गौशालाओं के लिए दी जाएगी 1100 करोड़ रुपये की सहायता

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goshala ke liye anudan

गौशाला हेतु अनुदान

देश में गौसंरक्षण, संवर्धन एवं बेसहारा गायों को आश्रय प्रदान करने के लिए राज्य सरकारों के द्वारा गौशलाओं के निर्माण पर अनुदान दिया जाता है। यह गौशाला पंचायत स्तर या तहसील स्तर पर बनाई जाती है, जिससे अधिक से अधिक गौवंश को सहारा दिया जा सके। इसके लिए सरकार योजना के तहत गौशाला के निर्माण एवं उसमें पशुओं के रख रखाव पर अनुदान देती है।

राजस्थान सरकार राज्य में गौसंरक्षण एवं संवर्धन निधि नियम-2016 के तहत गठित निधि के अन्तर्गत प्राप्त राजस्व में से गौशालाओं में आश्रय पा रहे गोवंश हेतु 1100 करोड रूपये की सहायता देगी। योजना के तहत राज्य सरकार ने पहली किश्त जारी कर दी है तथा योजना के अनुसार प्रति गोवंश अनुदान देने के लिए ऑनलाइन आवेदन माँगे हैं।

प्रति गोवंश दिया जाने वाला अनुदान

राजस्थान सरकार गौशालाओं को गोवंश के रख-रखाव के लिए एक वर्ष में 180 दिन तक सहायता राशि देती है | यह राशि 90–90 दिवस के दो चरणों में दिये जाने का प्रावधान है। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत द्वारा हाल ही में की गई घोषणा अनुरूप अब वर्ष में 6 की जगह 9 माह गौशालाओं को सरकारी अनुदान दिया जायेगा। जिसमें बड़े गोवंश हेतु 40 रुपए तथा छोटे गोवंश हेतु 20 रुपए प्रतिदिन प्रति गोवंश की दर से अनुदान दिया जाने का प्रावधान किया गया है।

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अभी तक कितना पैसा दिया गया है ?

राजस्थान के गोपालन विभाग के निदेशक डॉ. लाल सिंह ने बताया कि प्रथम किश्त के रूप में जारी 358 करोड़ रूपये की राशि में से 180 करोड़ रूपये का भुगतान गौशालाओं को किया जा चूका है। शेष गौशालाओं को भुगतान की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। माह अप्रैल से जुलाई 2022 की सहायता राशि के भुगतान हेतु ऑनलाइन आवेदन प्राप्त किये जा रहे हैं |

वित्त वर्ष 2020–21 में गौशालाओं को भरण–पोषण हेतु 565.48 करोड़ राशि की सहायता दी गई है। वित्त वर्ष 2021–22 में 624.80 करोड़ की सहायता राशि उपलब्ध करवाई गई तथा चालु वित्त वर्ष 2022–23 में प्रथम किश्त के रूप में 358.00 करोड़ की सहायता राशि जारी की जा चुकी है |  

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