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सोमवार, दिसम्बर 8, 2025
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कृषि आयुक्त ने उन्नत खेती का किया निरीक्षण, किसानों के प्रयासों की सराहना

उन्नत कृषि तकनीकों के विस्तार और नवाचारों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से कृषि एवं उद्यानिकी आयुक्त सुश्री चिन्मयी गोपाल ने चित्तौड़गढ़ जिले के विभिन्न प्रगतिशील किसानों के खेतों का दौरा कर किसानों से प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर उन्होंने अन्य किसानों को भी खेतों का भ्रमण कराने के निर्देश दिए।

आज के समय में खेती से आमदनी बढ़ाने के लिए किसानों द्वारा नई तकनीकों का प्रयोग किया जा रहा है। इस कड़ी में राजस्थान की कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की आयुक्त चिन्मयी गोपाल ने 26 जुलाई के दिन चित्तौड़गढ़ जिले के विभिन्न प्रगतिशील कृषकों के खेतों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने आधुनिक खेती, फसल विविधीकरण, प्रसंस्करण इकाइयों एवं अन्य नवाचारों का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया तथा किसानों के प्रयासों की सराहना की।

निरीक्षण की शुरुआत सीताफल उत्कृष्टता केन्द्र, निम्बाहेड़ा रोड से हुई, जहां सुश्री गोपाल ने सीताफल बगीचों, शेडनेट हाउस, इन्सेक्ट नेट हाउस, हाई-टेक प्राइमरी नर्सरी एवं सीताफल प्रसंस्करण प्रयोगशाला का अवलोकन किया। उन्होंने प्रसंस्कृत उत्पादों की गुणवत्ता की प्रशंसा करते हुए क्षेत्रीय किसानों को भी प्रसंस्करण का प्रशिक्षण देकर अधिक लाभ दिलाने के निर्देश दिए।

किसान द्वारा की जा रही है बहुआयामी खेती

अपने दौरे के दौरान कृषि आयुक्त गांव सूरजखेड़ा के प्रगतिशील किसान गोपाललाल जाट के यहाँ गई। यहाँ उन्होंने किसान द्वारा खेत पर पालीहाउस, वर्मी कम्पोस्ट यूनिट, फार्म पॉण्ड, सब्जियों में मल्चिंग एवं सुपर नेपियर घास का निरीक्षण किया गया। उन्होंने किसान द्वारा की जा रही इस बहु आयामी कृषि प्रणाली की सराहना करते हुए इसे अन्य किसानों तक पहुंचाने हेतु निर्देशित किया।

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गुलाब की खेती और गुलकंद प्रसंस्करण यूनिट का किया अवलोकन

इसके बाद कृषि आयुक्त ने ग्राम चिकारड़ा में किसान रमेश्वरलाल खंडेलवाल द्वारा की जा रही गुलाब की खेती और गुलकंद प्रसंस्करण यूनिट का अवलोकन किया। जहां क्षेत्रीय किसानों से गुलाब क्रय कर गुलकंद, गुलाब जल और शरबत तैयार किया जाता है। आयुक्त महोदया ने उन्हें स्वयं का ब्रांड विकसित कर विपणन करने की प्रेरणा दी। इसी दौरान भदेसर निवासी मधुमक्खी पालक मोहनलाल खटीक द्वारा लाए गए शहद उत्पादों की भी सराहना की गई।

अन्य किसानों को भी दिखाए जाए फ़ार्म

प्रगतिशील किसानों द्वारा किए जा रहे प्रयासों को देखने के बाद कृषि आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे नवाचारों से युक्त फर्मों को अन्य किसानों को भी दिखाया जाए। इसके लिए भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किए जाए जिससे जैविक खेती, संसाधन-संवेदनशील उत्पादन, प्रसंस्करण व ब्रांडिंग जैसे पहलुओं से प्रेरणा लेकर आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कृषि क्षेत्र को नवाचार आधारित उद्योग का स्वरूप देने हेतु कटिबद्ध है, और इस दिशा में प्रगतिशील किसानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

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निरीक्षण के दौरान दिनेश कुमार जागा (संयुक्त निदेशक कृषि), डॉ. शंकरलाल जाट (उप निदेशक उद्यान), प्रेमचंद वर्मा (परियोजना निदेशक, आत्मा), डॉ. राजेन्द्र कुमार सामोता, रमेशचंद्र आमेटा, अंशु चौधरी, मुकेश कुमार धाकड़, डॉ. शिवांगी जोशी, नोविना शेखावत, दिनेश चंद्र झंवर सहित अनेक कृषि अधिकारी एवं पर्यवेक्षक उपस्थित रहे।

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