इन 18 जिलों के 12943 गांवो को किया गया आभावग्रस्त घोषित, 49 लाख किसानों को मिलेगा मुआवजा

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fasal kharab ka muabja rajasthan 2019

बाढ़ से खरीफ फसल नुकसानी का किसानों का मुआवजा

इस वर्ष अधिक का मानसून किसनों के लिए ज्यादा अच्छा नहीं रहा इसका कारण यह है की कहीं तो बहुत अधिक बारिश से फसल नुकसानी हुई तो कहीं सुखा ही रहा गया | इसमें सबसे अजीब यह रहा की कई राज्य ऐसे रहे जहाँ कुछ जिलों में बहुत अधिक बारिश से बाढ़ आ गई तो वहीँ कुछ जिले सूखे ही रह गए | दोनों ही परिस्थितयों में किसानों को ही नुकसान उठाना पढ़ा | अभी इसके लिए कई राज्यों में सर्वे का काम चल रहा था और कई राज्यों में यह सर्वे हो चूका है | परन्तु किसानों अभी तक फसल नुकसान का मुआवजा नहीं पहुंचा है | अभी राजस्थान के किसानों के लिए खबर आई है राजस्थान सरकार ने राजस्थान के 18 जिलों को अभावग्रस्त घोषित कर दिया है और इसके लिए केंद्र सरकार से मदद की मांग की है |

राजस्थान में बाढ़ ग्रस्त जिले

राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी कर राज्य के 18 जिलों के 12 हजार 943 गांवो को खरीफ फसल, 2019 में बाढ़ से खराबा होने पर अभावग्रस्त घोषित किया है।

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अधिसूचना के अनुसार अजमेर जिले के 154, बांसवाड़ा के 1 हजार 532, भीलवाड़ा के 748, बारां के 1 हजार 85 एवं बूंदी जिले के 689 गांव अभावग्रस्त घोषित किये गए है। इसी प्रकार चितौड़गड़ जिले के 1 हजार 306, धौलपुर के 57, डूंगरपुर के 1 हजार 11, झालावाड़ के 1 हजार 622, जोधपुर के 7, कोटा के 887 व करौली जिले के 20 गांवों को अभावग्रस्त घोषित किया गया। नागौर जिले के 49, पाली के 170, प्रतापगढ़ के 1 हजार 13, सवाईमाधोपुर के 17, टोंक के 580 व उदयपुर जिले के 1 हजार 996 गांवो को अभावग्रस्त घोषित किया गया। अधिसूचना के अनुसार अभावग्रस्त गावों में यह प्रावधान 31 दिसम्बर, 2019 तक लागू रहेंगे।

राष्ट्रीय आपदा राहत कोष से की 2645 करोड़ रुपये की मांग

राजस्थान सरकार ने प्रदेश में मानसून वर्षा के दौरान अत्याधिक भारी वर्षा/बाढ़ के कारण हुए नुकसान से राहत के लिए केन्द्र सरकार के राष्ट्रीय आपदा राहत कोष (एनडीआरएफ) से लगभग 2645 करोड़ रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराने की मांग की है। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने इसके लिए केन्द्र को भेजे जाने वाले ज्ञापन को स्वीकृति दे दी है। केन्द्र सरकार से फसलों को हुए नुकसान के मुआवजे के रूप में किसानों को कृषि आदान अनुदान देने के लिए करीब 1642 करोड़ रूपए और भूमि कटाव से हुए नुकसान के मुआवजे के लिए 369 करोड़ रुपए की मांग की गई है साथ ही सार्वजनिक निर्माण विभाग सहित अन्य विभागों की ओर से क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलों आदि की मरम्मत के लिए एसडीआरएफ के नियमों के तहत् लगभग 395 करोड़ रूपए मांगे गए हैं।

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ज्ञापन भेजने के बाद केन्द्र सरकार के सम्बन्धित विभाग के साथ समन्वय कर यह सहायता राशि जल्द जारी करवाने के प्रयास करें, ताकि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हुए लोगों को शीघ्र राहत एवं सहायता राशि उपलब्ध कराई जा सके। इस वर्ष मानसून के दौरान प्रदेश के अधिकांश जिले अत्यधिक वर्षा से प्रभावित रहे जहां विभिन्न आपदा राहत गतिविधियां चलाई गई। राज्य के 18 जिलों के 12,943 गांवों को अभावग्रस्त घोषित किया गया है। आपदा सेे 49 लाख से अधिक काश्तकार प्रभावित हुए हैं, जिनको कृषि आदान अनुदान राशि वितरित की जानी है।

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