राजस्थान में कृषि यंत्र सब्सिडी पर लेने के लिए किसान भाई क्या करें

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कृषि यंत्र अनुदान वितरण कार्यक्रम

उत्‍पादन में आधुनिक कृषि यंत्रों के योगदान को दृष्टिगत रखते हुये कृषि यंत्र सब्सिडी राजस्थान 2018 योजना अनुमोदित कृषि यंत्रों को खरीदने पर कृषकों की श्रेणी के अनुसार 40 से 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है। जिसका लाभ किसान ले सकते हैं | किसान समाधान इस योजना की पूरी जानकारी लेकर आया है |

 योजना का लाभ लेने के लिए पात्रता

  • आवेदक के पास स्‍वयं के नाम से कृषि भूमि होना/अविभाजित परिवार की स्थिति में राजस्‍व रिकॉर्ड में आवेदक का नाम होना आवश्‍यक है।
  • समस्‍त श्रेणी के कृषकों को लाभान्वित किया जावेगा। अनुसूचित जाति/जनजाति, महिलाओं, बी.पी.एल., सीमान्‍त, लघु एवं अर्धमध्‍यम कृषकों को प्राथमिकता दी जायेगी। ‘’पहले आओ पहले पाओ’’ के आधार पर वरीयता निर्धारित कर पात्र कृषकों को अनुदान दिया जायेगा। ऐसे कृषकों को प्राथमिकता दी जायेगी, जिन्‍हें आज तक विभाग की किसी भी योजना में कोई लाभ नहीं दिया गया हो।
  • ट्रेक्‍टर चलित कृषि यंत्र हेतु अनुदान प्राप्‍त करने के लिये ट्रेक्‍टर का रजिस्‍ट्रेशन आवेदक के नाम से होना चाहिये।
  • एक कृषक को विभाग की किसी भी योजना में एक प्रकार के कृषि यंत्र (उदाहरणार्थ-सीड कम फर्टीलाईजर ड्रिल, प्‍लाउ, थ्रेसर इत्‍यादि) पर तीन वर्ष की कालावधि में केवल एक बार ही अनुदान देय होगा। एक कृषक को एक वित्‍तीय वर्ष में समस्‍त योजनाओं में अलग प्रकार के अधिकतम 3 कृषि यंत्रों पर अनुदान दिया जा सकेगा।

देय अनुदान

 

कृषकों को चिन्हित कृषि यंत्रों पर भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप निर्धारित सीमा तक अनुदान दिया जा सकता है। तीनों योजनाओं के अन्‍तर्गत योजनावार एवं यंत्रों की श्रेणीवार देय अनुदान 50 प्रतिशत तक है |

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आपूर्ति स्‍त्रोत

अधिकृत/पंजीकृत क्रय विक्रय सहकारी समिति/ग्राम सेवा सहकारी समिति अथवा राज्‍य के किसी भी जिले में पंजीकृत निर्माता/विक्रेता से कृषि यंत्र क्रय करने पर ही अनुदान देय होगा।

कृषि यंत्रों का क्रय

 हस्‍त चलित/बैल चलित/शक्ति चलित/ट्रेक्‍टर चलित कृषि यंत्रों का क्रय

कृषक किसी भी श्रेणी का यंत्र सम्‍बन्धित जिले के कृषि कार्यालय की लिखित सहमति के उपरान्‍त अधिकृत/पंजीकृत क्रय-विक्रय सहकारी समिति/ग्राम सेवा सहकारी समिति/निर्माता/विक्रेता से मोल भाव पश्‍चात् पूरी कीमत चुकाकर सीधे ही क्रय कर सकेंगें।

कृषक राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (दलहन) के अन्‍तर्गत लोकल इनिशियेटिव कार्यक्रम में अनुमोदित सीड स्‍टोरेज बिन्‍स तथा मूवेबल थ्रेसिंग फ्लोर की कुल लागत में से निर्धारित अनुदान राशि कम कर शेष का भुगतान कर अधिकृत/पंजीकृत क्रय-विक्रय सहकारी समिति/ग्राम सेवा सहकारी समिति से ऑफलाईन क्रय कर सकते हैं। लाभान्वित कृषकों की सूची एवं बिलों को सम्‍बन्धित जिला कार्यालयों में प्रस्‍तुत करने पर अनुदान राशि का भुगतान सम्‍बन्धित क्रय-विक्रय सहकारी/ग्राम सेवा सहकारी समिति को किया जावेगा।

अनुदान आवेदन हेतु समय सीमा

सम्‍बन्धित कृषक को यंत्र क्रय करने के उपरान्‍त यथाशीघ्र अनुदान हेतु आवेदन करना होगा तथापि कृषक सम्‍बन्धित वित्‍तीय वर्ष में अनुदान हेतु पात्र माना जायेगा।

 आवेदन प्रक्रिया

अनुदान प्राप्‍त करने के लिये अपने क्षेत्र में स्थित ई-मित्र कियोस्‍क पर निर्धारित/लागू शुल्‍क्‍, यदि कोई हो तो, जमा करवाकर समस्‍त आवश्‍यक दस्‍तावेजों की स्‍केन कॉपी सहित ऑनलाईन आवेदन करना अनिवार्य होगा। अनुदान हेतु पंजीकरण की पावती सम्‍बन्धित कियोस्‍क द्वारा कृषक को दी जायेगी। सभी श्रेणी के कृषि यंत्रों पर अनुदान के लिये आवेदन पत्र के साथ कृषक की स्‍व-हस्‍ताक्षरित बिल की प्रति, भामाशाह कार्ड/ आधार कार्ड की प्रति, अनुदान क्‍लेम विभाग के स्‍थानीय कर्मियों/अधिकारियों के द्वारा प्रमाणित होना, बचत खाते की पास बुक की फोटो प्रति तथा अन्‍य वांछनीय दस्‍तावेजों की स्‍केन प्रतियां लगाया जाना अनिवार्य है।यदि कृषक द्वारा यंत्रों का क्रय अन्‍य जिलों के पंजीकृत स्‍त्रोतों से किया गया है, तो कृषक के द्वारा उस जिले के पंजीकृत आपूर्ति स्‍त्रोत का प्रमाण अनुदान क्‍लेम के साथ प्रस्‍तुत करना होगा।

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 अनुदान का भुगतान

  • कृषकों के अनुदान क्‍लेम का भुगतान उनके बैंक खाते में ऑनलाईन ही देय होगा।
  • अन्‍य जिले के पंजीकृत स्‍त्रोत से कृषकों द्वारा सीधी खरीद के क्‍लेम का भुगतान उपरोक्‍त प्रक्रिया के अनुरूप ही किया जावेगा।
  •  पंजीकृत निर्माताओं/विक्रेताओं को सीधे अनुदान राशि का भुगतान नहीं किया जायेगा।

 कहां सम्पर्क करना होगा 

  •     ग्राम पंचायत स्तर पर :- कृषि पर्यवेक्षक
  •     पंचायत समिति स्तर पर :- सहायक कृषि अधिकारी
  •     उप जिला स्तर पर :- सहायक निदेशक कृषि (विस्तार) / उद्यान कृषि अधिकारी।
  •     जिला स्तर पर :- उप निदेशक कृषि (विस्तार) / उपनिदेशक उद्यान।

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