असमय बारिश एवं ओलावृष्टि से हुए फसल नुकसान का मुआवजा लेने हेतु आवेदन का एक और मौका

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फसल नुकसान का मुआवजा हेतु आवेदन

फरवरी तथा मार्च माह में देश के कई राज्यों में आंधी, पानी तथा ओला वृष्टि से रबी फसल को काफी नुकसान का सामना करणा पड़ा था | इसकी भरपाई के लिए अलग–अलग राज्य सरकार ने अपने तरफ से किसानों को सहायता राशी देने की घोषणा की थी | जिन राज्यों में किसानों फसल बीमा था उन सभी राज्य के किसानों को फसल बीमा राशि दिया जा रहा है  लेकिन जिन राज्यों में फसल बीमा नहीं था उन सभी किसानों को राज्य सरकार के तरफ से अन्य योजना के मध्य में सहायता राशी उपलब्ध करवाई जा रही है |

बिहार इन्हीं राज्यों में से एक राज्य है जहाँ प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना नहीं है | राज्य के किसानों को फसल नुकसानी के लिए कृषि इनपुट योजना के अंतर्गत किसानों को नुकसानी की भरपाई की जा रही है | फरवरी तथा मार्च माह में बेमौसम बारिश तथा ओला और आंधी से रबी फसल को काफी नुकसान हुआ था | इसके लिए राज्य सरकार ने पहले 28 मार्च को आवेदन माँगा था लेकिन लाँकडाउन के चलते आवेदन की तारीख बढ़ाकर 18 अप्रैल कर दी गई थी | 18 अप्रैल के बाद किसानों को इनपुट राशि दी जा रही है |  

लॉकडाउन 2.0 के बाद किसान कर सकेंगे आवेदन

केंद्र सरकार के द्वारा दूसरी बार लॉक डाउन बढ़ाने के कारण ऑनलाइन आवेदन के लिए काँमन सर्विस सेंटर बंद थे | इससे इस योजना का लाभ प्राप्त करने से बहुत से किसान वंचित रह गये हैं | लॉक डाउन 2.0  3 मई को समाप्त हो रहा है, जिसे देखते हुए राज्य सरकार ने 4 मई से पुन: वेबसाईट को शुरू की जा रही है | बिहार के वे सभी किसान जो अभी तक इस योजना से वंचित रह गए है तथा योजना के लिए पात्र हैं 4 मई से आवेदन कर सकते हैं |

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अभी हो रही बारिश से हो रहे नुकसान का किया जा रहा है आकलन

कृषि मंत्री बताया कि राज्य में अप्रैल माह में भी असामयिक वर्षा / आँधी / ओलावृष्टि से किसानों को क्षति होने की सुचना प्राप्त हो रही है | विभाग द्वारा इसका आकलन कराया जा रहा है | मौसम विज्ञान द्वारा पूर्वानुमान के अनुसार अप्रैल अंत तक राज्य में असामयिक वर्षा/आंधी/ ओलावृष्टि की सम्भावना व्यक्त की गई है | विभाग द्वारा कराए जा रहे सर्वेक्षण में जिन क्षेत्रों के किसानों को फसल क्षति पाई जाती है, उन्हें भी कृषि इनपुट अनुदान भारत सरकार द्वारा अधिसूचित प्राकृतिक आपदाओं एवं राज्य सरकार द्वारा स्थानीय आपदाओं के अधीन निर्धारित सहाय्य मापदन्डों के अनुरूप दिया जाएगा |

योजना के अंतर्गत किन जिलों के किसान पात्र हैं ?

फरवरी तथा मार्च माह में वर्षा तथा ओलावृष्टि से फसल की नुकसानी राज्य के 11 जिलों में आँका गया था | यह सभी जिले औरंगाबाद, भागलपुर, बक्सर, गया, जहानाबाद, कैमूर, मुजफ्फरपुर, पटना, पूर्वी चम्पारण, समस्तीपुर तथा वैशाली प्रभावित हुआ था | इसके अलावा इस माह के बारिश से प्रभावित किसनों के लिए आवेदन का डेट आने पर नए सिरे से जिलों का निर्धारण किया जाएगा |

योजना के अंतर्गत दिया जाने वाला अनुदान

बिहार के वर्षा/ओला से प्रभावित 11 जिलों के किसानों को कृषि इनपुट अनुदान भारत सरकार द्वारा अधिसूचित प्राकृतिक आपदाओं एवं राज्य सरकार द्वारा स्थानीय आपदाओं के अधीन निर्धारित सहाय्य मापदंडों के अनुरूप दिया जा रहा है | किसानों को कृषि इनपुट अनुदान वर्षाश्रित यानि असिंचित फसल क्षेत्र के लिए 6,800 रूपये हेक्टेयर की दर से दिया जाएगा | जबकि सिंचित क्षेत्र के लिए किसानों को 13,500 रूपये प्रति हेक्टेयर की दर से यह अनुदान दिया जा रहा है | यह अनुदान प्रति किसान अधिकतम 2 हेक्टेयर के लिए ही देय है | सरकार द्वारा प्रभावित किसानों को इस योजना के अंतर्गत फसल क्षेत्र के लिए कम से कम 1,000 रूपये अनुदान दिया जायेगा | यह पैसा किसान के आधार नंबर से जुड़े बैंक खाता में दिया जाएगा |

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इस योजना से अभी तक कितने किसान लाभान्वित हुए हैं ?

फरवरी मार्च में बेमौसम बारिश से हुए नुकसान की मुवाब्जा पाने के लिए 18 अप्रैल तक 13,20558 किसानों द्वारा इनपुट अनुदान के लिए आँनलाइन आवेदन किया गया है, जिसकी संबंधित कृषि समन्वयक , जिला कृषि पदाधिकारी एवं ए.डी.एम. के द्वारा जाँच की जा रही है | राज्य सरकार द्वारा इस कृषि इनपुट अनुदान के लिए 518.42 करोड़ रूपये स्वीकृत किया गया है | फरवरी माह में फसल क्षति के लिए 12 लाख 14 हजार 888 किसनों द्वारा कृषि इनपुट अनुदान हेतु आँनलाइन आवेदन किया गया था, जिसकी जाँच की जा रही है | अब तक जाँच में सही पाए गये 54,174 किसानों के खाते में 18,37,37,401 रूपये अंतरित की गई है |

मुआवजा लेने के लिए किसान कहाँ आवेदन कर सकते हैं

इस योजना का लाभ कृषि विभाग के वेबसाईट पर आँलाइन पंजीकृत किसानों को ही दिया जायेगा | ऑनलाइन पंजीकृत कराना बिलकुल आसन है | किसान स्वयं अपने मोबाईल / लैपटाप अथवा ई – किसान भवन से अनुदान के लिए आनलाइन आवेदन नि:शुल्क कर सकते हैं | किसान नजदीक के काँमन सर्विस सेंटर / वसुधा केंद्र पर से सम्पर्क कर 10 रु. शुल्क का भुगतान कर अपना आवेदन करवा  सकते हैं |

योजना का लाभ लेने के लिए किसान यहाँ से कर सकेंगे आवेदन 

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17 COMMENTS

    • जी स्थानीय अधिकारियो को सर्वे के लिए कहें | यदि पहले नुकसान हुआ है तो कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत आवेदन करें |

    • जी फसल बीमा कंपनी एवं स्थानीय अधिकारीयों को सूचित कर सर्वे करवाएं |

    • फसल बीमा कंपनी को सूचित करें या स्थानीय कृषि अधिकारीयों को सूचित कर सर्वे करवाएं |

    • PM-Kisan Helpline No. 155261 / 1800115526 (Toll Free), 0120-6025109
      यदि आवेदन में कोई गलती हुई हो तो ब्लॉक या जिले में सुधार हेतु आवेदन करें |

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