Thursday, December 1, 2022

हज़ारों किसानों को मौजूदगी में शुरू हुआ कृषि मेला एवं प्रदर्शनी, किसानों को मिली कई सिंचाई परियोजनाओं की सौगात

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कृषि मेला एवं प्रदर्शनी

किसानों को कृषि की नई-नई तकनीकों से अवगत कराने के लिए सरकार द्वारा समय-समय पर कृषि मेलों का आयोजन किया जाता है। ऐसे ही एक कृषि मेले एवं प्रदर्शनी का आयोजन मध्य प्रदेश के मुरैना ज़िले में किया जा रहा है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा मध्य प्रदेश शासन एवं जिला प्रशासन के सहयोग से मुरैना में 11 नवम्बर से 3 दिनी वृहद कृषि मेला एवं प्रदर्शनी का शुभारंभ मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री तथा क्षेत्रीय सांसद श्री नरेंद्र सिंह तोमर की अध्यक्षता में किया गया।

इस अवसर पर हजारों किसानों की मौजूदगी में 103 अमृत सरोवरों का लोकार्पण किया गया। डॉ. भीमराव आंबेडकर स्टेडियम में दिनभर विभिन्न प्रशिक्षण-सत्रों का आंगतुक किसानों ने लाभ लिया। 12 व 13 नवंबर को भी कई प्रशिक्षण-सत्र होंगे। वृहद मेले में मुरैना के साथ ही श्योपुर, ग्वालियर, भिंड, शिवपुरी, दतिया व आसपास के किसान बड़ी संख्या में शामिल हुए हैं।

चेंटीखेड़ा वृहद सिंचाई परियोजना को मिलेगी मंजूरी

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इस अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने बताया कि 539 करोड़ रु. की लागत से चेंटीखेड़ा वृहद सिंचाई परियोजना को राज्य सरकार स्वीकृत करने जा रही है, जिससे श्योपुर जिले के विजयपुर व मुरैना जिले के सबलगढ़ विधानसभा क्षेत्र के करीब 58 गांवों की 15300 हे. भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। यह परियोजना ग्राम चेंटीखेड़ी के समीप कुंवारी नदी पर प्रस्तावित है। 

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मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके अलावा टंटोली, बिजरौली, महेश्वरा, रिठाला व गुडाला स्टाप डेम एवं नवलपुरा, गोदावली व बरघना तालाब तथा बड़ौदा, पातालगढ़, पार्वती डेम, मूंजरी, सनघटा, बघेलरानी, कटेकरा, हरजनबसई, रानी बृंगवा, कनावर आदि सिंचाई योजनाओं पर भी काम करके किसानों के खेतों में पानी देने में म.प्र. सरकार कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेगी, ताकि किसानों की आय बढ़ सकें।

नरवाई पराली काटकर भूसा बनाने के लिए मशीन पर दिया जायेगा अनुदान

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक खेती लाभकारी है, जिसका प्रयोग किसानों को करना चाहिए, वहीं उन्होंने कहा कि नरवाई पराली काटकर भूसा बनाने के लिए मशीन खरीदने हेतु छोटे किसानों को 50 प्रतिशत राशि म.प्र. सरकार देगी। इसमें बड़े किसानों को 40 प्रतिशत सहायता राशि दी जाएगी। इससे खेत में पराली जलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, वहीं नौजवानों को रोजगार भी मिल जाएगा। कस्टम हायरिंग सेंटर से किराये पर भी मशीनें दी जाएगी।

कृषि मेला सह प्रदर्शनी में किसानों को दिया जायेगा प्रशिक्षण

इस अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री तोमर ने कहा कि यह सिर्फ किसानों का सम्मेलन नहीं है, बल्कि एक बड़ा प्रशिक्षण शिविर है, जिसमें तीन दिन, खेती को उन्नत खेती बनाने, खेती में टेक्नालाजी का उपयोग करने, महंगी फसलों की ओर जाने, बायोफर्टिलाइजर व ड्रोन टेक्नालाजी का उपयोग करने, सरसों की खेती को उन्नत बनाने, कम पानी में धान पैदा करने, दलहन व तिलहन की फसलों को और बढ़ाने, बागवानी के क्षेत्र को और विस्तृत करने आदि के लिए विभिन्न सत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। तीन दिन में लगभग 40 सत्र होंगे। 

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यहां प्रदर्शनी भी लगाई गई है, जिसमें खेती में काम आने वाले छोटे से लेकर बड़े तक सारे उपकरण प्रदर्शित है। श्री तोमर ने उम्मीद जताई कि यहां प्रशिक्षण से किसानों को काफी लाभ होगा और वे अपनी खेती को उन्नत खेती के रूप में तब्दील कर सकेंगे।

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