इस योजना के तहत 7 हजार रुपए सालाना लेने के लिए 10 जून तक करें आवेदन

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ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के तहत पंजीयन

किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा कई योजनाएँ चलाई जा रही हैं, योजना के तहत किसानों को सीधे अनुदान राशि प्रदान की जाती है। लेकिन जिन के पास स्वयं की भूमि नहीं है पर वर्षों से कृषि कार्य कर रहें हैं या फिर कृषि पर ही निर्भर है वैसे किसानों को इन योजनाओं का लाभ नहीं मिलता है। इसको ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार भूमिहीन किसानों के लिए “राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना” चला रही है। 

छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के कृषि मजदूरों के लिए राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना चला रही है। योजना के तहत राज्य के कृषि मजदूरों को प्रति वर्ष 7,000 रुपए दिए जाते हैं| योजना का लाभ देने के लिए सरकार द्वारा पूर्व में पंजीयन कराए जा चुके हैं एवं 21 मई 2022 को डी.बी.टी. के माध्यम से हितग्राहियों के बैंक खातों में पैसा स्थांतरित कर दिया गया है। जिसके बाद सरकार ने ऐसे व्यक्तियों से आवेदन आमंत्रित किए हैं जो पहले इस योजना के तहत पंजीकरण नहीं करा पाए थे। 

कब तक करा सकेंगे योजना के तहत पंजीयन

राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के तहत पात्र हितग्राही जो पंजीयन कराने से छूटे गए हैं एवं पंजीयन हेतु नवीन आवेदन 10 जून तक प्राप्त किए जाएंगे। कार्यक्रम के अनुसार जनपद पंचायत स्तर पर पोर्टल में प्रविष्टि कर पंजीयन 11 जून से 17 जून तक होगा। तहसीलदार आवेदनों का सत्यापन कर 27 जून तक दावा आपत्ति प्राप्त करेंगे और ग्राम पंचायत स्तर पर पंजीकृत आवेदनों का सूची प्रकाशित करेंगे। 

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जिसके बाद ग्राम पंचायत द्वारा ग्राम सभा के समक्ष प्रकाशित सूची को दावा-आपत्ति हेतु 30 जून से 7 जुलाई 2022 तक प्रस्तुत किया जाएगा। गांवों का विशेष ग्राम सभा में 8 जुलाई तक दावा आपत्तियों का निराकरण किया जाएगा। ग्राम सभा से प्राप्त प्रतिवेदन के अनुसार पात्र/अपात्र हितग्राहियों का वेबसाईट में जनपद पंचायत स्तर पर अधतीकरण किया जाएगा। जिला कलेक्टरों द्वारा 18 जुलाई को सत्यापित सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।

राज्य के यह व्यक्ति ले सकते हैं योजना का लाभ

योजना का लाभ छत्तीसगढ़ के ऐसे मूल निवासियों को दिया जायेगा, जिनके पास कृषि भूमि नहीं है | योजना के तहत बढई, चरवाहा, लोहार, मोची, नाई, धोबी और पुरोहित जैसे पारंपरिक काम से जुड़े लोगों को भी शामिल किया गया है। पौनी –पसरी व्यवस्था से जुड़े परिवार, वनोपज संग्राहक तथा शासन द्वारा समय–समय पर नियत ऐसे अन्य वर्ग भी पात्र होंगे जिनके परिवार के पास कृषि भूमि नहीं है।

अभी तक 3 लाख से अधिक किसानों को मिला है योजना का लाभ

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चलाई जा रही राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2021-22 एवं 2022-23 के लिए अब तक 212 करोड़ 93 लाख 62 हजार रूपए की राशि हितग्राहियों के खातों में जमा करा दी गई है। आयुक्त भू-अभिलेख  से प्राप्त जानकारी के अनुसार राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2021-22 में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा 3 फरवरी 2022 को 70 करोड़ 90 लाख 26 हजार रूपए की राशि 3 लाख 54 हजार 513 हितग्राहियों के खातों में जमा करायी गई है।

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इसी तरह से मुख्यमंत्री ने 31 मार्च 2022 को 71 करोड़ 8 लाख 4 हजार रूपए की राशि 3 लाख 55 हजार 402 हितग्राहियों के खाते में जमा करायी गई है। वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए 21 मई को 70 करोड़ 95 लाख 32 हजार रूपए की राशि तीन लाख 54 हजार 766 हितग्राहियों के खाते में सीधे डीबीटी से जमा करा दी गई है।

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