मंगलवार, फ़रवरी 27, 2024
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भारत सरकार द्वारा कृषि बीमे के लिए चल रहीं योजनायें

भारत सरकार द्वारा कृषि बीमे के लिए चल रहीं योजनायें

क्या करें ˀ

  • प्राकृतिक जोखिम जैसे – प्राकृतिक आपदा / संकट, कीट, कृमि और रोग एवं विपरीत मौसम परिस्थितियों के विरुद्ध अपने आपको वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना |
  • अपने क्षेत्र में लागू उचित फसल बीमा योजना से लाभ उठाना |
  • इस समय प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई), मौसम आधारित फसल बीमा योजना (डब्लूबीसीआईएस), नारियल पाम बीमा योजना (सीपीआईएस) और 45 जिलों में पायलेट एकीकृत पैकेट बीमा योजना (यूपीआईएस) नामक 4 बीमा योजना कार्यन्वित की जा रही हैं |
  • यदि आप अधिसूचित फसलों के लिए फसल ऋण लेते हैं तो अपने आपको पीएमएफबीवाई / बीसीआईएस / सीपीआईएस / यूपीआईएस के अंतर्गत शामिल होना अनिवार्य है |
  • गैर ऋणी किसानों के लिए इसमें शामिल होना स्वैच्छिक है |
  • फसल बीमा योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने के लिए प्राप्त करने के लिए अपने क्षेत्र में राज्य के कृषि विभाग के अधिकारी / कार्यरत बैंक / पेक्स (पीएसीएस) अथवा फसल बीमा कम्पनी की निकटवर्ती शाखा से सम्पर्क करें |

क्या पायें ˀ

क्र.

योजनाएँ

सहायता

1.
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई)
  • राज्य द्वारा अधिसूचित खाद्ध फसलों, तिलहनों और वार्षिक बागवानी / वाणिज्यिक फसलों के लिए सुरक्षा बीमा |
  • सभी किसानों के लिए एक समान रूप में निर्धारित प्रीमियम :
  1. खरीफ मौसम में बीमित राशि का अधिकतम 2%
  2. रबी मौसम में बीमित राशि का अधिकतम 1.5 %
  3. वार्षिक वाणिज्यिक / बागवानी फसल में बीमित राशि का अधिकतम 5%
  • बीमांकिक प्रीमियम और किसानों द्वारा देय प्रीमियम दर के बीच अंतर केन्द्र और राज्य सरकारों द्वारा समान रूप से साझा किया जायेगा |
  • पूर्ण क्षतिपूर्ति बिना कटौती या कमी के |
  • यदि विपरीत मौसम / जलवायु के कारण बुवाई नहीं हो पाती है तो बुवाई / रोपण जोखिम के लिए बीमित राशि के 25% तक दावा / क्षतिपूर्ति देय होगी |
  • जब फसल उपज अधिसूचित फसल की गारंटीशुदा उपज से कम हो, तब सभी बीमित किसानों को क्षतिपूर्ति भुगतान स्तर उपज में कमी के अनुसार देय होगा |
  • यदि फसल के मध्य में ही 50%फसल की हानि हो जाती है तो तत्काल राहत के रूप में 25% तक संभावित दावों का भुगतान अग्रिम किया जायेगा |
  • बाढ़, ओलावृष्टि और भूस्खलन की की वजह से नुकसान का मूल्यांकन खेत स्तर पर किया जाएगा |
  • खेत में कटाई के उपरान्त खेत में सूखने हेतु रखी फसल यदि 14 दिनों के अन्दर चक्रवाती बारिश व बेमौसम बारिश के कारण खराब हो जाती है तो क्षतिपूर्ति का आंकलन खेत स्तर पर किया जायेगा |
  • दावों के त्वरित निपटन हेतु रिमोट सैंसिंग प्राधौगिकी और ड्रोन का प्रयोग किया जाएगा |
  •  बीमा कम्पनी का चयन राज्य सरकार द्वारा टेन्डर के माध्यम से किया जायेगा |
2.
मौसम आधारित फसल बीमा योजना (डब्लूबीसीआईएस)
  • राज्य द्वारा अधिसूचित खाद्ध फसलों, तिलहनों और बागवानी / वाणिज्यिक फसलों के लिए सुरक्षा बीमा योजना |
  • पीएमएफबीवाई के समान सभी किसानों के लिए निर्धारित प्रीमियम जैसे :-
  • 1.      खरीफ मौसम – बीमित राशि का अधिकतम 2%
  • 2.      रबी मौसम में बीमित राशि का अधिकतम 1.5 %
  • 3.      वार्षिक वाणिज्यिक / बागवानी फसल में बीमित राशि का अधिकतम 5%
  •  किसानों द्वारा देय वास्तविक प्रीमियम तथा बीमा के दर के बीच अंतर को केन्द्र एवं  राज्य सरकारों द्वारा समान रूप से साझा किया जायेगा |
  • यदि मौसम (वर्षा / तापमान / संबद्ध आद्रता / हवा की गति आदि) अधिसूचित फसलों के प्रत्याभूति गारंटी मौसम सूचि से भिन्न (कम अथवा अधिक) होते हैं, तब अधिसूचित क्षेत्रों के सभी बीमित किसानों के लिए भिन्नता / कमी के समतुल्य क्षतिपूर्ति भुगतान देय है |
  •  व्यक्तिगत फार्म स्तर पर ओलावृष्टि तथा फटने के कारण हानियों का आकलन करने का प्रवधान है |
  • बीमा कम्पनी का चयन राज्य सरकार द्वारा टेंडर के माध्यम से किया जायेगा |
3.
नारियल पं बीमा योजना (सीपीआईएस)
  • नारियल पं उत्पादों के लिए सुरक्षा बीमा |
  • प्रति पाम प्रीमियम दर रु. 9.00 (4 से 15 वर्ष की आयु सीमा में) व रु. 14.00 (16 से 60 वर्ष की आयु सीमा में)
  • सभी श्रेणी के किसानों को प्रीमियम में 50 से 75% की अनुदान (सब्सिडी) राशि दी जाती है |
  •  पाम फसल क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में अधिसूचित क्षेत्रों के सभी बीमित किसानों को क्षतिपूर्ति भुगतान, आदानों के मूल्य में नुकसान / क्षति के समतुल्य देय होता है|
4.
45 जिलों में पायलट के रूप में एकीकृत पैकेज बीमा योजना (यूपीआईएस)
  •  किसानों को वित्तीय संरक्षण एवं फसल, परिसंपति, जीवन तथा व्यापक जोखिम कवरेज प्रदान करने हेतु |
  • पायलट में सत खण्ड अर्थात फसल बीमा (पीएमएफबीवाई / डब्ल्यूबीसीआईएस), जीवन की हानि (पीएमजेजेबीवाई), दुर्घटना मृत्यु एवं विकलांगता, विधार्थी सुरक्षा, परिवार, कृषि उपकरण एवं ट्रैक्टर शामिल |
  • फसल बीमा की अनिवार्य किया जाएगा तथापि किसानों शेष में से कम से कम दो खण्ड का चुनाव कर सकते हैं |
  • किसान एक सामान्य प्रस्ताव / आवेदन प्रपत्र तथा एकल व्यवस्था के मध्यम से किसानों के लिए सभी आपेक्षित बीमा उत्पादों को प्राप्त कर सकते है |
  • बीमा परिसंपतियों के अलावा सरकार की दो फलैगशिप योजनाएँ यथा पीएमएसबीवाई एवं पीएमजेजेबीवाई को शामिल किया गया है |
  •  एकल व्यवस्था पटल के माध्यम से पायलट योजना को कार्यान्वित किया जाएगा |
  • व्यक्तिगत दावे रिपोर्ट के आधार पर दावों (फसल बीमा के अलावा) का प्रसंस्करण |
यह भी पढ़ें   किसान अधिक पैदावार के लिए इस तरह करें बाजरे की बुआई

किससे संपर्क करें ˀ

बैंक की नजदीकी शाखा / कृषि सहकारी समितियों / सहकारी बैंक / क्षेत्र के लिए अधिसूचित सामान्य बीमा कंपनी तथा जिला कृषि अधिकारी / खंड विकास अधिकारी से संपर्क स्थापित किया जा सकता है अथवा वैब पोर्टल www.agri-insurance.gov.in पर देखे जा सकते हैं |

निःशुल्क सहायता सेवा​: 1800-103-00​​​61

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