डेयरी योजना के हितग्राहियों को दिया गया 13.63 लाख रूपए का अनुदान

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डेयरी योजना के तहत अनुदान

देश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने एवं ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन के उद्देश्य से डेयरी विकास के लिए कई योजनाएँ चलाई जा रही हैं। जिसके तहत डेयरी की स्थापना के लिए सरकार द्वारा अनुदान दिया जाता है। इस कड़ी में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य में डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए डेयरी उद्यमिता विकास योजना चलाई जा रही है। जिसके तहत सरकार द्वारा लाभार्थी व्यक्तियों को डेयरी स्थापना के लिए अनुदान दिया जा रहा है। 

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने अपने निवास कार्यालय में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में इस योजना के तहत गौठानों में डेयरी स्थापित करने वाले 25 हितग्राहियों को 13 लाख 63 हजार 500 रूपए की अनुदान सहायता राशि उनके बैंक खातों में अंतरित की। 

डेयरी स्थापना के लिए कितना अनुदान दिया गया

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य में दुग्ध उत्पादन एवं डेयरी के व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना के तहत सामान्य वर्ग के हितग्राहियों को इकाई लागत का 50 प्रतिशत और अनुसूचित जनजाति तथा अनुसूचित जाति वर्ग के हितग्राहियों को दो तिहाई अनुदान दिया जा रहा है।

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गौरतलब है कि राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना वर्ष 2019 से संचालित की जा रही है। योजना में इच्छुक हितग्राहियों को उन्नत देसी नस्ल अथवा उच्च संकर नस्ल की दो दुधारू गाय अथवा भैंस देने का प्रावधान है। डेयरी इकाई की लागत 1 लाख 40 हजार रूपए है जिसमें सामान्य एवं अन्य पिछड़े वर्ग के हितग्राहियों को 70 हजार रुपए का अनुदान देने का प्रावधान है। योजना में अनुसूचित जाति एवं जनजाति के हितग्राहियों को 93 हजार 200 रूपए का अनुदान दिया जाता है। 

लाभार्थियों को निःशुल्क उपलब्ध होगा चारा

डेयरी उद्यमिता विकास योजना के जिन 25 हितग्राहियों को अनुदान की राशि प्रदान की, उनमें 7 हितग्राही भूमिहीन, 8 हितग्राही राजीव गांधी किसान न्याय योजना के लाभार्थी एवं 10 हितग्राही स्व सहायता समूह के सदस्यों के परिवार के हैं। गौठानों में डेयरी व्यवसाय प्रारंभ करने से हितग्राहियों के दुधारू पशुओं को हरा चारा, सूखा चारा की निःशुल्क उपलब्ध होगा, जिससे पशुपालन के व्यय में कमी आएगी और वह दूध एवं गोबर का विक्रय कर ज्यादा लाभ प्राप्त कर सकेंगे।

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