मत्स्य संपदा योजना के तहत 60 प्रतिशत तक की सब्सिडी पर मछली पालन करने के लिए आवेदन करें

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अनुदान पर मछली पालन हेतु आवेदन

ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन एवं किसानों की आय में वृद्धि करने के उद्देश्य से कृषि के साथ ही मछलीपालन एवं पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए सरकार के द्वारा कई योजनाओं की शुरुआत की गई है | इस वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मछली पालन क्षेत्र की सबसे बड़ी योजना मत्स्य संपदा योजना की शुरु की है | मत्स्य संपदा योजना की उपयोजनाओं के तहत लाभार्थी को अनुदान दिया जाता है |

योजना में मछुआरों, किसानों, युवा, महिला, उद्यमी, आदि सभी को शामिल किया जायेगा | योजना के तहत हैचरियां, पुनः संचारी जल कृषि प्रणाली, बायोफ्लॉक, एक्वापोनिक्स, समुद्री और जलाशय पिंजरा कृषि, क्षारीय और लवणीय क्षेत्रों में जल कृषि का विकास, सजावटी मत्सिकी, शैवाल खेती, शीत श्रंखला, मार्किटिंग और ब्रांडिंग, बाजार श्रंखला मूल्य संवर्धन, स्टार्टअप, प्रमाणन आदि गतिविधियाँ शामिल है | योजना के अंतर्गत इन योजनाओं में से कुछ उप योजनाओं के तहत उत्तरप्रदेश के मत्स्य विभाग द्वारा आवेदन आम्नात्रित किये गए हैं |

उत्तरप्रदेश के मत्स्य विभाग द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत आवेदन आमंत्रित किये गए हैं | योजना का क्रियान्वन क्षेत्रीय स्तर पर समूह आधारित (क्लस्टर बेस्ड) किया जायेगा | अतः योजना के सञ्चालन हेतु प्रत्येक जनपद में पर्याप्त जल संसाधन वाले विकास खंडो का प्रथम चरण में यथासंभव चयन किया जायेगा | चयनित विकास खण्डों में कुल लक्ष्य का 70 प्रतिशत एवं शेष 30 प्रतिशत जनपद के अन्य विकासखंडो में परियोजनायें संचालित की जाएगी | आवश्यकता अनुसार लक्ष्य से अधिक प्रस्ताव राजकीय सहायता प्राप्त करने हेतु दिए जा सकते हैं | सरकार द्वारा उपलब्ध कराये गए बजट की सीमा तक लाभार्थियों को सहायता प्रदान की जाएगी |

योजना के तहत अनुदान प्राप्त करने के लिए यह व्यक्ति/समूह कर सकते हैं आवेदन

प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के तहत मछुआ, मत्स्य पालक, मछली बेचने वाले, स्वयं सहायता समूह, मत्स्य उधमी, निजी फर्म, फिश फार्मर प्रोड्यूसर आर्गेनाइजेशन / कम्पनीज, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिला आदि लाभार्थीपरक परियोजनाओं हेतु आवेदन कर सकते हैं |

मत्स्य सम्पदा योजना के तहत दिया जाने वाला अनुदान एवं पूँजी

योजना के अंतर्गत सामान्य श्रेणी तथा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के आवेदकों को अलग–अलग सब्सिडी दी जा रही है | योजना के अंतर्गत सामान्य श्रेणी के व्यक्तियों को कुल इकाई लागत का अधिकतम 40 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिला लाभार्थियों को 60 प्रतिशत अनुदान धनराशी डी.बी.टी. के माध्यम से दी जाएगी |

सामान्य श्रेणी के लाभार्थियों को 60 प्रतिशत अंश एवं अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिला लाभार्थियों को 40 प्रतिशत अंश स्ववित्तपोषण से अथवा बैंक ऋण लेकर लाभार्थी अंश के रूप में वहन करना होगा | लाभार्थियों को देय अनुदान की धनराशि दो अथवा तीन किश्तों में उपलब्ध करायी जाएगी |

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मत्स्य सम्पदा योजना के लिए दिशा-निर्देश

  • योजना में व्यक्तिगत लाभार्थी हेतु तालाब निर्माण इत्यादि परियोजनाओं के लिए 2.0 हेक्टेयर तक की सीलिंग निर्धारित की गयी परन्तु समूह में 2.0 हेक्टेयर के गुणांक में उसके सदस्यों के लिए 20.00 हेक्टेयर तक की सीलिंग निर्धारित है |
  • मत्स्य सम्पदा योजना का लाभ लेने के लिए स्वयं की भूमि की उपलब्धता के अभिलेख पोर्टल पर उपलब्ध करना अनिवार्य है | योजनाओं के सञ्चालन हेतु लाभार्थी रजिस्टर्ड पट्टे पर भी भूमि की व्यवस्था कर सकते हैं परन्तु इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के लिए न्यूनतम 10 वर्ष की पट्टा अवधि एवं शेष परियोजनाओं के लिए 7 वर्ष से कम का पट्टा अवधि अनुमन्य नहीं है | भूमि क्रय करने, पट्टे पर लेने के लिए परियोजनाओं में धनराशि का प्रावधान नहीं हैं | लाभार्थी को प्रमाण-पत्र के माध्यम से यह घोषणा करनी होगी कि परियोजना हेतु भूमि विवाद रहित है |
  • पट्टे की भूमि पर लाभार्थी द्वारा कोई योजना क्रियान्वित की जाती है तथा पट्टा किन्हीं कारणों से निरस्त होता है तो लाभार्थी को 12 प्रतिशत ब्याजदर से अथवा बैंक ब्याजदर से इनमें जो भी दर अधिक होगी, सहित योजना हेतु उपलब्ध करायी गयी अनुदान धनराशी ब्याज सहित मत्स्य विभाग को वापस करना अनिवार्य होगा |
  • लाभार्थियों को परियोजना से सम्बंधित सभी वैधानिक अनुमतियाँ प्राप्त कर परियोजना प्रस्ताव के साथ देना अनिवार्य होगा |
  • आवेदनकर्ता को इच्छुक परियोजना हेतु पूर्ण परियोजना प्रस्ताव सहित ऑनलाइन आवेदन करना होगा जिसके लिए पोर्टल पर उपलब्ध मत्स्य सम्रद्धि फार्म ऑनलाइन भरने के साथ अपना फोटो, आधार कार्ड, निर्धारित प्रारूप पर रुपये 100 के स्टाम्प पर नोटरी प्रमाण-पात्र बैंक से यदि ऋण लेना चाहते हैं तो बैंक का अग्रिम स्वीकृति पात्र व भूमि सम्बन्धी अभिलेख अपलोड करना होगा |
  • लाभार्थियों का चयन प्रथम आगत प्रथम पावत के आधार पर किया जायेगा | वर्ष 2021-22 के लिए योजना अंतर्गत चिन्हांकित परियोजनाओं में आवेदन करना चाहता है तो वह आवेदन कर सकता है |

मत्स्य सम्पदा योजना के तहत इन उपयोजनाओं के तहत कर सकते हैं आवेदन

उपयोजना
योजना के तहत आने वाली कुल लागत

मत्स्य बीज हैचरी निर्माण

25 लाख रुपये

बायोफ्लॉक निर्माण संवर्धन प्रथम वर्ष निवेश सहित

14 लाख रुपये

बायोफ्लॉक निर्माण संवर्धन प्रथम वर्ष निवेश सहित/ सैलाइन/ एल्कालाइन क्षेत्र में

18 लाख रुपये

रियारिंग यूनिट पर तालाब निर्माण

7 लाख रुपये

निजी भूमि पर तालाब निर्माण मत्स्य पालन

7 लाख रुपये

प्रथम वर्ष निवेश मेजर कॉर्प

4 लाख रुपये

पंगेशियास प्रथम वर्ष निवेश/ तिलपिया

4 लाख रुपये

निजी भूमि पर तालाब निर्माण (खारा जल)

8 लाख रुपये

प्रथम वर्ष निवेश खारा जल/ बेकिस वाटर

6 लाख रुपये

मतस्य फिंगरलिंग जलाशय

3 रुपये प्रति

मतस्य फिंगरलिंग वेटलैंड

3 रुपये प्रति

बैकयार्ड सजावटी मछली रियारिंग यूनिट

3 लाख रुपये

मनोरंजन हेतु मछलियों को प्रोत्साहन

50 लाख रुपये

वृहद री- सर्कुलेटरी सिस्टम

50 लाख रुपये

मध्याकार री- सर्कुलेटरी सिस्टम

25 लाख रुपये

लघु री- सर्कुलेटरी सिस्टम

7.50 लाख रुपये

बैकयार्ड री- सर्कुलेटरी सिस्टम

0.50 लाख रुपये

केज संवर्धन

3 लाख रुपये

पेन संवर्धन

3 लाख रुपये

इंसुलेटेड रेफ्रीजरेटिव वें

20 लाख रुपये

जिंदा मछली विक्रय केंद्र

20 लाख रुपये

मोटर साइकिल विथ आइस बॉक्स

75 हजार रुपये

साइकिल विथ आइस बॉक्स

10 हजार रुपये

थ्री व्हीलर विथ आइस बॉक्स

3 लाख रुपये

लघु मत्स्य आहार मिल ( 2 टन प्रति दिन क्षमता)

30 लाख रुपये

मध्यकार मत्स्य आहार मिल (8 टन प्रति दिन क्षमता)

1 करोड़ रुपये

वृहद मत्स्य आहार मिल (20 टन प्रति दिन क्षमता)

2 करोड़ रुपये

वृहद मत्स्य आहार प्लांट (100 टन प्रति दिन क्षमता)

6 करोड़ 50 लाख रुपये

मोबाइल लैब/क्लिनिक

35 लाख रुपये

कियोस्क निर्माण

10 लाख रुपये

शीत गृह/ आइस प्लांट निर्माण (10 टन क्षमता)

40 लाख रुपये

शीत गृह/ आइस प्लांट निर्माण (20 टन क्षमता)

80 लाख रुपये

शीत गृह/ आइस प्लांट निर्माण (30 टन क्षमता)

1 करोड़ 20 लाख रुपये

शीत गृह/ आइस प्लांट निर्माण (50 टन क्षमता)

1 करोड़ 50 लाख रुपये

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प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के तहत अनुदान हेतु आवेदन

मत्स्य विभाग उत्तर प्रदेश के अंतर्गत प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के अंतर्गत मत्स्य विकास की विभिन्न उप योजनायें संचालित की गई हैं जिनमें लाभार्थी परक योजनाओं के अंतर्गत शासकीय अनुदान प्राप्त करने हेतु विभागीय पोर्टल http://fymis.upsdc.gov.in/ पर ऑनलाइन आवेदन दिनांक 31.12.2020 तक आमंत्रित किये गए हैं | आवेदन प्रस्तुतकर्ता उक्त विभागीय पोर्टल पर स्वयं अथवा जनसेवा सुचना केंद्र के माध्यम से पोर्टल पर आपना आवेदन कर सकते हैं | योजना की गाइडलाइन्स उक्त विभागीय पोर्टल एवं विभागीय वेबसाइट http://fisheries.upsdc.gov.in/hi-in/ पर उपलब्ध है | अधिक जानकारी के लिए इच्छुक व्यक्ति अपने जिले के मत्स्य विभाग में सम्पर्क कर सकते हैं |

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