अनुदान पर सूक्ष्म सिंचाई आधारित फलों की खेती करने के लिए आवेदन करें

अनुदान पर फलों की खेती

खेती में वर्षा की अनिश्चितता के कारण कई किसान वर्ष भर में एक से अधिक फसल नहीं ले पाते हैं, जिससे खेत खाली रह जाता है और किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे में सरकार द्वारा ऐसी फसलों एवं कृषि पद्धतियों को बढ़ावा दे रही है जिनसे किसान कम पानी का उपयोग कर वर्ष भर उत्पादन प्राप्त कर सकें। इस कड़ी में बिहार सरकार ने ड्रिप सिंचाई से फलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए नई योजना शुरू की है।

बिहार सरकार ने बागवानी के लिए सात निश्चय-2 के तहत सूक्ष्म सिंचाई आधारित शुष्क बागवानी योजना शुरू की है। योजना का मुख्य लक्ष्य सूक्ष्म सिंचाई के माध्यम से कम वर्षा वाले क्षेत्र में फल पौधे को बढ़ावा देना है। योजना के तहत उन फलदार पेड़ों को प्राथमिकता दी जाएगी जो कम पानी में भी अच्छा उत्पादन देते हैं। किसान योजना के तहत इन पौधों को अपने खेतों की मेड़ों पर भी लगा सकते हैं जिससे किसानों को अतिरिक्त आमदनी भी प्राप्त होगी। राज्य के उद्यानिकी विभाग द्वारा इच्छुक किसानों से आवेदन माँगे गए है।

यह किसान कर सकते योजना के तहत आवेदन

- Advertisement -

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (सूक्ष्म सिंचाई) आधारित शुष्क बागवानी योजना का लाभ राज्य के सभी ज़िलों के छोटे तथा बड़े किसान उठा सकते हैं। योजना 0.1 हेक्टेयर से 4 हेक्टेयर भूमि में अपने इच्छानुसार फल पौध का चयन कर आवेदन कर सकते हैं। योजना का लाभ कृषक अपने खेत के मेड़ पर भी ले सकते हैं। किसानों को आवश्यकतानुसार सामुदायिक नलकूप का लाभ दिया जाएगा। 

किसान खेत की मेड़ पर भी लगा सकते हैं अनुदान पर फलदार पौधे

किसान योजना का लाभ अपने निजी भूमि के साथ-साथ अपने खेत के मेड़ पर भी ले सकते हैं। जिसमे ड्रिप सिंचाई का संस्थापन अनिवार्य रूप से होना चाहिए। मेड़ पे लगाये जाने वाले पौधे के समानुपातिक रकबा ही मान्य होगा। किसान न्यूनतम 0.1 हेक्टेयर एवं अधिकतम 4 हेक्टेयर में अपने इच्छानुसार फल पौध का चयन एवं आवेदन करने के लिए स्वतंत्र होगें।

यह योजना इन फलों की खेती करने पर लागू है 

- Advertisement -

शुष्क बागवानी योजना का क्रियान्वयन राज्य के सभी 38 ज़िलों में किया जाएगा। योजना के तहत ज़िलेवार योजना संचालन हेतु 2400 किसानों को सेंटर ऑफ़ एक्सेलेंस द्वारा प्रशिक्षण भी दिया जायेगा। आवेदन के जाँच के उपरांत सभी शर्तों को पूरा करने वाले किसानों को सेंटर ऑफ़ एक्सेलेंस, देसरी, वैशाली से फल पौध यथा आँवला, बेर, जामुन, कटहल, बेल अनार, नींबू, एवं मीठा नींबू आदि कृषकों को उपलब्ध कराया जाएगा। किसान अपनी इच्छा अनुसार फल पौध का चयन करने के लिए स्वतंत्र होंगे। फल पौध के अनुदान की राशि योजना की राशि से काटकर सेंटर ऑफ़ एक्सेलेंस, देसरी, वैशाली को उपलब्ध करा दी जाएगी।

फलों की बागवानी पर कितना अनुदान Subsidy दी जाएगी

इस योजना अंतर्गत फल फसलों हेतु 60,000 रूपये प्रति हेक्टेयर की लागत निर्धारित की गई है। इस पर हितग्राही को 50 प्रतिशत अधिकतम 30,000 रूपये प्रति हेक्टेयर का अनुदान दिया जाएगा। हितग्राही को मिलने वाला अनुदान तीन किस्तों में दिया जाएगा। अनुदान की पहली किश्त पहले वर्ष 60 प्रतिशत यानि 18,000 रूपये , दुसरे वर्ष 20 प्रतिशत यानि 6,000 रूपये तथा तीसरे वर्ष 20 प्रतिशत यानि 6,000 रूपये के रूप में दी जाएगी। यह बात ध्यान रखना होगा की पहली किश्त के बाद शेष किस्तें लगाए गये पौधे की उपलब्धता के आधार पर अगले दो वित्तीय वर्ष में देय होगी।

वही बिहार सरकार प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना अंतर्गत ड्रिप सिंचाई पद्धति तथा स्प्रिंकलर सिंचाई पद्धति के लिए राज्य के सभी वर्गों को 90 प्रतिशत का अनुदान दे रही है। शुष्क बागवानी योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को ड्रिप सिंचाई का भी लाभ दिया जाएगा इसके लिए किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा।

सामुदायिक नलकूप पर दिया जाएगा शत प्रतिशत अनुदान

किसानों को आवश्यकतानुसार सामुदायिक नलकूप का लाभ भी दिया जाएगा। सामुदायिक नलकूप हेतु डैशबोर्ड पर जाकर सामुदायिक नलकूप योजना में आवेदन किया जा सकता है। किसानों के आवश्यकतानुसार सामुदायिक नलकूप का भी अधिष्ठापन किया जाएगा, जो राज्य स्कीम मद से संचालित सामुदायिक नलकूप योजना अंतर्गत 100 प्रतिशत अनुदान से प्रति पूरित किया जाएगा। सामुदायिक नलकूप योजना का लाभ समूह में योजना लेने वाले किसानों को ही दिया जाएगा।

किसानों को प्रति हेक्टेयर कितने पौधे उपलब्ध कराए जाएँगे?

योजना में आवेदन का रकवा डेसीमल में किया जाएगा। बिहार के सभी जिलों के लिए 250 डेसीमल = 1 हेक्टेयर = 2.5 एकड़ होता है। किसान विभिन्न प्रकार के फलों की पेड़ की दुरी इस प्रकार रखें:-

पौध का नाम 

पौधों की दुरी 

कुल पौधा प्रति हैक्टेयर 

आंवला 

6×6 

278 

बेर 

6 × 6 

278 

कटहल

10 × 10 

100 

जामुन 

8 × 8 

156 

बेल 

8 × 8 

156 

अनार 

5 × 5 

400 

नींबू 

5 × 5 

400 

मीठा नींबू 

5 × 5 

400  

अनुदान पर फलों की खेती के लिए आवेदन कहाँ करें?

यह योजना का क्रियान्वयन बिहार उद्यानिकी विभाग द्वारा किया जा रहा है। योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को पहले प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना(सूक्ष्म सिंचाई) हेतु आवेदन http://horticulture.bihar.gov.in/PMKSYMI/default.aspx पोर्टल पर करना होगा। उसके बाद ही किसान इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (सूक्ष्म सिंचाई) योजना के लिए आवेदन करने के बाद किसान http://horticulture.bihar.gov.in पर आवेदन कर सकते हैं। 

- Advertisement -

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
यहाँ आपका नाम लिखें

Stay Connected

217,837FansLike
829FollowersFollow
54,000SubscribersSubscribe
- Advertisement -

Latest Articles

ऐप खोलें