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सोमवार, जून 24, 2024
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मंडी अधिनियम में किया गया संशोधन, किसान अब घर या खेत से सीधे उचित दामों में बेच सकेगें अपनी उपज

मंडी अधिनियम में संशोधन

कम समय में अधिक रबी फसल की उपज को खरीदने के लिए तथा किसानों को उचित मूल्य दिलाने के लिए राज्य सरकारों ने कई नये कदम उठायें हैं | इसके अंतर्गत मण्डी की संख्या बढ़ने से लेकर ई–ट्रेडिंग और निजी मण्डी की शुरुआत की है | किसानों को फसलों के उचित दाम मिल सकें इसके लिए सरकार नई योजनाएं ला रही है |

इसके अंतर्गत मध्य प्रदेश सरकार ने मण्डी नियम में संशोधन किया गया है | जिसके तहत किसान अपनी उपज को घर से व्यापारी को बेच सकते है | राज्य में पहले से ही सौदा पत्रक योजना लागू है | इसके अंतर्गत रबी फसल का 80 प्रतिशत उपज किसान ने बेचा है |

केंद्र सरकार के द्वारा मण्डी नियम इ 9 प्रावधान वर्ष 2017 से राज्यों को भेजे हुए था | जिसमें से 2 प्रावधानों को पहले से ही मध्य प्रदेश में लागू किया गया था जबकि शेष 7 प्रावधानों को संशोधन करके लागु कर दिया गया है | इन सभी प्रावधानों में किसान अपनी उपज को मण्डी के बाहर बेचने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है | किसान समाधान संशोधित मण्डी नियम के साथ पहले से लागू नियम को लेकर आया है |

किसान घर से ही बेच सकेंगे अपनी उपज, फल, सब्जी

मुख्यमंत्री ने बताया कि अब व्यापारियों लाईसेंस लेकर किसानों के घर पर जाकर अथवा खेत पर उनकी फसल खरीद सकेंगे | पुरे प्रदेश के लिए एक लाईसेंस रहेगा | व्यापारी कहीं भी फसल खरीद सकेंगे | राज्य में ई – ट्रेडिंग व्यवस्था भी लागू की है, जिसमें पुरे देश की मंडियों के दाम किसानों को उपलब्ध रहेंगे | वे देश की किसी भी मण्डी में, जहाँ उनकी फसलों का अधिक दाम मिले, सौदा कर सकेंगे |

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मण्डी नियमों के इन प्रावधानों को किया गया संशोधित

वर्ष 2017 में (IPLM) मॉडल मण्डी अधिनियम को केंद्र सरकार के द्वारा सभी राज्य सरकार को भेजा गया था | इसमें भेजे गये अधिनयम को लागू करना था या फिर संसोधन कर के लागू करना था | इस पर मध्य प्रदेश सरकार को उच्च स्तरीय समिति ने एक रोड मेप दिया था जिसके अनुसार 9 प्रावधानों में से 7 प्रावधानों में संशोधन करना था | राज्य सरकार ने उन सात प्रवधान में बदलाव करके लागू कर दिया है तथा 2 प्रावधान पहले से ही लागू है |

यह है पूर्व के 2 प्रवधान

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में IPLM के पहले से लागू दो प्रावधान है |

  1. पहला प्रावधान यह है कि संपूर्ण राज्य में कृषि उपज पहली बार खरीदने के समय ही मण्डी शुल्क लिया जाएगा | इसके बाद पुरे प्रदेश में पश्चात्वर्ती क्रय–विक्रय में मण्डी शुल्क नहीं लिया जाएगा |
  2. दूसरा प्रावधान यह है कि फलों और सब्जियों के विपन्न का विनियमन अर्थात फसल और सब्जियों को मण्डी अधिनियम के दायरे से बाहर रखा गया है |

शेष सात प्रावधानों पर कानून में संशोधन किया गया है 

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि अब सात नए प्रावधानों को मण्डी अधिनियम में शामिल किया गया है |

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यह सभी सात प्रावधान इस प्रकार है :-

  1. निजी क्षेत्रों में मंडियों की स्थापना के लिए प्रावधान |
  2. गोदाम, साइलो कोल्ड स्टोरेज आदि को भी प्राईवेट मण्डी घोषित किया जा सकेगा |
  3. किसानों से मण्डी के बाहर ग्राम स्तर से फ़ूड प्रोसेसर, निर्यातक, होलसेल, विक्रेता और अंतिम उपयोगकर्ता को सीधे उपज खरीदने का प्रावधान |
  4. मण्डी समितियों का निजी मंडियों के कार्य में कोइ हस्तक्षेप नहीं रहेगा |
  5. प्रबंध संचालक मण्डी बोर्ड से रेगुलेटरी शक्तियों को पृथक कर संचालक विपणन को दिये जाने का प्रावधान |
  6. पुरे प्रदेश मे एक लाईसेस से व्यापारियों को व्यापर करने का प्रावधान |
  7. ट्रेनिंग के लिए प्रावधान

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