गेंहू की बुआई से पहले भूमि और बीज बुआई के बारे में जरुर जाने

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गेंहू की बुआई से पहले भूमि और बीज बुआई के बारे में जरुर जाने

भूमि की तैयारी – एक गहरा हल चलाने के बाद देसी हल से 1 – 2 बार जुताई करें ताकि खेत अच्छी तरह से तैयार हो जाए | मिटटी के ढेलों को अच्छी तरह तोड़ देना चाहिए | विभिन्न प्रकार की मृदाओं में भूमि की तैयारी निम्नानुसार करनी चाहिए |

हल्की मिटटी :-

  • सबसे अच्छे गेंहू उत्पादक क्षेत्र वो है जंहा ठंडा और सुखा मौसम फसल के समय रहता है |
  • गर्म व नमी युकत क्षेत्र इस फसल के लिए उपयुक्त नहीं हैं |
  • रेतीली चिकनी मिटटी सबसे उपयुक्त मिटटी है |
  • एक बार गहरी जुताई करें और फिर दो बार बखर चलकर भूमि को भुरभुराकर लें |
  • हर साल खेत को दो या तिन बार बखर चलाकर भुर भुराकर लें और पट्टा या लेवलर लगाकर भूमि को समतल कर लें |

मध्यम मिटटी :-

  • दो से तिन साल में दो बार गहरी जुताई करके मिटटी पलटाना चाहिए फिर दो से तिन बखर चलाकर भूमि को भुरभुराकर ले और हर साल भूमि को समतल कर ले |
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भारी मिटटी :-

  • चिकनी मिट्टी सबसे उपयुक्त मिटटी है |
  • दो बार गहरी जुताई करके मिट्टी पलटाना चाहिए फिर दो से तिन बखर चलाकर भूमि को भुरभुरा कर लें भूमि को समतल कर लें |
  • असिंचित अवस्था में मिट्टी की नमी को सुरक्षित करने के लिए उपयुक्त उपाय करना चाहिए और भुमी को भुरभुरा करने के बाद खेत को समतल कर लें |

बुआई का तरीका :-

गेंहू की बीजाई 22 से.मी. दूरी की कतारों में की जाती है | बीज को 5 से.मी. से अधिक गहरा नहीं डालना चाहिए |

बीज दर :-

  • पंक्ति बोनी के लिए बीज दर 90 – 100 कि.ग्रा. / हैक्टेयर है |
  • सीडड्रिल से बोनी के लिए 80 – 100 की प्रति हैक्टेयर है |
  • गडढे बनाकर बोनी के लिए बीज दर 25 30 कि.ग्रा. प्रति हैक्टेयर है |
  • असिंचित किस्मों के लिए उपयुक्त बीज दर 100 कि.ग्रा. प्रति हैक्टेयर है |
  • असिंचित देर से बोई किस्मो के लिए उपयुक्त बीज दर 125 कि.ग्रा. प्रति हैक्टेयर है |
  • सिंचित किस्मों के लिए उपयुक्त बीज दर 100 कि.ग्रा. प्रति हैक्टेयर है |
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