिए 1 रिक्त इकाई हैं | एक इकाई पर 85 लाख रूपये का अधिकतम खर्च रखा गया है | इस अधिकतम खर्च पर राज्य सरकार 40 प्रतिशत की सब्सिडी देगी जो अधिकतम 34 लाख रुपया है | इस योजना के अनुसार आवेदक को कम से कम 45.80 लाख रूपये खुद से लगाने पड़ेगा तथा 8 लाख 50 हजार रूपये तक का बैंक में होना अनिवार्य है | बैंक ऋण पर लगने वाले ब्याज पर भी 50 प्रतिशत तक सबसिडी दी जाएगी |

दी किश्तों में दी जाएगी सब्सिडी की राशि

सामान्य वर्ग के लाभुकों को 10,000 लेयर मुर्गी फार्म के लिए कुल 25 लाख 50 हजार रूपये तक कि सब्सिडी दिया जाता है | इसमें से पहली किश्त के रूप में सब्सिडी का 60 प्रतिशत यानि 15 लाख 30 हजार रूपये तथा दूसरी किश्त के रूप में शेष 40 प्रतिशत यानि 10 लाख 20 हजार रूपये दिये जायेंगे |

अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के लाभुकों को 10,000 लेयर मुर्गी फार्म के लिए सब्सिडी के रूप में 34 लाख रूपये दिये जायेंगे | यह राशि दो किश्तों में दिया जायेगा | पहली किश्त के रूप में सब्सिडी का 60 प्रतिशत यानि 20 लाख 40 हजार तथा दूसरी किश्त के रूप में 13 लाख 60 हजार रूपये दिये जायेंगे |

योजना के लिए आवश्यक भूमि

लेयर मुर्गी फार्मिंग के लिए 3 प्रकार का योजना है | आवेदक 3,000, 5,000 तथा 10,000 मुर्गी के लिए आवेदन कर सकते हैं | इसके लिए आवेक के पास पहले से कम से कम इतनी भूमि होना आनिवार्य है |

  • 3,000 के लेयर मुर्गी फार्मिंग के लिए आवेदक के पास कम से कम 7,000 वर्ग फीट की आवश्यकता होती है |
  • 5,000 के लेयर मुर्गी फार्मिंग के लिए आवेदक के पास कम से कम 50 डिसमिल भूमि होना अनिवार्य है |
  • 10,000 के लेयर मुर्गी फार्मिंग के लिए आवेदक के पास कम से कम 100 डिसमिल भूमि होना अनिवार्य है |

योजना हेतु आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज

  • आवेदक का फोटोग्राफ
  • आधार कार्ड की छाया प्रति
  • जाती प्रमाण पत्र (केवल SC/ST के लिए अनिवार्य हैं)
  • पैन कार्ड की छाया प्रति
  • आवेदन के समय आवेदक के पास वांछित राशि की छाया प्रति
  • लीज / निजी / पैत्रिक भूमि का ब्यौरा की छाया प्रति
  • प्रशिक्षण संबंधी साक्ष्य

आवेदनकर्ता के पास एक प्रोजेक्ट रिपोर्ट होना जरुरी है जिसमें मुर्गी पालन पर व्यय के अलावा वर्ष भर आने वाले खर्च को दिखाना होगा साथ ही वर्ष में मुर्गी पालन से लाभ भी दिखाना होगा | प्रोजेक्ट रिपोर्ट इस तरह होना चाहिए | प्रस्तावित प्रोजेक्ट रिपोर्ट की राशि,अनुदान की राशि अनुदान के अतिरिक्त राशि की व्यवस्था (स्वलागत अथवा बैंक ऋण से) यदि स्वलागत से हो तो राशि की उपलब्धता संबंधी साक्ष्य यदि बैंक से ऋण प्राप्त करना चाहते हैं तो लाभुक के स्तर से व्यय की जाने वाली राशि (मार्जिन मनी) की उपलब्धता संबंधी साक्ष्य [राशि की उपलब्धता संबंधित साक्ष्य के रूप में अघतन बैंक पास बुक / बनेक के शाखा प्रबंधक के द्वारा सत्यापित खाता विवरणी (account statement) / बैंक सावधि जमा अथवा बीमा का प्रत्यार्पण मूल्य (surrender value) इत्यादी जमा किया जा सकता है ] विशेष यदि कोई हो (निबंधन संख्या इत्यादि)

अनुदान हेतु इच्छुक लाभार्थी यहाँ आवेदन करें

3,000, 5,000 तथा 10,000 के लेयर मुर्गी फार्मिंग के लिए किसान 20 मार्च तक आवेदन कर सकते हैं | किसान भाई योजना से सम्बंधित अधिक जानकारी के बिहार राज्य के पशुपालन विभाग की वेबसाइट https://state.bihar.gov.in/ahd/CitizenHome.html पर भी देख सकते हैं | योजना हेतु आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन है आप बिहार पशुपालन विभाग पर जाकर ऑनलाइन आवेदन एवं योजना से जुडी जानकारी देख सकते हैं | इच्छुक व्यक्ति आवेदन अपने नजदीक के किसी भी वसुधा केंद्र तथा किसी भी तरह के कम्पयूटर सेंटर से आवेदन कर सकते हैं या फिर आप इस लिंक से आवेदन कर सकते हैं यह लिंक इस प्रकार है-

5000 एवं 10,000 लेयर फार्म हेतु आवेदन करने के लिए क्लिक करें

3,000 लेयर फार्म हेतु आवेदन करने के लिए क्लिक करें

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