Thursday, December 1, 2022

राष्ट्रीय कृषि बाज़ार (e-NAM) योजना

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राष्ट्रीय कृषि बाज़ार (e-NAM) योजना

क्या है राष्ट्रीय बाजार योजना :-

राष्ट्रीय कृषि बाज़ार एक अखिल भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स ट्रेडिंग पोर्टल है जिससे मौजूदा कृषि उपज विपणन समितियों (एपीऍमसी) और अन्य कृषि मंडियों के नेटवर्क से जोड़कर एक विशाल बाज़ार का निर्माण किया है I राष्ट्रीय कृषि बाज़ार कहने को तो वर्चुअल बाजार है, लेकिन यह किसी भी किसान/व्यापारी को देश की किसी भी कृषि मंडी में समान खरीदने व बेचने की सहूलियत देता है I

कृषि बाजार को राज्यों द्वारा उनके कृषि-व्यवसाय विनिमय द्वारा संचालित किया जाता है, जिसके अंतर्गत, राज्य को विभिन्न बाजार क्षेत्रों में बांटा जाता है, जिसमें से प्रत्येक का संचालन अलग-अलग कृषि उपज बाजार समिति (ए.पी.एम.सी), जो इसके अपने व्यवसाय विनिमय (शुल्क के साथ) को लागू करता है, के द्वारा किया जाता है। बाजारों का यह विखंडन, यहां तक कि राज्य के भीतर, एक बाजार से दूसरे बाजार में कृषि उपजो के आवागमन तथा कृषि-उत्पाद के अलग-अलग तरह से निपटान में बाधा पहुंचाता है और मंडी शुल्कों के अलग-अलग स्तर किसानों के अनुरूप लाभ के बिना उपभोक्ताओं के लिए कीमतें बढ़ते जाती है।

ऑनलाइन व्यापार मंच

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ई-नाम राज्य एवं राष्ट्रीय दोनों ही स्तर पर ऑनलाइन व्यापार मंच का निर्माण करके इन चुनौतियों को ध्यान दिलाता है, संपूर्ण एकीकृत बाजारों की प्रक्रियाओं को व्यवस्थित करने के लिए एकरूपता को प्रोत्साहित करता है, खरीददारों और विक्रेताओं के बीच की विषम जानकारी को हटाता है तथा वास्तविक मांग एवं आपूर्ति पर आधारित वास्तविक समय मूल्य की खोज को बढ़ावा देता है, नीलामी प्रक्रिया में पारदर्शिता को बढ़ावा देता है और अपनी उपज की गुणवत्ता वाले अनुरूप मूल्यों एवं ऑनलाइन भुगतान तथा बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पाद की उपलब्धता के जरिए किसान को राष्ट्रव्यापी बाजार की पहुँच प्राप्त करवाना और उपभोक्ता को अधिक उचित मूल्य पर उत्पाद उपलब्ध करवाना है।

राष्ट्रीय कृषि बाज़ार और मौजूदा मंडी व्यवस्था में अंतर :-

यह कोई दूसरा वैकल्पिक बाजार नहीं है बल्कि मौजूदा मंडियों को ही एक नेटवर्क में जोड़कर किसानों और कृषि व्यापारियों को आमने सामने कर देता है I यह तकनीकी के जरिये खरीदारों को देश की विभिन्न मंडियों से जोड़ता है जिससे खरीदार किसी दुसरे राज्य में बैठकर भी किसी अन्य राज्य की मंडी से समान का भाव पता कर सकता है और माल खरीद सकता है

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राष्ट्रीय कृषि बाज़ार कैसे काम करता है ?

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय कृषि बाज़ार का विकास किया जा रहा है I इसके लिए इन्टरनेट आधारित व्यापर पोर्टल विकसित किया गया है जो देश की सभी इछुक मंडियों को उपलब्ध कराया जा रहा है I इसके साथ कृषि उपज मंडी के कर्मचारियों व व्यापारियों के प्रशिक्षण आधारभूत सरंचना आदि के लिए वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है जिससे कृषि उपज मंडी इस व्यवस्था को प्रवाभशाली रूप से चला पाने में सक्षम हों I

राष्ट्रीय कृषि बाज़ार योजना से क्या लाभ है ?

राष्ट्रीय कृषि बाज़ार को ऐसी व्यवस्था के रूप में विकसित किया गया जिससे की इससे जुड़े हर वर्ग को लाभ मिल सके किसान को राष्ट्रीय कृषि बाज़ार के माध्यम से कृषि उत्पाद विक्रय में अधिक दाम मिलने की सम्भावना है I स्थानीय व्यापारियों को अपने ही प्रदेश के अन्य भागों में तथा अन्य राज्यों में कृषि उत्पाद खरीदने व बेचने का मौका मिलेगा I थोक व्यापारियों एवं मिल संचालकों को सीधे राष्ट्रीय कृषि बाज़ार के माध्यम से दूर स्थित मंडियों से कृषि उत्पाद खरीदने का मौका मिलेगा ग्राहकों को कृषि उपज आसानी से उपलब्ध होगी एवं मूल्य स्थिर रहेगा I बड़े पैमाने पर खरीद होने से गुणवत्ता सुनिश्चित होगी तथा बिक्री न होने के कारण उपज ख़राब नहीं होगी I

  1. शुरुआत में 24 उपजों जिनमें सेब,आलू,प्याज,हरी मटर, महुआ के फूल. साबुत अरहर, साबुत मूंग, साबुत मसूर, साबुत उड़द, गेंहू, मक्का, चना, बाजरा, जो, ज्वार, धान, अरंडी के बीज, सरसों, सोयाबीन, मूंगफली, कपास, जीरा, लाल मिर्च, और हल्दी शामिल है I
  2. 14 अप्रैल 2016 को यह नेटवर्क 8 राज्यों की 21 मंडियों में लागू हुआ और अब  तक 250 मंदिय्या इससे जुड़ चुकी है I हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, उत्तरप्रदेश एवं झारखण्ड को राष्ट्रीय कृषि बाज़ार से जुड़ने की मंजूरी दे दी है I
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ई-नाम के उद्देश्य

  • विनियमित बाजार में पारदर्शी विक्रय सुविधा और मूल्य खोज के लिए राष्ट्रीय ई-बाजार मंच प्रारंभ से ही है। अपनी राज्य कृषि विपणन बोर्ड/ए.पी.एम.सी के द्वारा ई-व्यापार के विज्ञापन के लिए इच्छुक राज्य अपनी ए.पी.एम.सी अधिनियम में तदनुसार उपयुक्त प्रावधानों को पूरा करते हैं।
  • बाजार यार्ड में भौतिक उपस्थिति या दुकान / परिसर के कब्जे के किसी पूर्व शर्त के बिना राज्य के अधिकारियों द्वारा व्यापारियों / खरीदारों और कमीशन एजेंटों की लिबरल लाइसेंस।
  • व्यापारी का एक लाइसेंस राज्य भर के सभी बाजारों में मान्य रहेगा।
  • कृषि उपज की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप और खरीददारों द्वारा सूचित बोली सक्षम करने के लिए प्रत्येक बाजार में परख करने की क्रिया के लिए (गुणवत्ता परीक्षण) मूलभूत सुविधाओ का प्रावधान। सामान्य व्यापार के लिए गुणवतियो को अब तक 25 उपजो के लिए विकसित किया गया है।
  • बाजार शुल्क एकत्र करने के एक स्तर, अर्थात् किसान के पहले थोक खरीद पर।
  • किसानों का दौरा सुविधा के लिए मंडी में ही इस सुविधा का उपयोग करने के लिए चयनित मंडी में/ या नजदीक मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाओं का प्रावधान। सुश्री नागार्जुन फर्टलाइजर्स और केमिकल्स लिमिटेड रणनीतिक साथी (एस.पी) है, जो विकास, परिचालन और प्लेटफॉर्म का रखरखान करने के लिए जिम्मेदार है। रणनीतिक साथी की मुख्य भूमिका बहुत ही व्यापक है और इसमें सॉफ्टवेयर बनाना, ई-नाम के साथ एकीकृत होने के इच्छुक राज्यों में मंडियों की विशिष्ट आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए इसे अनुकूल बनाना और मंच पर चलाना शामिल है।

 

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